रणबीर कपूर की सबसे खतरनाक और अनसुनी कहानियाँ। दोस्तों, आज हम बॉलीवुड के सबसे बड़े प्लेबॉय, सबसे महंगे स्टार और कपूर खानदान के आखिरी सुपरस्टार रणबीर कपूर के उन काले रहस्यों से पर्दा उठाने जा रहे हैं, जिन्हें पीआर कंपनियां हमेशा आपसे छुपा कर रखती हैं। क्या आप जानते हैं कि रणबीर कपूर को एक अजीब सी बीमारी है जिसकी वजह से वह कभी सीधी लाइन में नहीं चल सकते? क्या आप जानते हैं कि एक लड़की की वजह से रणबीर ने अपने पिता ऋषि कपूर का घर छोड़ दिया था और ऋषि कपूर इतने नाराज हो गए थे कि उन्होंने रणबीर के घर में घुसने पर पाबंदी लगा दी थी? आज की इस वीडियो में हम रणबीर कपूर की जिंदगी से जुड़े 10 ऐसे चौंकाने वाले किस्से बताएंगे, जिन्हें सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। खासकर कहानी नंबर पांच और कहानी नंबर नौ, जिन्हें कपूर खानदान आज भी दुनिया से छुपाना चाहता है। अगर आप खुद को बॉलीवुड का फैन मानते हैं, तो इस वीडियो को आखिरी सेकंड तक देखना क्योंकि आज रणबीर कपूर का हर नकाब उतरने वाला है।वह रात जब उन्होंने डाइनिंग टेबल के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई। आइए शुरुआत करते हैं रणबीर के बचपन से, जो बाहर से तो शानदार दिखता था लेकिन अंदर से किसी हॉरर फिल्म जैसा था। ऋषि कपूर फिल्मों में जितने रोमांटिक थे, असल जिंदगी में उनका गुस्सा उतना ही डरावना था। जब रणबीर सिर्फ सात-आठ साल के थे, तब ऋषि कपूर और नीतू सिंह के बीच आधी रात को भयंकर झगड़े होते थे। बात इतनी बढ़ जाती थी कि घर के सामान टूटने लगते थे। छोटा रणबीर डर से कांपने लगता था। वह रोते हुए अपने कमरे से भागता और घर के बड़े डाइनिंग टेबल के नीचे छिप जाता था। वह अपने कान बंद कर लेता ताकि उसे अपने माता-पिता की चीखें न सुनाई दें। रणबीर ने खुद माना है कि वह पूरी रात टेबल के नीचे रोते हुए बिताते थे, और इसी डर ने उन्हें असल जिंदगी में बहुत शांत, अंतर्मुखी और थोड़ा अकेला बना दिया था।पिता का तमाचा और जूतों का विवाद: कपूर खानदान में रीति-रिवाज बहुत सख्त थे और ऋषि कपूर कोई रियायत नहीं देते थे। जब रणबीर 12 साल के हुए, तो आरके स्टूडियो में एक बहुत बड़ी सालाना पूजा आयोजित की गई थी। पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री वहां मौजूद थी। छोटा रणबीर नए कपड़े पहनकर वहां पहुंचा, लेकिन उसने एक बड़ी मानवीय भूल कर दी।
वह भूल गया और चप्पल पहनकर सीधे मंदिर के अंदर चला गया। ऋषि कपूर ने जैसे ही रणबीर के पैरों में चप्पल देखी, उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने यह नहीं देखा कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री सामने खड़ी है और कैमरे चल रहे हैं। उन्होंने आगे बढ़कर रणबीर को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। रणबीर जमीन पर गिर पड़े और रोने लगे। इस एक तमाचे ने पिता और बेटे के बीच एक ऐसी दीवार खड़ी कर दी, जो ऋषि कपूर के आखिरी दिनों तक पूरी तरह नहीं टूटी। रणबीर अपने पिता के सामने आराम से बैठ भी नहीं पाते थे।