243 यात्रियों से भरा हुआ जहाज पूरा डूब गया समंदर में। लगभग 243 लोग सवार थे। यह देखिए कुछ इस तरह एआई के जरिए वीडियो बनाकर आपको बताने की कोशिश है कि लगभग 240 से ज्यादा लोग जहाज में सवार थे। तूफान आया और तूफान ऐसा था जो पूरे जहाज को बहा कर ले गया। पूरा जहाज डूब गया। जो तस्वीरें आई हैं उस जगह की वो मैं आपको दिखा रहा हूं। यह देख रहे हैं समंदर की तस्वीरें। जहाज डूबा है। जहाज पलटा हुआ नजर आ रहा है आपको। ये जो आप जहाज देख रहे हैं समंदर में पलट गया। इसी में 240 लोग 240 यात्री सवार थे। पूरा उल्टा हो गया है जहाज। और इसको बचाने के लिए देखिए रेस्क्यू टीम पहुंची है अलग-अलग। बहुत से लोगों को बचाया गया लेकिन 100 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। साधु साधु साधु साधु साधु साधु साधु साधु साधु साधु। और अब देखिए जरा कई लोगों को बचाया गया है। तस्वीरें आप देख रहे हैं। जिन लोगों को बचाया गया है। 100 से ज्यादा लोग हैं जिनका रेस्क्यू हुआ। तस्वीरें आप देख रहे हैं।
बताया जा रहा है 100 लोगों को तो रेस्क्यू कर लिया लेकिन 100 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं और समंदर से सबको बचाना सबको निकालना एक बड़ी चुनौती। आइए मैं आपको बताऊं कि किस जगह पर यह जहाज डूबा है। मैप के जरिए आपको बताने की कोशिश करता हूं। इंडोनेशिया का इलाका ये आप देख रहे हैं ऊपर बोर्निया। बोर्निया और पूर्वी जावा इनसे जहाज जब पहुंच रहा था पूर्वी जावा की तरफ लगभग 148 कि.मी. का रास्ता बीच में जहाज डूबा है। जो बीच का हिस्सा आप देख रहे हैं फुल स्क्रीन लीजिए जरा इस मैप को। बीच का हिस्सा जो देख रहे हैं, यहीं पर यह जहाज डूब गया है। अभी रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। दरअसल, यह जो आप मैप देख रहे हैं, इंडोनेशिया के ही द्वीप हैं। एक द्वीप से दूसरे द्वीप में जाने के लिए जहाज का इस्तेमाल होता है। वहां एक द्वीप से दूसरे द्वीप तक जाने के लिए लोग जहाज में सफर करते हैं। और यही जहाज लेकर बोर्निया से पूर्वी जावा जा रहा था जो पलट गया। और तस्वीर मैं आपको दिखाऊं। पहली तस्वीर जिसमें जहाज पलट गया है और उसके बाद आपको अंदाजा होगा कि आखिर जहाज यह देख रहे हैं ये पूरा जहाज आपको पलटा हुआ नजर आ रहा है। इस पे इसी जहाज पर लोग सवार थे और एक द्वीप से दूसरे द्वीप की तरफ जा रहे थे।
और आइए आपको बताऊं कि कैसे यह जहाज पलटा? आखिर क्या हालात बन गए उस वक्त। इंडोनेशिया में मौसम खराब होने की वजह से बड़ा हादसा हुआ। 243 यात्रियों से भरा जहाज अचानक बीच समंदर में डूबा है। सात लोगों को बचा लिया गया है। जबकि छह शव बरामद कर लिए गए। 130 यात्री और चालक दल के सदस्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। जहाज सुराबाया से बोर्निया द्वीप जा रहा था। तभी मौसम खराब हो गया। दावा है कि अचानक समंदर में 10 फीट ऊंची लहरें उठ रही थी। जिसकी वजह से अचानक यात्रियों से भरा जहाज पलट गया है। पानी की सतह पर जहाज पलटने के बाद कई यात्री उसमें फंस गए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में जहाज को आगे बढ़ना मुश्किल हो रहा था और कहा यह जा रहा है कि सरकारी जहाज भी डूबने की कगार तक पहुंच गए थे। लेकिन रेस्क्यू टीमों ने इसके बावजूद 100 से ज्यादा लोगों को बचा लिया है। जो लोग अभी लापता हैं उन्हें ढूंढने के लिए ऑपरेशन जारी है और खोज और बचाव के लिए कई जहाज और हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। इंडोनेशिया में पहले भी ऐसे हादसे हुए। 2006 में यात्रियों से भरा जहाज जावा सागर में अचानक डूब गया था और इस जहाज हादसे में 400 से ज्यादा लोग मारे गए या फिर लापता हो गए थे।
