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गोविंदा को लेकर ये क्या बोल गई सुनीता आहूजा?

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जानवरों से प्यार करो। इंसानों से नहीं। धोखेबाज होते हैं इंसान। इंसान लोगों को जितना भी प्यार करो ना फायदा नहीं है। धोखा ही देते हैं। इनको प्यार करो। देखो हमेशा चिपके रहते हैं। हां। इंसानों से अच्छे तो जानवर होते हैं भाई। दोस्तों बॉलीवुड के हीरो नंबर वन यानी गोविंदा और उनकी फिल्मों की मशहूर को-स्टार कोमल रानी एक बार फिर मीडिया और सोशल मीडिया की सबसे बड़ी हेडलाइंस में आ चुके हैं। बुधवार के दिन जब पूरा मुंबई शहर गणपति बप्पा की भक्ति में डूबा हुआ था। ठीक उसी वक्त गोविंदा और कोमल रानी को मुंबई के सबसे फेमस और आस्था के केंद्र यानी लाल बागचा राजा के दरबार में एक साथ बप्पा के दर्शन करते हुए देखा गया। जैसे ही गोविंदा और कोमल रानी की फोटो और वीडियो इंटरनेट पर सामने आई, सोशल मीडिया पर मानो भूचाल आ गया। वीडियो आग की तरह वायरल होने लगा। लेकिन इन फोटोस के सामने आते ही एक ऐसे तीखे सवाल ने पूरे इंटरनेट पर खलबली मचा दी। जिसने हर किसी के होश उड़ा दिए। क्या 62 साल के गोविंदा ने अपनी ही कोस्टार कोमल रानी के साथ गुपचुप शादी रचा ली है? क्या सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में दिख रहा वो लाल रंग वाकई कोमल रानी की मांग का सिंदूर है?

आखिर क्या है लाल बागचा राजा के दरबार में घटे इस बड़े ड्रामे का पूरा कड़वा सच वहिनी ओ वहिनी वाला वहिनी दरअसल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कुछ तस्वीरों और वीडियो क्लिप्स में यूज़र्स ने यह क्लेम करना शुरू कर दिया कि कोमल रानी के माथे और मांग के हिस्से पर लाल रंग का सिंदूर साफ नजर आ रहा है। फिर क्या था दोस्तों? इंटरनेट पर लोग तरह-तरह के सवाल खड़े करने लगे और यह बातें तेजी से फैलने लगी कि क्या गोविंदा और कोमल रानी के गुप्त रिश्ते को लेकर अब तक जो बातें और अफवाहें मीडिया में आ रही थी वह वाकई सच साबित हो चुकी हैं। दरअसल दोस्तों कोमल रानी लालबागचा राजा के दर्शन के लिए गोविंदा के साथ ही पहुंची थी। इस दौरान वो बेहद खूबसूरत लाल और पीले रंग के पारंपरिक एथेनिक कपड़े में नजर आई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कोमल रानी बड़े ही श्रद्धा भाव से बप्पा के सामने पूजा अर्चना कर रही हैं और भगवान गणेश के चरणों में अपना सिर झुकाकर उनका आशीर्वाद ले रही है और इसी पूजा की रस्म के दौरान ही उनके माथे पर वह लाल रंग यानी कुमकुम लगाया गया था। खास बात तो यह है दोस्तों कि सिर्फ कोमल रानी के माथे पर ही नहीं बल्कि गोविंदा और उनके साथ मौजूद बाकी तमाम भक्तों और लोगों के माथे पर भी दर्शन के दौरान वही लाल रंग लगा हुआ नजर आ रहा था। दरअसल जब श्रद्धालुओं ने लाल बागचा राजा की विशाल मूर्ति के चरणों में अपना सिर झुकाया तो बप्पा के चरणों में लगा हुआ सिंदूर और कुमकुम उनके माथे पर लग गया।