न्यूज़यॉक की काली रातें और ड्रग्स का जाल: जब रणबीर थोड़े बड़े हुए, तो उन्हें फिल्ममेकिंग की पढ़ाई के लिए न्यूयॉर्क भेजा गया। लोगों को लगता है कि वह वहां अपनी जिंदगी के सबसे अच्छे दिन बिता रहे थे। लेकिन सच यह था कि वह ड्रग्स की गंभीर लत का शिकार हो रहे थे। रणबीर ने एक इंटरव्यू में माना था कि न्यूयॉर्क में अकेलापन और आइसोलेशन उन्हें ड्रग्स के दलदल में खींच ले गया था। वह सुबह उठने से लेकर सोने तक इसके नशे में रहते थे। हालात इतने बिगड़ गए कि उन्होंने अपनी क्लासेस तक छोड़ना शुरू कर दिया। लेकिन एक दिन उन्हें अहसास हुआ कि अगर वह इस दलदल से नहीं निकले, तो उनका करियर शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएगा। उन्होंने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। ड्रग्स छोड़ने के लिए उन्होंने गंभीर विड्रॉल सिम्पटम्स झेले और आखिरकार इस लत से आजाद हुए। लेकिन वह आज भी सिगरेट की लत के आदी हैं, जिसे चाहकर भी वह छोड़ नहीं पाए हैं।संजय लीला भंसली का मानसिक टॉर्चर: अब बात आती है साल 2005 की। रणबीर भारत लौटे और फिल्म ‘ब्लैक’ के लिए संजय लीला भंसली के सहायक निदेशक बन गए। भंसली को इंडस्ट्री में ‘टॉर्चर मास्टर’ के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि वह अपने काम को लेकर जुनूनी हैं। भंसली ने रणबीर को साफ कर दिया था, “तुम घर पर कपूर खानदान के वारिस हो सकते हो, लेकिन मेरे सेट पर तुम सिर्फ एक नौकर हो।” भंसली रणबीर से सेट पर झाड़ू लगवाया करते थे। रणबीर को फर्श की रोशनी का रिफ्लेक्शन बिल्कुल सही करने के लिए घंटों घुटनों के बल बैठ कर फर्श साफ करना पड़ता था। अगर रणबीर से जरा सी भी गलती हो जाती, तो भंसली पूरी यूनिट, स्पॉट बॉय और जूनियर आर्टिस्ट के सामने उन्हें गालियां देते थे। रणबीर अक्सर सेट के पीछे जाकर फूट-फूट कर रोते थे। उन्होंने अपनी माँ से कहा कि वह यह नौकरी छोड़ना चाहते हैं, लेकिन नीतू सिंह ने उन्हें रुकने के लिए कहा।
इसी टॉर्चर ने रणबीर को अंदर से इतना मजबूत बना दिया कि वह एक महान अभिनेता बन सके।उनके करियर पर सबसे बड़ा अदृश्य खतरा: अब बात करते हैं रणबीर कपूर की जिंदगी के उस सबसे बड़े टर्निंग पॉइंट की, जिसने उनके पूरे परिवार की रातों की नींद उड़ा दी थी। यह कहानी उस समय की है जब रणबीर बॉलीवुड में नए थे और अपनी पहचान बना रहे थे। उस दौरान अचानक कुछ बाहरी और अज्ञात लोगों ने एक बड़ी फिल्म की कास्टिंग में दखल देना शुरू कर दिया, ऐसे लोग जो फिल्म इंडस्ट्री में पर्दे के पीछे से चीजें कंट्रोल करते थे। एक रात रणबीर कपूर के पास एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन के दूसरी तरफ एक ठंडी आवाज ने कहा कि अगर रणबीर ने किसी खास प्रोड्यूसर की फिल्म साइन नहीं की, तो उनका करियर शुरू होने से पहले ही खत्म कर दिया जाएगा। यह सिर्फ उनके करियर की बात नहीं थी, उस कॉल के लहजे ने रणबीर को अंदर तक हिला कर रख दिया था। रणबीर ने