जिस सुपरस्टार की एक मुस्कान पर लाखों लोग अपनी जान छिड़का करते थे। जिसके फिल्मों के लिए सिनेमाघरों के बाहर लंबी-लंबी लाइन लगा करती थी और जिसकी एक झलक पाने के लिए फैंस घंटों इंतजार किया करते थे। उसी सुपरस्टार की जिंदगी का आखिरी दिन इतना दर्दनाक होगा किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। एक ऐसा सितारा जो दूसरों को हंसाता था, लोगों को जिंदगी जीने की वजह देता था, अपने फिटनेस का भरपूर ख्याल भी रखता था। लेकिन अचानक उसकी जिंदगी की कहानी हमेशा के लिए खत्म हो गई। सबसे दर्दनाक बात तो यह थी कि उसके परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पत्नी की मांग से सिंदूर उजड़ गया। बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया और लाखों करोड़ों फैंस का चहेता उनका अपना अप्पू हमेशा के लिए उनसे दूर चला गया। लेकिन अब इस सुपरस्टार के आखिरी पलों को लेकर डॉक्टर के बयान ने एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। और तो और डॉक्टर की जुबानी सामने आई सुपरस्टार के आखिरी पलों की कहानी किसी के भी दिल को झकझोड़ सकती है। तो दोस्तों, हम बात कर रहे हैं कन्नड़ सिनेमा के सुपरस्टार पुनीत राजकुमार की जिन्हें उनके चाहने वाले प्यार से अप्पू और पावर स्टार कहते थे।
पुनीत राजकुमार के आखिरी घंटों को याद करते हुए उनके डॉक्टर रमना राव ने जो बातें बताई हैं, उन्होंने एक बार फिर से लोगों की आंखें नम कर दी हैं। डॉक्टर के मुताबिक उस दिन पुनीत ने जिम में लगभग डेढ़ घंटे तक किक बॉक्सिंग की थी। बताया गया कि एक्सरसाइज उन्होंने पहली बार की थी।
इसके बाद जब वह डॉक्टर के क्लीनिक पहुंचे तो उनकी बॉडी से बहुत ज्यादा पसीना निकल रहा था और वह काफी थके हुए भी दिखाई दे रहे थे। डॉक्टर को उनकी हालत पहले सामान्य नहीं लगी और फिर उन्होंने तुरंत ईसीजी किया जिसमें दिल पर प्रेशर पड़ने के संकेत दिखाई दिए। डॉक्टर रमना राव ने बताया कि उन्होंने पुनीत को मेडिसिन दी और बिना देर किए अस्पताल ले जाने की व्यवस्था भी की। लेकिन सबसे दिल तोड़ने वाली बात यह थी कि पुनीत उस समय तक अपने आसपास के लोगों से बात कर रहे थे। उन्हें हॉस्पिटल ले जाया जा रहा था। उनकी पत्नी अश्विनी भी उस वक्त उनके साथ थी। डॉक्टर ने अश्विनी को गोद में सिर रखकर आराम रखने को कहा था और गाड़ी तेजी से अस्पताल की तरफ बढ़ रही थी। लेकिन किसे पता था कि जिंदगी से भरपूर इस इंसान के लिए यह सफर इतना छोटा रहने वाला है।
डॉक्टर्स के मुताबिक अस्पताल पहुंचने से महज 1 मिनट पहले पुनीत की धड़कन रुक गई। अस्पताल पहुंचने पर मेडिकल टीम ने उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉक्टर ने भावुक होकर कहा है कि पुनीत को खोना उनके लिए अपने बेटे के जैसा खोना है। यही वजह है कि इस पूरे घटनाक्रम को याद करना आज भी उनके लिए बेहद दर्दनाक है। अब आप जरा उस इंसान की जिंदगी को भी करीब से समझिए जिसने इतनी कम उम्र में करोड़ों लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई थी। 17 मार्च 1975 को जन्मे पुनीत राजकुमार मशहूर अभिनेता डॉ. राजकुमार के सबसे छोटे बेटे थे।
उनका जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ जिसने कन्नड़ सिनेमा को कई यादगार स्टार्स दिए। लेकिन पुनीत की पहचान सिर्फ एक बड़े फिल्मी परिवार के बेटे के तौर पर नहीं बनी थी। उन्होंने अपने काम, अपनी मेहनत और अपने व्यवहार से एक अलग पहचान बनाई थी। पुनीत ने बचपन में ही फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट उन्होंने अपनी एक्टिंग का परिचय दिया और बाद में बड़े होकर मेन हीरो के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनकी फिल्म अप्पू ने उन्हें जबरदस्त पॉपुलैरिटी दिलाई थी। इसके बाद अभी आकाश, मिलना, जैकी, पावर, राजकुमारा और युवरत्ना जैसी फिल्मों ने उन्हें कन्नड़ सिनेमा के सबसे पॉपुलर स्टार्स में भी शामिल कर दिया था। उनकी फिल्मों में एक्शन हुआ करता था, रोमांस था, परिवार का प्यार था और आम लोगों से जुड़ी फीलिंग्स भी थी। पुनीत सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे। वह सिंगर, प्रोड्यूसर और टीवी होस्ट भी थे।
