फिल्म ‘खुशबू’ 1975 में रिलीज हुई थी और इसमें जितेंद्र, हेमा मालिनी और बाल कलाकार मास्टर राजू ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। गुलजार के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी प्रेम, रिश्तों और गांव की पृष्ठभूमि से जुड़ी संवेदनशील कहानी थी।फिल्म से जुड़ा मास्टर राजू का एक मजेदार किस्सा भी सुनने को मिलता है। बताया जाता है कि शूटिंग के दौरान मास्टर राजू को हेमा मालिनी से अपने मेहनताने के पैसे लेने थे।
जब उन्हें लगा कि पैसे नहीं मिले हैं, तो उन्होंने मासूमियत में हेमा मालिनी से शिकायत कर दी—“हेमा मालिनी जी ने मेरे पैसे नहीं दिए।” बाल कलाकार की यह शिकायत सुनकर सेट पर मौजूद लोग मुस्कुरा उठे।मास्टर राजू उस समय बाल कलाकारों में काफी लोकप्रिय थे। उनकी मासूम अदाकारी और संवाद बोलने का अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आता था।
‘खुशबू’ में भी उन्होंने अपने अभिनय से कहानी में भावनात्मक रंग भर दिया।गुलजार की यह फिल्म आज भी अपने शांत माहौल, रिश्तों की गहराई और शानदार संगीत के लिए याद की जाती है। फिल्म में आर.डी. बर्मन का संगीत था और इसके गीतों ने भी दर्शकों के दिल में जगह बनाई।मास्टर राजू की यह शिकायत भले ही एक छोटा-सा किस्सा था, लेकिन यह बताता है कि बाल कलाकार भी अपने मेहनताने को लेकर कितने सजग रहते थे।#