23 साल पहले 2003 में प्रीति जिंटा आपके साथ हीरोइन थी। 23 साल बाद आपने प्रीति जिंटा से पूछा कि तुम तभी भी तेज ही क्यों लगती हो? तो शी इज़ जस्ट अ सेम। वैसे ही हंसती रहती है, बोलती रहती है। ऑल द टाइम उसकी बस एक चीज रहती है। मैं मैं हम तो भी जैसे हैं वैसेरहेंगे। 23 साल पहले 2003 में प्रीति जिंटा आपके साथ हीरोइन थी। 23 साल बाद आपने प्रतिंडा से पूछा कि तुम तभी भी तेज ही क्यों लगती हो? पूछा नहीं बट शी इज़ जस्ट अ सेम। वैसे ही हंसती रहती है, बोलती रहती है, बोलती है। यू कैन नेवर गेट बोर्ड सिंग विथ हर हम शी इज़ अ जम ऑफ़ अ पर्सन एंड ऑल द टाइम उसकी बस एक चीज रहती है।
मैं मैं बट नॉट अभी शी इज़ अ मां बन चुकी है तो आई एम श्योर शी इज अंडरस्टैंडिंग के बच्चों की लुक आफ्टर कैसे करनी है। बट व्हाट अ ब्यूटीफुल फिल्म द हीरो या हीरो वास अ वै नाइस फिल्म अनिल शर्मा अनिल शर्मा अगेन अगेन ही डन डिफरेंट काइंड्स ऑफ़ सिनेमा पाजी सेकंड लास्ट क्वेश्चन आजकल आ गया है कभी लगता है कि यार हमने जितने इमोशंस दिए जितनी इंटेंसिटी से दिए अब वो एक क्लिक में हो सकता है रिकक्रिएट हो सकता है.
हाउ यू थिंक कि इंडियन सिनेमा को के उनको दे रहे हैं और क्या है और क्या सनी देओल की बायोपिक बने तो कौन सनी देओल बनेगा आई हैव नो आईडिया कोई नया एक्टर जो नया एक्टर्स में से हैं नहीं आई हैव आई रियली डोंट नो आई रियली डोंट नो कौन करना चाहेगा कौन करेगा कौन बनेगा आई हैव नो आईडिया आपको लगता है जीत फिल्म में आपका गलत हुआ था? नहीं जीत में मेरे साथ कुछ गलत नहीं हुआ। क्या गलत हुआ? करिश्मा उधर चली आती है।
अच्छा कहानी की बात वादा आपसे होता है। प्यार आपसे होताहै। बट प्यार प्यार ही होता है ना। ही सैक्रिफाइसेस फॉर द लव। ही प्रोटेक्ट्स लव। दैट्स व्हाट प्यार इज ऑल अबाउट। सनी देओल के अपनी फिल्मों के तीन फेवरेट गाने कौन से हैं सर?
एक तो मेरा पहला ही गाना बहुत अच्छा था जो था ना जब हम जवा होंगे होंगे जब हम जवा होंगे हां या दैट इज अ वै नाइस सॉन्ग फिर अपने गदर के गाने बहुत गदर के गाने बहुत हां मुसाफिर मुसाफिर हैं मुर्जा काले या बहुत प्यारे आई लव वन मोन सॉन्ग ऑफ यू शाम भी खूब है आप शाम भी सनी कुमार सानू आप बॉबी में थे बॉबी और मैं शायद शाम भी खूब है पास महबूब है जिंदगी देख ले और क्या चाहिए मुझे भी याद नहीं आ रहा नहीं तो वो भी एक अच्छा गाना था अपने बाकी सब सपने होते अपने तो दैट इज अ सॉन्ग क्या प्यारा गाना है लॉर्ड बॉबी के मीम्स आप भी देखते हो पाजी नहीं नॉट रियली मैंने अपने भी मीम्स नहीं देखता कितनी बार तो मुझे पता नहीं बिकॉज़ मैं इतना उसके ऊपर स्क्रोल नहीं करता हम लास्ट क्वेश्चन पाजी जिंदगी से क्या सीखा आपने उतार-चढ़ाव बुरा वक्त अच्छा वक्त बहुत सारी चीजें रही जिंदगी से बस यही सीखा कि मुश्किलें आएंगी आती रहेंगी। कभी ऐसा नहीं हो सकता कि आपकी मुश्किलें खत्म हो गई। नई-नई मुश्किलें आएंगी और आपका एक सफर है और आपको यू हैव टू बी स्ट्रांग इनफ एंड मूव आगे बढ़ते रहना।
