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इंडस्ट्री में छाया मातम, मां बनने के 15 दिन बाद हुई मशहूर एक्ट्रेस मौ;त,नाम चौंका देगा

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एक शादीशुदा अभिनेता के साथ घर बसाया। 31 साल की उम्र में मां बनीं। सिर्फ 15 दिनों में उनकी दुनिया बिखर गई। मौत ने एक मासूम बच्चे से मां का प्यार छीन लिया। अभिनेत्री की मौत के साथ ही मातृत्व की खुशी मातम में बदल गई। फिर वह दुल्हन के जोड़े में इस दुनिया से विदा हो गईं। हां, उसी घर में जहां सिर्फ 15 दिन पहले हंसी गूंज रही थी, अचानक मौत का सन्नाटा छा गया। जिस मां ने अपने बेटे को जन्म देकर जीवन का सबसे बड़ा सुख हासिल किया था, वह अपने नन्हे-मुन्ने को 15 दिन भी मां का प्यार नहीं दे सकी। हम बात कर रहे हैं.

अपने समय की एक बेहद शानदार अभिनेत्री स्मिता पाटिल की। वही स्मिता पाटिल जिन्होंने अपनी अदाकारी से हिंदी सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई। जिनकी आंखों में गहराई थी। उनके अभिनय में सच्चाई थी और उनके किरदार पर्दे पर जीवंत हो उठते थे। लेकिन उसी स्मिता की छोटी सी जिंदगी का एक हिस्सा दुख, दर्द और पीड़ा से भरा था। जिसे याद करके आज भी लोग कांप उठते हैं। 17 अक्टूबर 1955 को जन्मी स्मिता पाटिल ने सिर्फ 31 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया।

28 नवंबर 1986 को उन्होंने अपने बेटे प्रतीक बब्बर को जन्म दिया। मातृत्व की खुशी अभी ताजा ही थी कि सिर्फ 15 दिन बाद, 31 दिसंबर 1986 को स्मिता का निधन हो गया। जिस उम्र में एक मां अपने बच्चे को पहला कदम उठाते, बोलते और जीवन की मंजिलों को पार करते देखना चाहती है, प्रतीक के सिर से मां का साया उठ गया, और राज बब्बर के परिवार की खुशी अचानक गहरे दुख में बदल गई। दरअसल, स्मिता पाटिल की मौत प्रसव के बाद की चिकित्सीय जटिलताओं के कारण हुई थी। कहा जाता है कि स्मिता की मौत प्रसवोत्तर संक्रमण, यानी बच्चे के जन्म के बाद होने वाले गंभीर संक्रमण के कारण हुई थी। हालांकि, स्मिता के करीबी कहते हैं कि अपने आखिरी दिनों में वह अकेलेपन और निराशा से जूझ रही थीं। यही कारण था कि वह प्रसव के बाद ठीक नहीं हो पाईं। और इस निराशा का कारण समाज से मिलने वाली नफरत थी जो उन्हें राज बब्बर से शादी के बाद मिल रही थी। दरअसल, जब राज बब्बर ने स्मिता पाटिल से शादी की थी, तब वह न केवल पहले से शादीशुदा थे बल्कि दो बच्चों के पिता भी थे। इसके बावजूद, स्मिता राज से दिल की गहराइयों से प्यार करती थीं। यही कारण है कि दोनों ने किसी की परवाह किए बिना शादी कर ली। हालांकि, इस शादी ने स्मिता की जिंदगी में तूफान ला दिया।

उन्हें घर तोड़ने वाली और “दूसरी औरत” कहकर ताने मारे गए। कहीं न कहीं, स्मिता इस नफरत से निराश हो गई थीं। शादी के कुछ समय बाद ही स्मिता की जिंदगी में खुशी तब आई जब उन्हें पता चला कि वह मां बनने वाली हैं। 28 नवंबर 1986 को उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया जिसका नाम प्रतीक रखा गया। कहा जाता है कि प्रतीक के जन्म के बाद स्मिता काफी कमजोर हो गई थीं। रिपोर्ट्स बताती हैं कि उन्हें बुखार रहता था। जिस दिन उनका निधन हुआ, उस दिन भी उन्हें बुखार था। डॉक्टर उनसे मिलने आए। ड्रिप लगाई गई और उन्हें आराम करने की सलाह दी गई।

जैसे-जैसे दिन बीतता गया, स्मिता को बेचैनी होने लगी। उन्होंने अपनी दोस्त पूनम ढिल्लों से फोन पर बात भी की। उस दिन, राज बब्बर का एक कार्यक्रम भी था, जहां स्मिता उनके साथ जाना चाहती थीं। लेकिन राज ने स्मिता की खराब सेहत के कारण उन्हें ले जाने से मना कर दिया। क्योंकि शायद किस्मत को उस दिन कुछ और ही मंजूर था। उसी शाम, स्मिता की हालत काफी बिगड़ गई। उनका चेहरा पीला पड़ गया था। उन्हें खून की उल्टियां होने लगी थीं। यह देखकर राज बब्बर घबरा गए।

जल्दी में डॉक्टर से संपर्क किया गया और स्मिता को अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई। लेकिन स्मिता अपने नन्हे बच्चे को छोड़कर अस्पताल नहीं जाना चाहती थीं। अपने बच्चे से दूर होने के ख्याल से ही वह परेशान थीं। हालांकि, उन्हें किसी तरह मनाकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। स्मिता कोमा में चली गई थीं। उनके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन असफल रहे। सिर्फ 31 साल की उम्र में स्मिता पाटिल का निधन हो गया। कहा जाता है कि स्मिता पाटिल की आखिरी इच्छा के अनुसार, उनकी अंतिम विदाई के लिए उन्हें दुल्हन की तरह सजाया गया था।

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