राजेश खन्ना और लता मंगेशकर के बीच लंबे समय से एक खास आत्मीय रिश्ता था। राजेश खन्ना की फिल्मों में लता मंगेशकर की आवाज ने उनके किरदारों को कई यादगार गीत दिए। दोनों एक-दूसरे का बहुत सम्मान करते थे।राजेश खन्ना के जीवन के आखिरी दौर को लेकर कई भावुक किस्से सामने आते हैं।
इनमें एक कहानी यह भी कही जाती है कि जब उनकी तबीयत खराब थी, तब लता मंगेशकर ने उनसे मुलाकात की और उन्हें जीवन को लेकर हिम्मत रखने की बात समझाई। बताया जाता है कि लता जी ने उन्हें सकारात्मक रहने और ईश्वर पर भरोसा रखने की सलाह दी थी।
हालांकि, लता मंगेशकर ने राजेश खन्ना से आखिरी समय में वास्तव में क्या कहा था, इसका शब्दशः और स्वतंत्र रूप से प्रमाणित विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस किस्से को निश्चित संवाद के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
इतना जरूर है कि राजेश खन्ना के निधन के बाद लता मंगेशकर ने उनके जाने पर गहरा दुख व्यक्त किया था। उनके लिए राजेश खन्ना सिर्फ एक बड़े अभिनेता नहीं थे, बल्कि उनकी आवाज से जुड़े उस दौर की एक महत्वपूर्ण याद भी थे।राजेश खन्ना और लता मंगेशकर की यह संगीत और सिनेमा से जुड़ी यात्रा हिंदी फिल्म इतिहास का बेहद भावुक अध्याय है।