ऐसे में वायरल फोटोज में नजर आ रहा वह तथाकथित सिंदूर असल में किसी गुप्त शादी का सबूत नहीं बल्कि गणेश पूजन की पवित्र रस्म का एक धार्मिक हिस्सा था। लेकिन दोस्तों, गोविंदा और कोमल रानी की यह मुलाकात और एक साथ लालबागचा राजा के दरबार में पहुंचना एक ऐसे नाजुक समय पर हुआ है जब यह दोनों पहले से ही गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा के तीखे आरोपों के घेरे में आ चुके हैं। आपको याद ही होगा कि कुछ ही समय पहले सुनीता आूजा ने मीडिया में खुलेआम यह संगीन आरोप लगाया था कि गोविंदा और कोमल रानी के बीच साधारण दोस्ती नहीं बल्कि एक रोमांटिक और सीक्रेट रिश्ता चल रहा है। सुनीता आहूजा ने गुस्से में यहां तक कह दिया था 62 साल के गोविंदा को अपनी बेटी की उम्र की महिला के साथ इस तरह घूमते फिरते हुए शर्म आनी चाहिए। सुनीता आूजा के इन इतने बड़े और गंभीर आरोपों के बीचोंबीच गोविंदा और कोमल रानी का इस तरह एक साथ लाल बागचा राजा के दरबार में बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचना सोशल मीडिया और बॉलीवुड के गलियारों में एक नया और सुलगता हुआ मुद्दा बन चुका है। लोग कह रहे हैं कि जब घर में इतना बड़ा विवाद चल रहा हो तब इस तरह खुलेआम एक साथ घूमना। क्या सुनीता आूजा के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा नहीं है? दोस्तों, आपकी इस पूरे सनसनीखेज ड्रामे पर क्या राय है? क्या आपको लगता है कि गोविंदा और कोमल रानी सिर्फ अच्छे दोस्त हैं या फिर सुनीता आहूजा के आरोपों में वाकई कोई सच्चाई है? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय लिखना बिल्कुल ना भूलें। जानवरों से प्यार करो। इंसानों से नहीं। धोखेबाज होते हैं इंसान। इंसान लोगों को जितना भी प्यार करो ना फायदा नहीं है। धोखा ही देते हैं। इनको प्यार करो। देखो हमेशा चिपके रहते हैं। लेकिन दोस्तों यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती। लाल बागचा राजा के दरबार से गोविंदा और कोमल रानी की वह तस्वीरें वायरल क्या हुई? सुनीता आहूजा के गुस्से का ज्वालामुखी एक बार फिर पूरी ताकत से फट पड़ा। जैसे ही गोविंदा अपनी कोस्टार कोमल रानी के साथ बप्पा के दर्शन करके बाहर निकले। उधर मीडिया और पपराजी ने जब सुनीता आूजा को घेरा और इस लालबाग वाली मुलाकात पर सवाल पूछा तो सुनीता आहूजा ने बिना कोई लाग लपेट के सीधे गोविंदा पर निशाना साध दिया। पपरा के कैमरों के सामने आकर सुनीता आूजा ने ऐसा कड़वा, तीखा और दिल चीर देने वाला बयान दे दिया जिसने हर किसी को आज सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या कि वाकई सुनीता आहूजा के नजरों में आज गोविंदा किसी जानवर से कम नहीं है। सुनीता आूजा ने बेहद भरे हुए और गुस्से भरे अंदाज में कहा कि अगर प्यार ही करना है

