फ्लाई दुबई के कॉकपेट में हुए उस खौफनाक घटनाक्रम को लेकर अब इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन ने नित नेतन याू का एक बड़ा बयान सामने आया है। नितिन याू ने कहा कि जांच में सामने आ रहा है कि हमलावर इस्लामिस्ट रेडिकलाइजेशन से प्रभावित था और उसका इरादा यात्रियों समेत विमान को क्रैश करना था।
इतना ही नहीं नितिन याू ने यह भी कहा कि अब जांच इस बात की हो रही है कि क्या हमलावर को किसी ने भेजा था और अगर ऐसा हुआ तो जिम्मेदार लोगों कोबहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। दरअसल 30 सितंबर को फ्लाई दुबई की फ्लाइट एफेड1073दुबई से तेलवी जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में मौजूद को पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मिथ मछार पर कठित तौर पर हमला कर दिया। इसके बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा। कैप्टन गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कॉकफिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रियो के सदस्यों ने हमलावर को काबू किया।
विमान को सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई और एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया। अब इस मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई सवाल सामने आ रहे हैं। इजराइली प्रधानमंत्री नेतन याू ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि जांचकर्ताओंके मुताबिक हमलावर इस्लामिस्ट रेडिकलाइजेशन से प्रभावित था। नेतन याू के मुताबिक उसका इरादा यात्रियों के साथ विमान को क्रॉश करने का था। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वे अकेले ऐसा कर रहा था या उसके पीछे कोई और भी शामिल था। नितिन याहू ने कहा कि इजराइल अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या हमलावर को किसी ने भेजा था।
उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर किसी ने उसे भेजा तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। वहीं यूएई के राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार अनवर गर्गश ने भी इस घटना को खतरनाक आतंकवादी एक्ट बताया है। उन्होंने भारतीय कैप्टन स्मिथ वचार की बहादुरी की तारीफ की और कहा कि उनकी कार्यवाही ने संभावित बड़ी त्रासदी को टालने में एक अहम भूमिका निभाई है।
साथ ही उन्होंने घटना को लेकर अटकलों और कॉनस्पेंसी थ्योरी से बचने की अपील [संगीत] दी। इससे पहले इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काइद ने भी कई कठित जिहादी हमले की कोशिश बताया है। हालांकि यहां एक अहम बात समझना जरूरी है कि किसी देश या संगठन के इस हमले के पीछे होने की पुष्टि अभी भी नहीं हुई है। इस घटना के बाद ईरान के संभावित लिंग को लेकर भी सवाल उठे थे। लेकिन नितिन याू ने पहले ही कहा था कि किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अब जांच का फोकस इस बात पर भी है कि हमलावर की विचारधारा क्या थी और क्या वे किसी बाहरी नेटवर्क के संपर्कमें था। यानी फ्लाई दुबई कॉकपेट कांड में अब जांच सिर्फ हमलावर की कार्यवाही तक सीमित नहीं है बल्कि उसके मकसद रेडिकलाइजेशन और संभावित साजिश की भी पड़ताल हो रही है।
अब जांच का फोकस इस बात पर भीकि हमलावर की विचारधारा क्या थी और क्या वे किसी बाहरी नेटवर्क के संपर्क में था? यानी फ्लाई दुबई कॉकपेट कांड में अब जांच सिर्फ हमलावर की कार्यवाही तक सीमित नहीं है बल्कि उसके मकसद रेडिकलाइजेशन और संभावित साजिश की भी पड़ताल हो रही है।