टीवी की क्वीन कही जाने वाली एकता कपूर का चौंकाने वाला खुलासा। कहा हिंदू होने के बावजूद भी मुझे तिलक और कलावा बांधने की वजह से सुनने पड़े थे लोगों के ताने। लोगों ने मुझे कहा तांत्रिक। पहली बार टीवी की क्वीन कही जाने वाली एकता कपूर ने बताई बॉलीवुड की काली सच्चाई। टीवी और फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर प्रोड्यूसर एकता कपूर को कौन नहीं जानता। एकता कपूर वो हैं जिन्होंने सीरियल सास भी कभी बहू थी, कहानी घर-घर की, कसौटी जिंदगी की और ना जाने ऐसे ही कितने मशहूर सीरियल बनाकर घर-घर में अपनी पहचान बनाई। लेकिन हाल ही में एक इंटरव्यू में पहुंची एकता कपूर ने कुछ ऐसा कह दिया जिसे सुनकर पूरी दुनिया हैरान है।
कि कैसे एकता कपूर को अपने माथे पर तिलक और हाथ में कलावा बांधने की वजह से उन्हें तांत्रिक तक कह डाला था। और उस वक्त एकता कपूर पर सोचिए आप जरा क्या बीती होगी। दरअसल एक इंटरव्यू में पहुंची एकता कपूर ने अपनी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा किस्सा शेयर किया जिसने सबका ध्यान उनकी तरफ खींच लिया। एकता कपूर ने बताया कि जब वह छोटी थी और माथे पर तिलक लगाकर घर से निकलती थी या गले में धागा पहनती थी तो लोग उन्हें अजीबोगरीब नजरों से देखते थे। कुछ लोग उन्हें तांत्रिक तक कहते थे। अब एकता ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की और इंडस्ट्री में हिंदू धर्म और पौराणिक कहानियों को लेकर होने वाले भेदभाव पर भी सवाल उठाया है।
इंटरव्यू में बातचीत के दौरान एकता कपूर ने कहा कि वह पहले से ही अपने धर्म और आस्था को खुलकर जाहिर करती आई है। फिर चाहे लोग कुछ भी कहें, कुछ भी माने या फिर उनके बारे में कुछ भी सोचे। लेकिन ऐसा करना उनके लिए हमेशा ही मुश्किल भरा रहा। अपने धर्म को दिखाने के लिए उन्होंने लोगों के ताने सुने। चाहे फिर वो रिश्तेदार हो, चाहे फिर वह कोई अपना ही क्यों ना हो जो कि आसान नहीं था एकता कपूर के लिए।
एकता ने बताया कि जब वो घर से तिलक लगाकर निकलती थी तो कुछ लोग उन्हें देखकर सवाल करते थे कि इस तरह से तुम अजीब क्यों दिख रही हो? यह तिलक क्यों लगाया हुआ है? एकता ने बताया कि उन्हें तिलक और धागा पहनने के लिए भी ताने मारते थे लोग, टोकते थे लोग। लोगों का इस तरह का जज करना उन्हें हैरान करता था। उनका सवाल कि आखिर अपने धर्म से जुड़े प्रतीक पहनना किसी को अजीब क्यों लगता है? यह हमेशा ही सवाल एकता कपूर के दिमाग में घूमते रहते थे। एकता की बातों से साफ था कि उन्हें अपनी आस्था को लेकर कई बार शर्मिंदगी जानबूझकर महसूस कराई जाती थी और उन्हें महसूस होने भी लगी थी।
लेकिन दूसरों की सोच ने उन्हें कभी भी अपनी सोच बदलने के लिए जोर नहीं दिया। एकता ने बातचीत में यह भी बताया कि कुछ लोग उनके खिलाफ जो तिलक लगाना है और जो धागा पहनना है उसको लेकर उनको तांत्रिक बोलते थे, जादूगरनी बोलते थे, लेकिन उन्होंने कभी किसी की बात नहीं सुनी।
एकता कपूर इस इंटरव्यू में यहीं नहीं रुकी। उन्होंने आगे यह भी कहा कि हिंदूफोबिया से जुड़ी कई चीजें आजकल हमारे समाज में हो रही है जो कि बिल्कुल गलत है। आप हिंदू आस्था में विश्वास तो रखते हैं लेकिन अगर आप हिंदू धर्म से जुड़ी कोई भी चीज करते हैं तो वह दुनिया वालों को आपके रिश्तेदार को और हो सकता है कि आपके परिवार को ही बुरी लग जाए। इस बातचीत में एकता कपूर ने एक और दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि एक बार वह मंदिर गई थी और मंदिर से वह सीधा क्लब में पहुंची। नाइट क्लब में। वहां किसी ने क्लब में उनसे पूछा कि क्या तुम मंदिर से होकर आई हो? क्योंकि मेरे माथे पर एकता का कहना है कि उस वक्त मेरे माथे पर तिलक लगा हुआ था।
तो एकता कपूर ने बोला हां मैं मंदिर गई थी। तो जो क्लब में मौजूद उनके दोस्त हैं उनका कहना था कि भाई मंदिर कौन जाता है और मंदिर से फिर क्लब कौन आता है? एकता का कहना है यह सुनकर मैं बहुत बहुत ज्यादा हैरान रह गई कि कोई ऐसा कैसे कह सकता है। साथ ही एकता ने यह भी कहा कि बॉलीवुड में भी ऐसे कई बड़े स्टार्स हैं जो दिखाते तो हैं कि उनके अंदर बहुत ज्यादा आस्था है। वह संस्कृति से बहुत ज्यादा जुड़े हुए हैं। वो धर्म से बहुत ज्यादा जुड़े हुए हैं। लेकिन असल में उनके मन में आस्था के नाम में कुछ भी नहीं है। एकता कपूर की इस बातचीत ने धर्म, पहचान और समाज की सोच को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। उनका कहना है कि माथे पर तिलक लगाना, धागा पहनना या अपनी धार्मिक आस्थाओं को जाहिर करना मजाक का पात्र क्यों बन गया है या यह गलत क्यों है? एकता की कहानी, उनके जो अनुभव है, जो एक्सपीरियंस है उन सबके बेस पर उन्होंने अपनी बात रखी। लेकिन अब उनके इस इंटरव्यू के बाद पूरे समाज में और हर कहीं लोगों के दिमाग में भी यह सवाल उठ रहा है कि क्या किसी व्यक्ति को अपनी आस्था और संस्कृति या पहचान बनाने अगर आप अपनी आस्था को पहचान बनाना चाहते हैं तो उसके लिए आपको समाज में इतनी ज्यादा शर्मिंदगी क्यों झेलनी पड़ती है?
यह एक बड़ा सवाल है और इसी सवाल को लेकर आज हर जगह कंट्रोवर्सी हो रही है। फिलहाल आज के हमारे इस वीडियो में इतना ही। इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए और आप देखते रहिए टीवी नाइन डिजिटल। फुल एंड फाइनल टीवी की पहली फील गुड डिबेट। ये जीत हार का मैच नहीं। जरूरी ज्ञान समझना आसान। बहस बगैर क्रोध। शोर नहीं सिर्फ शोर। फुल एंड फाइनल। यह नहीं देखा तो क्या देखा? फुल एंड फाइनल देखिए रोज शाम 4:00 बजे। टीवी 9 भारतवर्ष पर देखिए सोमवार से शनिवार सप्ताह शाम 7:00 बजे। मैं जानता हूं कि आपका नेटवर्क बहुत बड़ा है। क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वॉर रुकवा दी थी?
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