कभी पीछे नहीं देखना। और कभी यह नहीं सोचना कि मेरे साथ यह हुआ, क्यों हुआ, ऐसे हुआ। बिकॉज़ उसमें आप इतना वक्त निकाल देते हो कि आपका कल खराब हो जाता है। सो, जस्ट कीप मूविंग अहेड। बी थैंकफुल टू द गॉड। बिकॉज़ दे आर सो मेनी पीपल हु हैव नथिंग एंड दे आर स्टिल सो हैप्पी। सो बी ग्रेटफुल। बहुत सारे लोग पाजी कह रहे हैं कि रामायण इंडियन सिनेमा को चेंज कर देगी स्केल। आपने फिल्म में काम किया है। ये फिल्म हम बंटवारा देख रहे हैं। बंटवारा के बाद आपकी ये रामायणा आएगी।
आप हनुमान जी हैं। आपको लगता है इंडियन सिनेमा चेंज हो जाएगा? जिस स्केल पे रामायण बनाई गई है? देखिए किसी चीज के बारे में कुछ प्रेडिक्ट करना मैं मैं उनमें से नहीं हूं। बट डेफिनेटली बिकॉज़ मैंने पूरी फिल्म तो देखी नहीं है। सिर्फ वो ट्रेलर ही देखा है। द स्पेशल इफेक्ट्स ऑफ दैट ऑफ अ ग्रेट कैलबर एंड आई एम श्योर बिकॉज़ द डायरेक्टर्स इज़ आल्सो वेरी वेरी टैलेंटेड एंड वेरी गुड। आई होप दिस वी कम अक्रॉस विथ द स्टोरी एज़ सिंपल एज़ पॉसिबल। एंड वी हैव ऑल गुड एक्टर्स एवरीव्हेयर। सो, मेरे हिसाब से फ्रॉम द क्रिएटिव साइड एंड एव्रीथिंग इट्स गॉट एवरीथिंग गोइंग फॉर इट। सो पिछली बार दारा सिंह साहब थे हनुमान जी दारा जी दारा जी थे अभी मैं आई डोंट नो मैं कहां क्या कहां तक पहुंच चुका हूं आई हैव नो आईडिया बट दाराजी इज़ इरिप्लबल एस हनुमान जी एंड दिवाली आएगी वी विल गेट द ग्लिं्स ऑफ व्हाट टुमारो इस गोना बी आर यू रिलीजियस आर यू रिलीजियस पर्सन आई एम रिलीजियस फ्रॉम अ पॉइंट ऑफ व्यू दैट या देयर इज गॉड रब हैगा ते रब ए नहीं कह कि त 24 घंटे पूजा करते रहो रब कह अच्छे इंसान बनो अच्छे कर्म करो लोग दी मदद करो.
किनु दुख ना दो किनु ठेस ना पहुंचाओ बंटवारे पे आते हैं पाजी 43 सालों में पहली बार सनी देओल एक मुस्लिम किरदार में नजर आते हैं सिकंदर मिर्जा बनके खूबसूरत सी ट्रेलर जितना मैंने देखा एक खूबसूरत सी कहानी लग रही पर बहुत सारे सनी देओल के फैंस का यह सवाल था जिसका सामना आई एम श्योर आपने किया होगा कि पहली बार मुस्लिम किरदार क्यों? दो वो किरदार बहुत खूबसूरत है। नहीं मैं पहले जो चुका हूं देयर वास अ फिल्म व्हिच आई हैड डन अर्लियर अराउंड एक थी बहुत पहले बट इससे वो नहीं है कि मुस्लिम प्ले कर रहा हूं, हिंदू कर रहा हूं। हां भाई आज के जमाने में इन चीजों के इशूज़ बहुत बनते हैं। तब तभी मैं कह रहा हूं इट्स नॉट अ फर्स्ट यू हैव टू अंडरस्टैंड आर वी ऑल इंडियंस?
