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प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौ;त पर गांव के चाचा ने किया चौंकाने वाला खुलासा, मचा हड़कंप!

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आश्रम में रहस्यमय का कारण क्या है? रहस्य क्या है?हम चाहते हैं कि जांच हो और इसका मतलब अच्छे से बारीकी से जांच हो और पता चले कि यह कैसे क्या हुआ है। सब कुछ अच्छे से पता चल जाए। इसकी गहरी जांच हो वह कब यहाँ से गया था और बीच में क्या कभी संपर्क किया था?नहीं, उसके साथ कोई संपर्क नहीं हुआ। दीक्षा लेने के बाद से और कोई संपर्क नहीं हुआ।

दीक्षा लेने से पहले तक संपर्क था, लेकिन दीक्षा लेने के बाद से हमारा और कोई संपर्क नहीं हुआ वह तो भाई के बेटे का बेटा है जाने के बाद कभी क्या आपसे बात हुई है? नहीं नहीं, कोई बात नहीं हुई। उसके माता-पिता मतलब जब भी जाते थे, तो बहुत अच्छे से बातचीत होती थी।

आज तक उसने वहाँ की किसी भी अच्छी या बुरी समस्या की बात नहीं बताई। और एक बात, सिर्फ हम ही नहीं पूरा गाँव गारंटी दे रहा है कि लड़का इतना बुद्धिमान था कि वह अपने हाथों से ऐसा चरम कदम उठा ही नहीं सकता। वहाँ जो कुछ भी हुआ है, उसके साथ धोखा किया गया है और किसी ने उसे दिया है। यह हम गारंटी के साथ कह रहे हैं। क्या आप लोग वहाँ गए थे, आपके परिवार के किसी ने कुछ बताया या…नहीं, हम वहाँ नहीं गए।

यही लोग गए थे, उसके पिता, मामा और भाई। जी, नहीं गया। अच्छा, हाँ, जो लोग गए थे हम तो नहीं गए, तो वहाँ की समस्या क्या थी वो बताइए? क्योंकि हम मीडिया कर्मी हैं, जब वीडियो बना रहे थे तब मोबाइल में देखा और उनके कहे अनुसार हमें भी लगा है कि उसे 100% आया कैसे? अभी तो रिपोर्ट आई है, रिपोर्ट कह रही हैजी।

और अभी तक उस कमरे मतलब उस कमरे की कोई जांच ही नहीं हुई है, भाई ने ऐसा ही बताया कि यहाँ ये समस्या वो समस्या है।>> छोटी-मोटी जगह होती है।>> तो आदमी खुद… आप लोग क्या चाहते हैं, आपको क्या लगता है?>> अब हमें क्या लगता है? अब वहाँ की बात हम बहुत अच्छे से नहीं बता पाएंगे।

लेकिन हमें 100% उम्मीद है कि उसके साथ धोखा हुआ है। वह अपने हाथों से यह काम कभी नहीं कर सकता। और अगर उसे ऐसी कोई परेशानी होती, तो वह जरूर यहाँ फोन करके बताता कि दोस्त, मुझे ये परेशानी हो रही है मेरा नाम रग्घू पटेल लोधी है। मैं कठौतिया का रहने वाला हूँ अभी हमें यही लग रहा है। उसका व्यवहार बहुत अच्छा था, सबसे अच्छा संबंध था, कोई समस्या नहीं थी। वह चला गया, उसके बाद से फिर वापस नहीं आया, दो साल हो गए हैं। और अब हम क्या कहें, जांच की बात भी कही है, हर तरह से कहा है कि इसकी जांच होनी चाहिए। कैसे क्या हादसा हुआ, वो तो हम नहीं जानते।

लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब भगवान के भरोसे के अलावा और क्या कहें? उधर तो हमारी कोई बात ही नहीं चलती। जो लोग गए थे, वे भी अंदर नहीं जा पाए, कुछ नहीं मिला, आधे घंटे बाहर खड़े रहे, जबकि अंदर कोई नहीं है, काम वैसे ही चल रहा है।>> खैर, वह खुद से नहीं मरा है, इतनी गारंटी है। हाँ इतना बुद्धिमान था, लेकिन अब क्या किया जाए, बीच में कभी बात हुई थी आपसे?>> नहीं भाई। कभी बात हुई थी, वहाँ क्या कोई समस्या हो रही है या.. नहीं, कोई बातचीत नहीं हुई भाईहोती तो जरूर बताता। कोई समस्या नहीं।>> कभी नहीं बताया। फोन आया था क्या? बाबूजी, आपका नाम क्या है?

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