तो इंसानों से नहीं बल्कि बेजुबान जानवरों से प्यार करो क्योंकि इंसान धोखेबाज होते हैं। सुनीता आूजा के इस एक बयान ने साफ कर दिया कि गोविंदा और कोमल रानी की लालबाग वाली तस्वीरों ने उनके जख्मों को कितना हरा कर दिया है। इंसान धोखेबाज होते हैं। सुनीता आहूजा का सीधे तौर पर गोविंदा को निशाने पर रखकर यह बात कहना इस बात का सबूत है कि उनके 40 साल पुराने शादीशुदा रिश्ते में वफादारी और भरोसे की दीवारें पूरी तरह ढह चुकी हैं। 62 साल के गोविंदा की अपनी कोस्टार के साथ बढ़ती करीबियों और बप्पा के दर पर एक साथ दर्शन करने की इस ज़िद ने सुनीता आहूजा को इस कदर तोड़ दिया है कि अब वो मीडिया के सामने आकर खुलेआम अपने पति को धोखेबाज कहने से भी नहीं कतरा रही है। एक तरफ कोमल रानी के माथे पर लगा वह लाल रंग और दूसरी तरफ सुनीता आहूजा का यह कड़वा तंज। क्या यह बयान इस बात का इशारा है कि अब गोविंदा और सुनीता के रिश्ते में सुलह की तमाम गुंजाइशें हमेशा हमेशा के लिए खत्म हो चुकी हैं? सुनीता आूजा के इस जानवरों से प्यार करो। इंसान धोखेबाज होते हैं। वाले सनसनीखेज बयान पर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि सुनीता आहूजा का यह दर्द और गुस्सा बिल्कुल जायज है? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर लिखें। मैं तो नाच गा के लेके आई हूं गणपति इस बार खुद ही ले आई पहली बार। नहीं तो गोविंदा जी लेके आते या यशवर्धन लेके आते। लेकिन मैंने एक साल में मुझे बप्पा ने बहुत नाम वाम दिए। मुझे काम मैंने किया। मेरा खूब अच्छा हुआ है। तो मैंने बोला था मैं इस बार आऊंगी तो खुद अपने हाथों से गणेश जी को लेके आऊंगी। नाच गा के और नाच गा के लेके आई मैं। पिछले कुछ महीनों में मीडिया और कोर्ट के गलियारों से ऐसी सनसनीखेज खबरें सामने आई कि गोविंदा और सुनीता आहूजा का करीब 40 साल पुराना रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच चुका था। यहां तक कि खबरें तो यह भी आई कि सुनीता आहूजा ने बांद्रा के फैमिली कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और गोविंदा के खिलाफ तलाक की अर्जी तक दाखिल कर दी थी।

पूरे बॉलीवुड और सोशल मीडिया पर यह अफवाह आग की तरह फैल गई कि गोविंदा और सुनीता के बीच अलग होने की नौबत आ चुकी है। सुनीता ने सार्वजनिक रूप से कई तरह के गंभीर आरोप लगाए तो वहीं गोविंदा ने भी सामने आकर मीडिया में कहा कि उनके खिलाफ एक बड़ी साजिश रची जा रही है और उनके सीधेपन का फायदा उठाया जा रहा है। फैंस यह सोचकर हैरान थे कि जिस जोड़ी की मिसाल पूरे बॉलीवुड में दी जाती थी, क्या वे वाकई 40 साल बाद एक दूसरे से हमेशा के लिए अलग होने जा रहे हैं? इस तलाक के ड्रामे में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब हाल ही में सुनीता आहूजा अपने बेटे यशवर्धन के साथ फैमिली कोर्ट के बाहर स्पॉट हुई। और खबर आई कि सुनीता आूजा ने अपनी वह तलाक की याचिका यानी कि डिवोर्स पिटीशन वापस ले ली है। यानी उन्होंने अपने तलाक के फैसले पर फिलहाल विराम लगा दिया है और केस वापस खींच लिया है। लेकिन दोस्तों भले ही कोर्ट में केस वापस ले लिया गया हो और दोनों एक ही घर में रह रहे हो लेकिन अंदरूनी कड़वाहट अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। आपकी इस पूरे मामले पर क्या राय है? क्या आपको लगता है कि सुनीता आूजा का तलाक केस वापस लेना सही था? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में लिखना बिल्कुल ना भूलें। अगर आपको बॉलीवुड बायोटाइ की यह रिपोर्ट पसंद आई हो तो वीडियो को एक लाइक जरूर करें और हमारे चैनल बॉलीवुड बायोटाइ को अभी तुरंत सब्सक्राइब कर लें। देखते रहिए बॉलीवुड बायोटाइ। धन्यवाद नमस्कार। ओ वहिनी वाला वहिनी जिंदाबाद

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