पॉलिटिशियंस की चमचागिरी करें, पॉलिटिशियंस के पीछेछे घूमे। वो कैसा सुपरस्टार? सुपरस्टार तो वो होता है जो आम जनता के लिए आवाज उठाए और हंसीज़ाक में ही सही आम जनता की आवाज बने दिग्गज पॉलिटिशियंस के सामने। और फिल्म इंडस्ट्री से अगर यह दम कोई रखता है कि पॉलिटिशियन के मुंह पर तंज कस दे तो वो और कोई नहीं बल्कि संजू बाबा है।
मुंबई में कल दही हांडी के इवेंट्स हुए। ऐसे ही एक दही हांडी के इवेंट में संजय दत्त पहुंचे। शिंद गुट की तरफ से यह दही हांडी कंपटीशन किया गया था। जहां पर संजय दत्त गेस्ट बनकर पहुंचे थे। स्टेज पर संजय दत्त पहुंचे।
प्रताप सरनायक नाम के पॉलिटिशियन स्टेज पर खड़े थे। तो उन्होंने संजय दत्त को मजाकिया अंदाज में कहा कि आजकल मैं सबको मराठी सिखा रहा हूं। तो मुझे लगा कि क्यों ना संजय दत्त से भी थोड़ी मराठी बुलवाई जाए। आप हिंदी में बात करते हैं लेकिन हम सभी मराठी समझते हैं। अब कोई दूसरा स्टार होता तो शायद एक दो डायलॉग मराठी में बोलकर उस पॉलिटिशियन के गुड बुक्स में अच्छा बन जाता।
लेकिन संजू बाबा संजू बाबा है। वो अपने दिल की बात करते हैं और उन्होंने जो बात की है वो रिक्शा वाला और बाकी सभी लोगों का दिल जीत रही है। संजू बाबा ने कहा कि प्रताप भाई कि मैं छ साल यरवाड़ा जेल में रहा। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। प्रताप भाई मैं छ साल जेल में रहा ये अरोड़ा में तब भी मराठी नहीं सीख पाया। मैं थोड़ा सीखा था तुम्हें सर्वरना नमस्कार। हर हर महादेव। हर हर महादेव। बस थोड़ी सी मराठी ही आती है मुझे। सीधी बात नो बकवास। संजय दत्त ने कह दिया मुझे मराठी नहीं आती इसीलिए मैं नहीं बोल सकता। रिक्शा वाले भी तो यही कह रहे थे। हमें मराठी नहीं आती इसीलिए हम नहीं बोल सकते।
बट उन पर यह कंडीशन लगाई गई जिसके तहत सारे रिक्शा वालों को मराठी सीखनी पड़ी और कई रिक्शा वाला तो अपने घर लौट गए। संजय दत्त की यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और रिक्शा वाला और मुंबई में जो बाहर से आने वाले लोग हैं उनका बहुत प्यार मिल रहा है। वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि जब स्टेज पर खड़े होकर कोई बड़ा स्टार मराठी नहीं बोले, हिंदी बोले तो पॉलिटिशियन भी पास में खड़े होकर हंसते हैं। उन्हें कुछ कह नहीं सकते। लेकिन गरीब रिक्शा वाला अगर मराठी नहीं बोले तो उससे उसका काम छीन लिया जाता है। उसे प्रेशर किया जाता है। उसे पीटा जाता है। ये कैसी इंसाफी?