अब इंडस्ट्री के लिए कितना बड़ा लॉस है वो पता नहीं मुझे मेरे लिए बहुत बड़ा लॉस है। नाना मुझे एक सगा भाई जैसे ही था। नॉट फॉर एनी अदर हमारी दोस्ती तो 40 साल से भी ज्यादा पुरानी लेकिन एज एक्टर्स हम तो थिएटर वाले सब तब से जानते थे लेकिन उसके बाद में बस रहा तो वो एक्टर का जो सिलसिला होता है वो रिलेशनशिप खत्म हो के फिर रही वो दोस्ती और भाईचारा जब भी और लेकिन ये इतना भी जानता था कि कौन कैसा एक्टर है कौन सा उसको लेके आना ये नाना खुद करता था और मुझे इसी तरह से यशवंत ने लाया और फिर गुलामी मुस्तफा लेकिन गुलामी मुस्तफा कि वो तो मुझे इतना भी बोल के बुलाया कि देख पैरेलल रोल है जो मेन लीड है उसका तो मैंने मेन लीड कौन है? मेन लीड में हारे मतलब तेरे साथ कर और तू बिल्कुल सही है इस कैरेक्टर के लिए और सबसे झगड़ा करके प्रोड्यूसर से बोल के यही करेगा दीक्षित का रोल जो है वो ब्राह्मण का और तो सब चर्चा होने लगी इंडस्ट्री में हिंदी की यार ये है कौन ये एक्टर नाम शिवाजी है और ये तो बोले नाना का थिएटर का दोस्त है
इसलिए नाना ने इंसिस्ट किया अच्छा तब से वो ये हो गया कि अरे यार ये नाना इतना बोल रहा तो होगा और वो सही हो गया वो रोल भी अच्छा रहा लेकिन उस दरमियान मेरे घर में एक बड़ी दुखद घटना घटी मेरी बीवी बहुत ही बीमार हो गई टर्मिनल डिजीज तब मैं फिल्म छोड़ने के इस पे ही था शुरू शुरू में ही नाना ने मुझे करने नहीं दिया लेकिन बोला तुझे जो भी हेल्प लगेगी मैं करूंगा मैं हूं इधर और मेरे लिए 12:00 बजे का कॉल टाइम रहता था रात को 8:00 बजे छोड़ते थे ये सब नाना ने पार्थ घोष को बोल के ये सब करवा लिया इतना ही नहीं बाकी भी तो इमोशनल सपोर्ट बहुत बहुत रहता था एंड तक मतलब घर पे भी जब बीवी आ गई अच्छी हो गई उसके बाद में जब गई तब भी एंड तक आया लेकिन वहां नहीं आया जहां पे उसको वो फोन करके बोला कि मुझसे नहीं रहा मैं निकल आया तो ऐसा नाना नाना मेरे लिए कोई ग्रेट एक्टर या नाना फॉर मी वाज़ अ ग्रेट ह्यूमन बीइंग एक प्यारा भाई जैसे दोस्त था तो मेरे लिए तो बहुत ही बड़ा लॉस है नाना का तो बहुत किस्से हैं नाना के हमारे सिर्फ फिर नाटक के दरमियान, फिल्मों के दरमियान ऐसे भी मिलते थे। अभी अभी तक पिछले महीने भर पहले भी बात हुई थी।
जब विजय भाई हमारी गुजर गई तब तो ऐसे रहता था कायम उसके साथ। तो अनफॉर्चूनेट है। मतलब और क्या बोलूं मैं उनके लिए? क्या सबसे ज्यादा आपको नाना का याद आने वाला है। उनकी अगर हम बात कहें तो उनके कुछ कहे हुए वर्ड्स, उनके कहे हुए कुछ अल्फाज़। उसका प्यारा प्यारा स्वभाव बहुत ही लवेबल आदमी और हम लोग जो दोस्ती थी तो हमारी भाषा कुछ अलग होती थी असल मराठी हम लोग मराठम वाली भाषा बोलते हैं उसे जो मराठी होती थी वो बाकी लोगों के लिए गालियां लगती थी लेकिन हमारे लिए वो प्यार था एक्सप्रेस करने तो मेरे लिए नाना मैंने जैसे कहा ना भाई जैसे ही था तो फॉर मी इट्स अ ग्रेट लॉस उनके कहे हुए कुछ वर्ड्स जो आपको याद हो अब भी नहीं वो बोल नहीं सकता हूं माइक पे ऐसे वर्ड्स है हमारे जब एक दूसरे को हम मिलते थे तब क्या नाना से आपने सीखा है अगर उनकी अगर सिखाई हुई कुछ बातों की अगर हम बात कहें जो शिवाजी हमेशा अपने दिल में रखेंगे अपने दिमाग में रखेंगे
उसका प्यार और क्या नाना का बड़प्पन जानना चाहते हो तो एक किस्सा मैंने ऊपर नहीं बताया लेकिन अभी बता जब नाना ने नई गाड़ी ली ऑडियो Audi ली थी गणपति के दरमियान तो मैं गया था गणपति के लिए मुझे बोला ये देख 12 ये मेरी गाड़ी है नई गाड़ी मैंने कहा अरे वाह Audi सुपर्ब मैंने चल बैठ एक राउंड लगा के आते हैं। बिठाया मुझे खुद व्हील पे बैठा और मुझे मालूम है तू मुझसे थोड़ा सा बड़ा है तो मैं तेरे पैर छूता हूं। तू मजाक मत सीरियसली मजाक मजाक नहीं कर रहा हूं। मैं तुझे पैर छूने दे। आशीर्वाद दे मुझे और फिर राउंड मार के वापस। तो ऐसा हमारा नाना था। बताओ तुम क्या सीखोगे?