राइट मैं मानता हूं वी ऑल इंडियंस जो भी हिंदुस्तान में रह रहा है दे आर इंडियंस राइट तो उसके अलावा मैं फिर यह सब चीजों को इतना सीरियस नहीं लेता अगर मैं सीरियस नहीं लेता नहीं लेता अगर कोई मेरे पर प्रेशर डाले मैं किसी भी प्रेशर में नहीं आऊंगा मैं वो करूंगा जो मुझे पता है मैं सही कर रहा हूं और मैं कभी किसी कोई प्रोपगेंडा नहीं करना चाहता ना मैं कभी किसी को नीचे गिराना चाहता हूं हम एक्टर हैं हमारे पास कहानी है हम वो कैरेक्टर को पोट्रे कर रहे हैं कितनों को लगेगा यह अच्छा नहीं है, बुरा नहीं है। पर आप फिल्म को उस रूप से ना देखो। फिल्म को देखना है एक कहानी की तरह से और एक्टर को देखना है एज अ कैरेक्टर हु इज़ पोट्रेइंग ओवर देयर। अगर आप उसको उस तरह से देखोगे तो आपको कभी कोई चीज की तकलीफ नहीं आएगी।और जब फिल्म देखोगे तो जो आपके सवाल हैं वो भी मिट जाएंगे। जिसने ट्रेलर भी ढंग से देखा होगा वो समझ में आ गया होगा। तो सवाल अपने आप ही हट जाते हैं। जब देखेंगे बिकॉज़ बात मैं बहुत बोल चुका हूं। इंसानियत इंसानियत मां मां होती है। एंड इससे बढ़कर कुछ नहीं है। बट फिर भी पाजी जैसे बॉबी जब एनिमल कर रहे थे या उससे पहले एक अपनी सीरीज कर रहे थे तो उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र सर ने मना किया था। क्या नेगेटिव रोल मत करो।
जब आप बंटवारा कर रहे थे। आपने किसी से डिस्कस किया या अपनी मर्जी से फैसले लेते हो? मैं फैसले अपनी मर्जी से ही ले। किसी से डिस्कस नहीं करता। नहीं करता और उसके अलावा पापा ने भी सुनी थी कहानी। पापा को कुछ ऐसा नहीं लगा था और हम कुछ इस तरह की चीज कर भी नहीं रहे। ये सच है कि धर्मेंद्र सर ने जो लास्ट फिल्म देखी थी पापा ने पूरी पिक्चर देखी है। कैसी लगी थी उन्हें? बहुत अच्छी लगी थी। उनके जो भी पॉइंटर्स थे उन्होंने राज से डिस्कस किया था। बट अदरवाइज ही लाइक द फिल्म।
धर्मेंद्र सर ये क्या उर्दू थी? क्या बढ़िया जुबान क्या शेरो शायरी मैं तो उनकी Instagram पोस्ट लगातार देखता रहता था। आपको शेरो शायरी का शौक है पाजी? नहीं।
मैं जब पढ़ नहीं सकता, लिख नहीं सकता, तो कहां से करूं?तो, फिर यह अपनी जुबान, चाल, अदब यह कैसे ठीक किया आपने इस फिल्म के लिए? एज एन एक्ट्रेस जो करना होता है वो तो करना ही होता है। दैट्स योर जॉब टू डू इट। बट क्या मुश्किल आई इसमें सिकंदर में? ऐसे बंटवारे में सॉरी। बटवारे में ऐसी कोई मुश्किल तो नहीं। मैं मैं कभी कोई फिल्म को इतना मुश्किल नहीं समझता। नेवर। जब तय कर लिया करना है तो करना है। उर्दू में दिक्कत हुई आपको? नहीं।
ऐसा कुछ नहीं हुआ। नाइस। होंगे कुछ एक-दो अह वर्ड्स यहां वहां बट नॉट अदरवाइज बिकॉज़ अह जुबान एक जो सुनते रहे हैं तो दिमाग में बसी हुई है। उस वक्त प्रोनाउंसिएशन को थोड़ा ठीक करना होता है। हो जाती है। तो तारा सिंह गदर का या यहां पर बंटवारा एक्टर के तौर पर ज्यादा टफ कौन सा था? शरीर से नहीं पूछ रहा हूं मैं। मन से पूछ रहा हूं। हां मन से ही मैं सोच रहा हूं बिकॉज़ दोनों बहुत ही अलग किरदार हैं। दोनों में कोई टफ या इजी की बात तो नहीं है बट दोनों बहुत ही प्यारे किरदार हैं। एंड दे बोथ आर वेरी लवेबल कैरेक्टर्स। अ सिचुएशन एक रही है जहां पर कैरेक्टर का बर्थ ही एक बंटवारे से होता है और एक कैरेक्टर रहा है जो प्यार से शुरू होता है। बस इतना ही फर्क है। दोनों लड़ते हैं और दोनों जीतते हैं। अपने में आप और धर्मेंद्र सर थे।