तुरंत इसकी जानकारी अपने पिता ऋषि कपूर को दी। भले ही ऋषि कपूर रणबीर से दूर रहते थे, लेकिन बेटे की सुरक्षा के लिए वह किसी भी हद तक जा सकते थे। ऋषि कपूर ने तुरंत शीर्ष कानूनी विशेषज्ञों और अपने सूत्रों को काम पर लगा दिया। कहा जाता है कि उस विवाद को सुलझाने के लिए कपूर खानदान को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ी थी। सुरक्षा के लिहाज से स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि कई महीनों तक रणबीर कपूर को व्यक्तिगत गनमैन और हाई-सिक्योरिटी बुलेटप्रूफ गाड़ियों के साथ मुंबई की सड़कों पर चलना पड़ा था। रणबीर कई रातों तक सो नहीं पाए, उन्हें डर था कि उन पर या उनके परिवार पर अचानक हमला हो सकता है। यह रणबीर की जिंदगी का वह दौर था जिसने उन्हें सिखाया कि बॉलीवुड की चमक-दमक के पीछे कितना अंधेरा छिपा है।आइए अब उस हिस्से की ओर रुख करते हैं जिसने रणबीर को ‘कैसानोवा’ का टैग दिलाया। दीपिका पादुकोण और रणबीर का प्यार जगजाहिर था। दीपिका उनसे इतनी पागल थीं कि उन्होंने अपनी गर्दन पर उनके नाम का टैटू तक बनवा लिया था और शादी के सपने देख रही थीं। लेकिन रणबीर के स्वभाव में कोई स्थिरता नहीं थी। फिल्म ‘अजब प्रेम की ग़ज़ब कहानी’ के दौरान कैटरीना कैफ उनकी जिंदगी में आ गईं। रणबीर छिप-छिपकर कैटरीना से मिलने लगे। दीपिका को शक हुआ, लेकिन उनके पास कोई सबूत नहीं था। एक रात दीपिका को किसी करीबी से खबर मिली कि रणबीर और कैटरीना एक होटल के कमरे में साथ हैं। दीपिका खुद वहां गईं और उन्होंने रणबीर को रंगे हाथों पकड़ लिया। इसने दीपिका को इस कदर तोड़ दिया कि वह गंभीर डिप्रेशन में चली गईं। उन्होंने नेशनल टेलीविजन पर कहा था कि रणबीर ने उनसे माफी मांगी थी, लेकिन वह इस धोखे को बर्दाश्त नहीं कर पाईं।पिता के खिलाफ बगावत और कैटरीना के लिए घर से बेदखली:
दीपिका को छोड़ने के बाद रणबीर कैटरीना के प्यार में इस तरह अंधे हो चुके थे कि उन्हें कुछ नहीं सूझ रहा था। लेकिन ऋषि कपूर को कैटरीना कैफ बिल्कुल पसंद नहीं थीं। वह नहीं चाहते थे कि कैटरीना उनकी बहू बने। घर के रोज-रोज के झगड़ों से तंग आकर रणबीर ने एक ऐसा कदम उठाया जिसने कपूर खानदान की नींव हिला दी। रणबीर ने रातों-रात अपना सामान पैक किया, ऋषि कपूर का घर छोड़ा और कैटरीना के साथ रहने के लिए एक नए अपार्टमेंट में शिफ्ट हो गए। ऋषि कपूर इस बगावत से इतने आहत हुए कि उन्होंने मीडिया में बयान दिया, “रणबीर ने मेरा घर छोड़ दिया है। इस घर से उसका अब कोई रिश्ता नहीं है।” कहा जाता है कि कई महीनों तक ऋषि कपूर ने रणबीर का चेहरा तक देखना पसंद नहीं किया था। लेकिन अफ़सोस, जिस कैटरीना के लिए रणबीर ने अपने पिता को छोड़ा, कुछ सालों बाद उस रिश्ते का भी बहुत दर्दनाक अंत हुआ।