नमस्कार बहुत स्वागत है आपका न्यूज़ 18 के डिजिटल प्लेटफार्म पर। संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का पूरा सच क्या है? यह सवाल इस समय सोशल मीडिया से लेकर वृंदावन की गलियों तक गूंज रहा है। 25 सितंबर 2026 को वृंदावन के वराह घाट स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम में एक रूह कपा देने वाली घटना सामने आई। जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज जी से दीक्षा ले चुके 25 वर्षीय सिर्फ 25 वर्षीय साधक जिनका वास्तविक नाम दीपक लोधी था। आध्यात्मिक नाम रसिक दुलारी शरण था। चौथी मंजिल से गिरकर मौत हो गई।
शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा था। लेकिन पुलिस जांच और पोस्टमार्टम में सामने आए कुछ खौफनाक तथ्यों ने इस पूरे मामले को एक गहरे रहस्य में बदल दिया है। इस विस्तृत वीडियो स्क्रिप्ट और साथ ही तमाम एक्सप्लेनर्स भी आप सुन भी रहे होंगे। लेकिन मैं आपको समझाने की कोशिश करूंगी कि आखिर अभी तक की जांच कहां तक पहुंची है और क्या सुराग मिले हैं जो इस घटना को और भी ज्यादा संदिग्ध बना देते हैं। शुक्रवार का दिन था 25 सितंबर तारीख 2026 की सुबह। समय लगभग 10:30 बजे। वृंदावन के परिक्रमा मार्ग पर अचानक अफरातफरी मच गई। गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से एक युवक अचानक से नीचे पक्की सड़क पर आ गिरा।
लगभग 40 फीट की ऊंचाई थी। लगभग 40 फीट की ऊंचाई से गिरने के कारण उसके सिर और शरीर पर बेहद गंभीर चोटें आई। मौके पर मौजूद अन्य साधकों और स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे नजदीकी सर्वोदय हॉस्पिटल पहुंचाया। हालांकि बहुत ज्यादा खून बहने की वजह से इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण के रूप में हुई जो मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। पिछले दो साल से वृंदावन में रहकर संत प्रेमानंद जी महाराज के सानिध्य में भक्ति और साधना कर रहे थे। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीमें जांच के लिए आश्रम पहुंची। जब अधिकारियों ने रसिक दुलारी शरण के कमरे की तलाशी ली तो वहां जो सबूत मिले उन्होंने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। दीपक के कमरे से टाइल्स और मार्बल काटने वाला एक इलेक्ट्रॉनिक ग्राइंडर बरामद हुआ जिस पर खून के गहरे धब्बे हुए थे, लगे हुए थे। अस्पताल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह साफ हुआ कि इमारत से नीचे गिरने से पहले ही दीपक का प्राइवेट पार्ट काटा गया था या उस पर गंभीर रूप से वार किया गया था।
कमरे के भीतर भी संघर्ष या चोट के कारण काफी खून फैला हुआ था। इन सुरागों के सामने आने के बाद यह साफ हो गया कि यह मामला केवल एक सामान्य ऊंचाई से कूदकर जान देने का नहीं बल्कि इसके पीछे की कहानी बेहद पेचीदा और डरावनी है। मथुरा पुलिस ने इस मामले की गहराई तक जाने के लिए आश्रम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेजेस को खंगाला है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में इस घटनाक्रम की एक स्पष्ट टाइमलाइन सामने आई है। सुबह 10:25 पर रसिक दुलारी शरण अपने कमरे से बाहर निकलते हुए दिखाई देते हैं। फुटेज में साफ देखा जाता है कि उनके कपड़े पहले से ही खून से सने हुए थे और 10:25 पर लगभग जो है और 10:25 से 10:35 के बीच में वो तीसरी मंजिल से होते हुए चौथी मंजिल की छत यानी टेरेस पर जाते हैं। वहां वो कुछ देर अकेले बैठते हैं और लगभग 10 सेकंड के लिए जमीन पर लेट जाते हैं। इस दौरान वहां कोई दूसरा व्यक्ति उनके पास दिखाई नहीं देता। सुबह 10:36 पर वह अचानक उठते हैं और छत की मुंडेर से नीचे सड़क की तरफ छलांग लगा देते हैं। सीसीटीवी कैमरों की इस फुटेज के आधार पर पुलिस का प्राथमिक अनुमान यह है। आत्महत्या का मामला हो सकता है लेकिन कूदने से ठीक पहले कमरे के अंदर क्या हुआ था? इसकी जांच अब भी जारी है। दीपक की मौत की खबर मिलते ही उनका परिवार जबलपुर से वृंदावन पहुंच गया है।
मृतक की मां का कहना है और भाई दोनों ने आश्रम प्रबंधन और व्यवस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाए। परिवार का कहना है कि जब से दीपक ने दीक्षा ली थी पिछले 2 साल से उन्हें दीपक से मिलने नहीं दिया जा रहा था और ना ही ठीक से बात करने दिया जा रहा था। परिजनों ने दावा किया है कि दीपक कभी आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम नहीं उठा सकते। शरीर पर मिले चोट के निशान, कटे हुए अंग और कमरे में मिले ग्राइंडर को देखते हुए परिवार को किसी बड़ी साजिश या हत्या की आशंका लग रही है। इसी वजह से परिवार और स्थानीय साधु समाज के कुछ लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच यहां तक कि सीबीआई जांच की मांग की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक दीपक की मौत का मुख्य कारण अत्याधिक खून बहने से हुआ हेमरेजिक शॉक जो है बताया जा रहा है। मथुरा पुलिस के कुछ अधिकारियों का कहना है कि वह इस मामले में हर संभावित एंगल से तफ्तीश कर रहे हैं। पुलिस अब दीपक के मोबाइल फोन पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। जिसे डाटा रिकवरी के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घटना से पहले उनके फोन से कुछ चैट्स, वीडियोस या तस्वीरें डिलीट की गई थी। जिससे उनके मानसिक तनाव, किसी दबाव या ब्रह्मचर्य के पालन से जुड़ी किसी उलझन का पता चल सके। जब तक फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती तब तक इस रहस्यमई मौत का असली सच पूरी तरह से साफ नहीं हो पाएगा।