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इंडस्ट्री में छाया मातम, वर्क आउट करते हुए कॉमेडियन का हुआ निधन, नाम जानकर होश उड़ जाएंगे।

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वो शख्स जिसकी आवाज सुनते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती थी। जिसके एक डायलॉग पर पूरा परिवार हंस पड़ता था। जिसने आम आदमी की जिंदगी के छोटे-छोटे किस्सों को अपनी कॉमेडी में इतना खास बना दिया कि लोग उसे अपने घर का हिस्सा समझने लगे थे। आज वही शख्स एक बार फिर हमारी यादों में लौट आया है। नाम है राजू श्रीवास्तव।

इस नाम को सुनते ही शायद आपके चेहरे पर भी एक मुस्कान आ गई होगी। लेकिन आज इस नाम के साथ एक ऐसा दर्द जुड़ा है जिसे चाहकर भी भुलाया नहीं जा सकता। सोचिए जिस इंसान ने पूरी जिंदगी दूसरों को हंसाया।

उसका एक वक्त ऐसा भी आया जब पूरा देश उसके लिए रो रहा था। तभी स्टेज पर खड़े होकर राजू श्रीवास्तव कहते थे कि जिंदगी की परेशानियों को भी मजाक में बदल दो। लेकिन शायद उन्हें खुद नहीं पता था कि एक दिन उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी के सामने पूरा देश खामोश खड़ा होगा। आज का दिन उस शख्स की याद दिलाता है जिसने करोड़ों लोगों को हंसना सिखाया।

लेकिन जिसकी जिंदगी का आखिरी दौर दुख दर्द और इंतजार से भरा हुआ था। ऐसी ही कहानी है देश के चहेते कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव की। राजू श्रीवास्तव का असली नाम सत्य प्रकाश श्रीवास्तव था। उनका जन्म 25 दिसंबर 1963 को कानपुर में हुआ था। उनके पिता रमेश चंद्र श्रीवास्तव कवि थे और बचपन से ही राजू लोगों की नकल उतार कर उन्हें हंसाया करते थे। स्कूल में भी वह अपने टीचर्स की मिमिक्री तक किया करते थे।

शायद उस वक्त किसी ने नहीं सोचा होगा कि कानपुर का यह लड़का एक दिन पूरे देश के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला कलाकार बनेगा। राजू को बचपन से ही अमिताभ बच्चन बेहद पसंद थे। उन्होंने अमिताभ बच्चन की आवाज और अंदाज की मिमिक्री शुरू की। धीरे-धीरे छोटे स्टेज शो से सफर शुरू हुआ। फिर बॉलीवुड में छोटे-छोटे रोल मिले और फिर आया साल 2005।

द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज ने राजू श्रीवास्तव को घर-घर पहुंचा दिया। उनका देसी अंदाज और आम आदमी की जिंदगी से जुड़े किस्से और सबसे बढ़कर वो किरदार जिन्हें देखकर लोग खुद को उनमें तलाश लेते थे। गजोधर भैया। यह सिर्फ एक किरदार नहीं था। यह राजू श्रीवास्तव की पहचान बन चुका था। लोग उनकी कॉमेडी में बड़े-बड़े चुटकुले नहीं बल्कि अपनी रोजमर्रा की जिंदगी देखते थे। उनका करियर करीब चार दशक तक चला।

उन्होंने टीवी, फिल्मों, लाइव शो और स्टैंड अप के जरिए लगातार लोगों का मनोरंजन किया। लेकिन फिर आया वो दिन जिसने सब कुछ बदल दिया। 10 अगस्त 2022 राजू श्रीवास्तव दिल्ली के एक जिम में वर्कआउट कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें हुआ और उन्हें तुरंत

इसके बाद शुरू हुआ एक ऐसा इंतजार जिससे उनके परिवार और चाहने वालों को अंदर तक तोड़ दिया। दिन गुजरते गए और फिर एक दो दिन हफ्ते और लगातार उनके ठीक होने की दुआ करते रहे। सोशल मीडिया पे उनके लिए प्रार्थनाएं होने लगी। हर कुछ दिनों में लोग उनके स्वस्थ होने की खबर तलाशते थे।

उम्मीद बस इतनी थी कि शायद राजू फिर आंखें खोल देंगे। शायद फिर वही आवाज सुनाई देगी। शायद फिर वो कहेंगे गजोदर भैया अभी जिंदा है। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था।

ली और वह सिर्फ 58 साल के थे। जिस इंसान ने अपनी पूरी जिंदगी दूसरों को हंसाने में लगा दी। उसके जाने की खबर ने पूरे देश को रुला दिया। जिस आवाज से कभी घरों में थाके गूंजते थे।

उस दिन वही आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई। उनके अंतिम संस्कार में परिवार के साथ इंडस्ट्री के कई साथी और हजारों चाहने वाले पहुंचे। उनके बेटे आयुष्मान ने की रस्में पूरी की। आज राजू श्रीवास्तव हमारे बीच नहीं है लेकिन उनके वीडियो आज भी चलते हैं। उनके डायलॉग आज भी दोहराए जाते हैं। उनका गजोदर आज भी लोगों को हंसाता है। आज जब उनकी याद आती है तो आंखें नम जरूर होती है।

लेकिन शायद राजू खुद भी यही चाहते थे कि उन्हें याद करके रोने की बजाय एक बार मुस्कुरा दिया जाए और जब तक किसी के चेहरे पर राजू की वजह से मुस्कान आती रहेगी तब तक राजू श्रीवास्तव हमारे बीच कहीं ना कहीं जिंदा रहेंगे। राजू भैया की याद करके आज भी चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। लेकिन दिल यही कहता है कि आप बहुत जल्दी चले गए। आज राजू की पूर्ण तिथि पर हमारी तरफ से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। मैं

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