रणबीर कपूर की दो सबसे अजीब मानसिक आदतें और बीमारियां, और उनकी एक और अजीब समस्या जो सीधे उनके शरीर और दिमाग से जुड़ी है। रणबीर कपूर को बचपन से एक मेडिकल कंडीशन है जिसे नेसल डेविएशन (नाक की हड्डी टेढ़ी होना) कहते हैं। इसका मतलब है कि उनकी नाक की अंदरूनी हड्डी थोड़ी टेढ़ी है। अब आप सोच रहे होंगे कि इससे क्या होता है? इस स्थिति का असर यह है कि जब भी रणबीर बोलते हैं, तो वह बहुत तेजी से बोलने लगते हैं और इसी रफ्तार की वजह से वह अक्सर हकलाने लगते हैं। इसी न्यूरोलॉजिकल और शारीरिक दोष की वजह से रणबीर की जिंदगी में एक और अजीब बात होती है। वह कभी भी सीधी लाइन में नहीं चल सकते। हाँ, आपने बिल्कुल सही सुना। अगर रणबीर सड़क पर सीधे चल रहे हैं, तो वह अनजाने में थोड़ा साइड की तरफ झुकने लगते हैं। यही वजह है कि निर्देशकों को फिल्मों में उनके चलने के अंदाज और वॉक सीक्वेंस को अलग से कोरियोग्राफ करना पड़ता है, ताकि वह स्क्रीन पर बिल्कुल सामान्य दिख सकें।भव्य अंत, और अब आखिरी कहानी: फिल्म ‘एनिमल’ के दौरान रणबीर ने जो उग्र और हिंसक किरदार निभाया था,
उसका उनके दिमाग पर इतना गहरा असर पड़ा कि वह अपनी असल जिंदगी में भी हिंसक होने लगे थे। दोस्तों, अब हम रणबीर कपूर की जिंदगी के उस हिस्से की बात करेंगे, जिसे जानने के बाद आपको अपनी आंखों पर विश्वास नहीं होगा। हर इंसान की कुछ आदतें होती हैं, लेकिन रणबीर कपूर के मामले में ये आदतें एक जुनूनी और अजीब मेडिकल कंडीशन में बदल चुकी हैं।पहला जुनूनी पागलपन है नंबर आठ (8) के प्रति। रणबीर कपूर का नंबर आठ से ऐसा जुनूनी लगाव है जो किसी बीमारी से कम नहीं है। उनकी माँ नीतू सिंह का जन्मदिन 8 तारीख को आता है, इसलिए वह इस नंबर को अपना सब कुछ मानते हैं। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती। रणबीर की सभी गाड़ियों के नंबर प्लेट पर सिर्फ और सिर्फ आठ नंबर ही दिखाई देगा। हद तब हो जाती है जब रणबीर सड़क पर यात्रा कर रहे होते हैं।
अगर उनकी खिड़की के पास से कोई ऐसी गाड़ी गुजरती है जिसके नंबर प्लेट पर आठ अंक हो, तो रणबीर अपने ड्राइवर को तब तक आगे नहीं बढ़ने देते जब तक कि वह मन ही मन उस नंबर को आठ बार जोड़ नहीं लेते। उनके दोस्त बताते हैं कि कई बार इस चक्कर में रणबीर जरूरी मीटिंग्स के लिए भी लेट हो जाते हैं, लेकिन वह इस मानसिक सनक को छोड़ नहीं पाते।अब बात करते हैं कि कैसे आलिया भट्ट ने एक बार इशारा किया था कि रणबीर रात को सोते-सोते अचानक चिल्लाने लगते थे और उनका व्यवहार बहुत डरावना हो जाता था। इस किरदार की काली छाया से बाहर निकलने के लिए रणबीर को वास्तव में मेंटल डिटॉक्स थेरेपी के लिए जर्मनी जाना पड़ा था, तभी वह अपनी बेटी राहा के सामने एक सामान्य पिता बन पाए। तो दोस्तों, एक डरपोक बच्चे से लेकर फर्श साफ करने वाले असिस्टेंट, बॉलीवुड के सबसे बड़े प्लेबॉय और फिर ‘एनिमल’ बनने तक, क्या रणबीर कपूर की इस सच्ची और काली कहानी ने आपके होश उड़ा दिए? रणबीर की कौन सी कहानी आपको सबसे खतरनाक लगी? हमें कमेंट्स में जरूर बताएं। अगर आपको वीडियो पसंद आया हो, तो इसे अभी लाइक करें, चैनल को सब्सक्राइब करें और बेल आइकॉन दबाना न भूलें। मिलते हैं अगले ऐसे ही धमाकेदार वीडियो में, तब तक के लिए अलविदा।