भारतीय पायलट स्मित मछार ने दुबई से इजराइल जा रही फ्लाइट को क्रैश होने से बचा लिया। पूरी दुनिया आज स्मित मछार के जल्दी स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी, पीएम नितिन याहू और राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने स्मिथ मछार को हीरो कहा है।
मगर इजराइल की आम जनता के बीच स्मिथ मछार के लिए अलग तरह का प्यार देखने को मिल रहा है। इजराइल समेत संयुक्त अरब अमीरात के लोगों ने हिंदुओं की तारीफ शुरू कर दी है। इजराइल के एक मशहूर व्यक्ति अविदान ने लिखा है कि हिंदुओं का धन्यवाद, भारत का धन्यवाद। जब हमारी जान दांव पर थी, तब के खिलाफ जो लोग हमारे साथ खड़े रहे, हम उन्हें कभी नहीं भूलेंगे। इजराइल के ऐसे ही लाखों लोग आज हिंदुओं की ताकत और शौर्य की बातें कर रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात के एक ताकतवर शख्स अमजद ताहा ने तो और भी होश उड़ा देने वाली बात लिख दी।
अमजद ताहा ने कहा कि लगने और घायल होने के बावजूद स्मित मच्छर डटे रहे। खतरे के समय अर्जुन जैसा साहस और कर्तव्य के समय हनुमान जैसा संकल्प दिखाते हुए स्मित मच्छर मुकाबला करते रहे। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला। यात्रियों और क्रू मेंबर्स को बड़ी दुर्घटना टालने का मौका दिया।
उन्होंने 174 लोगों की जान बचाने में मदद की है। आज संयुक्त अरब अमीरात से लेकर भारत और इजराइल तक सभी लोग कैप्टन मछार का आभार व्यक्त करते हैं। सोचिए एक मुस्लिम शख्स स्मिथ मछार के शौर्य की बातें करते हुए भगवान हनुमान और अर्जुन का उदाहरण दे रहा है। एक अमेरिकी पत्रकार लिख रही है कि एक भारतीय हिंदू ने विमान में बैठे इजराइलियों को बचा लिया। अमेरिका में रहने वाली एक यहूदी महिला ने लिखा है कि कैप्टन स्मिथ मछार और इसराइल से प्यार करने वाले सभी हिंदू दोस्तों को हम धन्यवाद देना चाहते हैं।
संयुक्त अरब अमीरात के एक शख्स ने लिखा कि अब मैं भारत जाने के लिए बेहद उत्सुक हूं। बहरहाल अभी तो सब कुछ अच्छा दिख रहा है। लेकिन अब आपको दिखाते हैं कि भारत के खिलाफ फैलाने वाले क्या बोल रहे हैं। अब जरा आप विदेशी मीडिया की करतूत देखिए। पायलट भारतीय था, हिंदू था।
हमला करने वाला को-पायलट मुस्लिम था। इन्हीं सारी चीजों को देखकर विदेशी मीडिया का सारा उत्साह खत्म हो गया। उन्होंने पूरी कहानी ही पलट दी। क्योंकि विदेशी मीडिया की सारी दुकान हिंदुओं और भारत को गाली देकर चल रही है और मुस्लिमों का सहारा लेकर अपना जहरीला एजेंडा फैलाते हैं। सीएनएन एएफपी स्काई न्यूज़ न्यूयॉर्क टाइम्स वॉल स्ट्रीट जर्नल बीबीसी सभी ने इस घटना को दो पायलट्स के बीच लड़ाई घोषित कर दिया।
इन्होंने लिखा कि एक पायलट ने दूसरे पायलट से हाथापाई की। इससे बड़ी मक्कारी क्या हो सकती है? यह लोग भारत में फ्रीडम ऑफ प्रेस की बातें करते हैं। लेकिन चंद पैसों के लिए यह सभी मीडिया चैनल बिक गए। इन्होंने भारतीय पायलट के शौर्य की कहानी को ही पलट दिया। भारतीय पायलट स्मिथ मछार ने 911 जैसा हमला होने से रोका
लेकिन विदेशी मीडिया इसे आपसी लड़ाई बोल रही है। हैरानी की बात देखिए कि अभी तक किस तरह से उस को पायलट की पहचान छुपाई गई है। भारत के भी YouTube पत्रकार वामपंथी कॉकरोच और विपक्षी दल स्मिथ मछार पर खामोश हैं। इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि स्मिथ मछार ने अभी तक चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार का विरोध नहीं किया। मनुस्मृति को नहीं कोसा। स्मैश पेट्रियर्की का एजेंडा नहीं चलाया।
पाकिस्तान भी अभी तक कोमा में पड़ा है कि विमान क्रैश क्यों नहीं हुआ। भगवान ना करे कि अगर यह विमान क्रैश हो जाता तो विदेशी मीडिया और चवन्नी छाप पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूज़र्स भारत और हिंदुओं के खिलाफ आग उगल देते