राज कपूर और नरगिस की प्रेम कहानी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित कहानियों में रही। दोनों ने साथ में कई यादगार फिल्में कीं और करीब एक दशक तक उनका रिश्ता सुर्खियों में रहा।
लेकिन 1958 में नरगिस ने सुनील दत्त से शादी कर ली। इसके बाद राज कपूर बेहद भावनात्मक रूप से टूट गए थे।लेखिका मधु जैन की किताब The Kapoors: The First Family of Indian Cinema में इस दौर का एक बेहद मार्मिक प्रसंग मिलता है। किताब के मुताबिक, नरगिस की शादी की खबर सुनकर राज कपूर ने इसे अपने लिए बड़ा विश्वासघात माना।
बताया गया है कि वह इतना परेशान थे कि के से खुद को लेते थे, मानो यह यकीन करना चाहते हों कि जो हुआ वह सपना है।राज कपूर की पत्नी कृष्णा कपूर ने भी बाद में पत्रकार बनी रूबेन से बातचीत में बताया था कि राज कई रातें में घर लौटते और बाथटब में बैठकर रोते रहते थे। हालांकि, इन घटनाओं का विवरण मुख्यतः किताबों और पुराने संस्मरणों में मिलता है,
नरगिस और सुनील दत्त का विवाह जीवनभर चला और नरगिस ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। राज कपूर के लिए यह रिश्ता भले खत्म हो गया, लेकिन नरगिस उनकी फिल्मों और यादों का हमेशा महत्वपूर्ण हिस्सा बनी रहीं।