उन्होंने अपने प्रोडक्शन बैनर के जरिए कई नए कलाकारों और अच्छी कहानियों को मौका देने की कोशिश की थी। वहीं उनकी सबसे बड़ी खासियत यह थी कि पर्दे पर सुपरस्टार होने के बावजूद वो अपनी जमीन से जुड़े इंसान के रूप में पहचाने जाते थे। लेकिन कैमरे की चमक से दूर पुनीत की जिंदगी का सबसे खूबसूरत हिस्सा उनका परिवार था। उनकी पत्नी अश्विनी रेवंत और उनकी दो बेटियां दृष्टि और वंदिता उनकी दुनिया का अहम हिस्सा थी। पुनीत और अश्विनी का रिश्ता सिर्फ पति-पत्नी का रिश्ता ही नहीं था बल्कि लंबे समय से साथ निभाने वाले दो लोगों का साथ था। दोनों ने अपनी जिंदगी के कई अहम पड़ाव एक साथ देखे थे।
पुनीत की जिंदगी में काम कितना भी व्यस्त क्यों ना रहा हो उनके परिवार काेंस हमेशा उनके लिए वैसे ही बना रहा और फिर एक ऐसा दिन आया जब इस परिवार की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। जिस घर में पिता की हंसी गूंजती थी, वहां अचानक से एक ऐसा खालीपन आ गया जिससे कोई भी भर नहीं सकता था। जरा सोचिए कि उन बेटियों पर क्या गुजरी होगी, जिनके लिए पिता सिर्फ एक मशहूर एक्टर नहीं बल्कि उनका पूरा सहारा उनकी ताकत और उनकी दुनिया हुआ करता था। अश्विनी के लिए भी एक ऐसा दुख था जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं है।
जीवनसाथी का अचानक दुनिया से चले जाना और उसके बाद बच्चों को अकेले संभालना, अपने दुख के बीच परिवार के लिए मजबूत बने रहना यह सब मुश्किल रहा होगा और इसका अंदाजा हम और आप लगा भी नहीं सकते। वहीं कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी यह केवल एक बड़े स्टार को खोने का मामला नहीं था। यह उस कलाकार को खोने का दर्द था जिसे लोग अपने परिवार का हिस्सा मान लेते थे। पुनीत के अचानक चले जाने की खबर ने उनके चाहने वालों को अंदर से तोड़ कर रख दिया था। कई लोगों के लिए इस खबर पर विश्वास करना मुश्किल था क्योंकि जो सितारा अपनी फिटनेस के लिए जाना जाता था जो लगातार काम कर रहा था जो अभी अपने करियर में नई कहानियां और नई फिल्में देने वाला था वो इतनी जल्दी दुनिया को अलविदा कह लेगा कि किसी की सोच से भी परे था। उनके आखिरी दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। बेंगलुरु में फैंस की भीड़ ने दिखाया था कि पुनीत की पॉपुलैरिटी सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं थी।
उनके जाने के बाद उनके नेत्रदान ने भी लोगों को इंस्पायर किया। उनकी इस पहल से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में लोगों ने नेत्रदान का संकल्प लिया था। वहीं पुरीत के जाने के बाद उनकी बीवी अश्विनी और बेटियों ने पर्सनल लाइफ को काफी हद तक पब्लिक नजरों से दूर रख लिया है और वह अपनी जिंदगी में आगे बढ़ रहे हैं। तो दोस्तों जिंदगी कितनी अनमोल है.
यह बात हम सभी जानते हैं लेकिन पुनीत राजकुमार की कहानी हमें याद दिलाती है कि जिंदगी कितनी अनसर्टेन है। पुनीत राजकुमार आज हमारे बीच नहीं है। लेकिन उनकी स्माइल, उनकी फिल्में, उनकी फैमिली और उनके चाहने वालों का प्यार उन्हें हमेशा जिंदा रखेंगे और शायद यही किसी कलाकार की सबसे बड़ी जीत भी है कि उसके जाने के बाद भी लोग उसे भूल नहीं पाते। बहरहाल अगर पुनीत राजकुमार की कहानी ने आपके दिल को छुआ हो तो कमेंट में उनके लिए एक प्यार भरा मैसेज जरूर लिखिएगा और ऐसी ही भावुक, अनकही और दिल को छू जाने वाली फिल्मी कहानियों के लिए हमारे 4 पी.m. बॉलीवुड चैनल को सब्सक्राइब जरूर कीजिएगा। यह वीडियो पसंद आया हो तो इसे लाइक और शेयर करना बिल्कुल ना भूलें। मैं