बाप बेटे कहानी थी। बंटवारा में आप हैं और आपका बेटा करण भैया है। जावेद मिर्जा कितने इमोशन बदल जाते हैं? थोड़ा इस फीलिंग के बारे में बताओ ना। देखिए पापा के साथ भी जब मैंने आपने की थी तो ऑब्वियसली जो हमारे सीनंस होते हैं, सीक्वेंसेस होते हैं वो बहुत रियल हो जाते हैं और रियल हो जाते हैं। बिकॉज़ वी आर वी आर इन एक्टिंग विद वन अनदर। और इसमें भी करन के साथ मैं उसे रॉकी कहता हूं बिकॉज़ मेरे लिए निकले में बचपन से उसे रॉकी कहता था। तो उसके और मेरे जितने भी सीन्स हैं बाप बेटे के सीनंस हैं जो और उसका जो कैरेक्टर है वो आज का जजी कैरेक्टर होगा जो राइट उसको लेकर चले हैं कि उस वक्त जो यंग होगा तो उस पर क्या इन चीजों का क्या असर हुआ होगा और अचानक उसे ये सब चीज देखने को मिल रही है और इस एक्सपीरियंस के थ्रू जाना है तो आगे जाके वो किस तरह का बच्चा बनेगा यू नो पूरी जर्नी है उसके अंदर दैट्स व्हाट्स अ वेरीेंट फिल्म फॉर द जजीस टू टू सी इट बिकॉज़ इट रिप्रेजेंट्स देम एंड एज अ फादर सन मेरा और मैं अक्सर ऑब्वियसली एज अ फादर मैं जब बेटे को देखता हूं तो अंदर थोड़ा दिल धक-धग करता है कि सब ठीक हो रहा है कर रहा है कर रहा है कर रहा है तो अक्सर जब जब तक हमारे सीन्स होते थे तो आमने-सामने होते थे बट मैंने उसको व्हेन वी एक्टिंग तब उस वक्त हम लोग बेसिकली वो कैरेक्टर बन जाते हैं और तभी वो जाके सीन बनेगा नहीं बंटवारा में आपका बेटा आप ही का बेटा बना है मेरा इसी सीन आई एम श्योर अब्बा भी आया होगा। अंदर का पिता कहीं जगता था नर्वस होता था सीन को लेके। नहीं ऐसे कभी lनहीं। कभी नहीं, कभी नहीं। बिकॉज़ राज एक इस तरह का डायरेक्टर है जो एक्टर को जब तक उसे जो चाहिए नहीं मिले उसे ना मिले तब तक वो छोड़ता नहीं है।
आप अपनी फिल्म नहीं देखते हो। करण के सींस आप देखते थे? नहीं। नहीं। नहीं। मैं कितनी बार कितनी चीजें इसलिए भी नहीं देखना चाहता कि कहीं मुझे मैं कुछ मेरे दिमाग में थॉट कुछ और ना चला जाए। एंड वुड लाइक टू लीव द थॉट प्योर एंड सी व्हाट हैपेंस एंड देन इफ वी फील नीड टू डू सम करेक्शन देन इट्स अ डिफरेंट थिंग बट नॉट एट दैट मोमेंट नाइस इस फिल्म में सबसे फेवरेट मोमेंट आपका क्या था सर?
शूट के दौरान मैं स्टोरी की बात नहीं कर रहा हूं। शार के दौरान आई मीन फेवरेट मोमेंट तो यही था बस फेवरेट तो नहीं था क्योंकि थोड़ी राज का रहता है हमेशा वो किसी से कुछ हो नहीं रहा था वो चीखने चलाने लग जाता है और ये सिंग साउंड फिल्म थी तो हर चीज की बहुत वो होता था कि ये अब जूते में ये डालो वो करो ये करो ऐसे हो रहा था और फिर पीछे आवाें भी बहुत होती रहती थी यू नो तो मैं आई लाइक टू मैं इमोट करने जा रहा हूं सीन कर रहा हूं और शोर मच रहा तो मैं बहुत जोर से भड़क गया था एक दिन [हंसी] पूरा दिन सेट पे कोई कुछ नहीं बोला एंड बहुत प्यार से काम हुआ बिकॉज़ आई वास गेटिंग डिस्टर्ब फ्रॉम परफॉर्मिंग व्हाट आई वांटेड टू डू ये तो आप 96 में थे डर में