2007 में भी ऐसा ही हादसा हुआ जिसमें 50 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद 2018 में एक जहाज डूबने से 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। अब एक बार फिर जहाज हादसा हुआ जिसमें 100 से ज्यादा लोग लापता हैं। अब आपको सुनवाता हूं जो रेस्क्यू ऑपरेशन कर रहे हैं। उनके चीफ क्या कह रहे हैं। यात्री जहाज का जावा सागर से संपर्क टूट जाने के बाद हमने पीड़ितों की तलाश का काम पूरी क्षमता से किया है। बचाव दलों ने कई यात्रियों को सफलतापूक सुरक्षित निकाल लिया। अब आइए आपको बताऊं कि आखिर इंडोनेशिया में जहाज क्यों डूबते हैं? उसके पीछे वजह यह है कि इंडोनेशिया 17,000 से अधिक द्वीपों का एक बड़ा द्वीप समूह है। यहां 28 करोड़ की आबादी अलग-अलग द्वीपों पर रहती है। इन द्वीपों और शहरों में जहाज के ही आने जाने का साधन है। इंडोनेशिया की बड़ी आबादी जहाज से ही सफर करती है। यहां मौसम तेजी से बदलता है और तूफान का खतरा बना रहता है। मौसम के यही बदलाव समंदर में जहाजों के लिए काल बन जाते हैं। अभी जो हादसा हुआ है, वह भी खराब मौसम की वजह से ही हुआ है। इंडोनेशिया में समुद्री सुरक्षा नियमों का भी कड़ाई से पालन नहीं होता है। जिससे पुराने और खराब इंजन जहाज भी समंदर में उतार दिए जाते हैं और इन पर भी तय सीमा से अधिक यात्री और ज्यादा लाद दिए जाते हैं। ओवरलोड होने पर जहाज ऊंची लहरें नहीं झेल पाते हैं और फिर पलट जाते हैं।
और अब उम्मीद यह करेंगे कि जो 100 लोग लापता हैं उन्हें भी सही सलामत बचा लिया जाए। खबरों में आगे बढ़ते हैं। आज की एक और बड़ी खबर है और बहुत से लोगों के लिए हिदायत भी है। Thar वालों की दादागिरी नहीं चलेगी। Thar वालों को लेकर एक नजरिया अलग बन चुका है। पिछले कुछ वक्त में Thar Fortuner वालों को देखिए शपथ दिलाई गई है बाकायदा। ये दमन की तस्वीर आप देख रहे हैं। चारों तरफ Thar और Fortuner एक कतार में आपको दिख रही है। सबको शपथ दिलाई जा रही है कि ढंग से और सलीके से गाड़ी चलानी है। ये शपथ आखिर दिलाने की वजह क्या है? पिछले कुछ दिनों में यह देखा गया है कि जो हादसे की तस्वीरें सामने आई हैं। वैसे दूसरी गाड़ियों की भी आई है लेकिन Thar की भी आप देख रहे हैं। Fortuner से भी देख रहे हैं। इस तरह की गाड़ियों से हादसे बढ़े हैं। अब देखिए जरा आखिर क्या शपथ दिलाई गई। Thar और Fortuner कारों को बाहुबल और भौकाल से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन अब इनको लेकर एक बड़ा सड़क सुरक्षा अभियान शुरू हो चुका है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सैकड़ों की संख्या में Thar और Fortuner एसयूवी कारें एक खुले मैदान में एक साथ खड़ी हुई हैं। इनके आगे सभी के ड्राइवर और मालिक खड़े हैं। तो उधर मंच पर अधिकारी मौजूद हैं। जो एक साथ Thar और Fortuner गाड़ियों के मालिकों को शपथ दिला रहे हैं। जानकारी के मुताबिक इन ड्राइवर्स ने सड़क पर सुरक्षित गाड़ी चलाने और भाई गिरी और दादागिरी से दूर रहने की शपथ ली है।
तस्वीरें दमन और दीप की हैं। जहां दमन के कलेक्टर ने अभियान शुरू किया है। इसके लिए इन कारों के मालिकों को अपनी गाड़ियां लेकर बुलाया और शपथ दिलाई। फिर इन लोगों ने पोस्टर बैनर लेकर जागरूकता रैली निकाली और उनके हाथों में जो बैनर थे उनमें से कई पर अलग-अलग तरह के स्लोगन लिखे हुए थे। रफ्तार नहीं संस्कार और भाईगिरी नहीं जिम्मेदारी जैसे स्लोगन लिखे हुए अभियान का मकसद यह संदेश देना था कि बड़ी और शक्तिशाली एसयूवी का मालिक होना सिर्फ रफ्तार और ताकत दिखाने का जरिया नहीं बल्कि सड़क पर ज्यादा जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाने की जिम्मेदारी भी है। दमन के सूचना एवं प्रसारण विभाग ने बाकायदा इस अभियान का वीडियो जारी किया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कई यूज़र्स ने सुझाव दिया है कि ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर तकनीक के जरिए नजर रखी जानी चाहिए और बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहनों पर सख्त कारवाई होनी चाहिए। सुनिए जरा दमन के डिप्टी कलेक्टर साहब क्या कह रहे हैं। रजिस्टर्ड थार ओनर्स और Fortuner ओनर्स हैं। उन सबको बुलाकर यह Thar Fortuner संकल्प यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा का जो मुख्य उद्देश्य है वह यह है कि लोग जो है वो रिस्पांसिबल तरीके से ड्राइव करें। खुद भी सेफ करें। दूसरों को भी के बचाव के लिए जो उचित स्टेप है वो लें। और साथ ही साथ जो भाई गिरी और माफियागिरी प्रोजेक्ट किया जाता है इन व्हीकल्स के ओनर के द्वारा उनके खिलाफ आने वाले समय में प्रशासन बहुत कड़ी कार्यवाही करेगा। ये इस बात का भी संदेश दिया