नमस्कार दोस्तों, एक बार फिर आप सभी का स्वागत है मनोज फिल्मी पडकास्ट में। एक्टर जितेंद्र एक समय में बॉलीवुड के मोस्ट स्टाइलिश एक्टर माने जाते थे। 80 के दशक में उनके पहने वाइट ड्रेस का खासा क्रेज था। फैंस समेत कई समकालीन एक्टर्स के बीच उन्होंने वाइट ड्रेस को पॉपुलर कर दिया था। दोस्तों, वीडियो में आगे बढ़ने से पहले प्लीज मेरे चैनल को सब्सक्राइब करके बेल आइकन को जरूर प्रेस कर दीजिएगा। तो चलिए दोस्तों वीडियो को शुरू करते हैं। एक इंटरव्यू में शक्ति कपूर कहते हैं कि मैंने तो जितेंद्र जी के साथ लगभग 50 से भी ज्यादा फिल्में की हैं। वह मुझसे सीनियर रहे हैं।
उनसे काफी कुछ सीखने का मौका मिला है। डिसिप्लिन क्या होता है? यह मुझे जीतू जी ने ही सिखाया है। उनके साथ बिताए हर लम्हे को मैं याद रखूंगा। खासकर अपने हेल्थ का कैसे ध्यान रखना है? पंचुअलिटी क्या होती है? इन सभी चीजों की ट्रेनिंग मुझे उन्हीं से मिली है। जितेंद्र के साथ अपनी शूटिंग के दिनों को याद करते हुए शक्ति कपूर कहते हैं कि उस दौर में हेल्थ को लेकर एक्टर्स में इतनी सजगता नहीं थी। मेरी नजर में जितेंद्र एकमात्र एक्टर थे जिन्होंने अपने हेल्थ का बहुत ख्याल रखा है। मुझे याद है एक वक्त शूटिंग के दिन उन्होंने मुझसे कहा था कि यार शक्ति मुझे चावल खाए हुए 25 साल हो गए हैं और यह बात आज से करीब 40 साल पहले की रही होगी। मैंने कभी भी उन्हें अन्न को हाथ लगाते नहीं देखा था। उनके टिफिन में भी केवल वेजिटेबल्स और सलाड यही सब कुछ हुआ करते थे।
सेट कहीं भी हो वो रोजाना सुबह 5:30 बजे नियमित उठकर उस पूरे सेट का चक्कर लगाया करते थे। 1 घंटे की एक्सरसाइज के बाद वो आकर आधा घंटा सोकर 9:00 बजे सेट पर ऑन टाइम हाजिर होते थे। उस वक्त वह बड़े स्टार बन चुके थे। लेकिन कभी भी अपने स्टारडम का फायदा उठाते मैंने उन्हें नहीं देखा। तोहफा फिल्म का एक दिलचस्प किस्सा सुनाते हुए शक्ति कपूर बताते हैं कि उन दिनों हम तोहफा फिल्म शूट कर रहे थे। फिल्म में दो नायिकाएं श्रीदेवी और जया पर्दा थी। उन्होंने सगी बहन का रोल निभाया था। हैरानी की बात यह थी कि उनकी आपस में कभी बातचीत नहीं होती थी। पूरी फिल्म के दौरान उन्होंने एक दूसरे से बात नहीं किया था। अब पता नहीं उनका क्या पर्सनल मैटर था जिसका पता अभी तक नहीं चल पाया है।
जीतू जी तब मुझसे आकर कहते थे कि यार देखो यह साउथ वाले कितने प्रोफेशनल होते हैं। शॉर्ट के टाइम ऐसा लगता है कि इनसे पक्की सहेलियां कोई नहीं है। और वहीं जब शॉर्ट खत्म होता है तो दोनों की कुर्सियां अलग-अलग हो जाती हैं। जितेंद्र की अनोखी ड्रेसिंग सेंस पर शक्ति कपूर कहते हैं कि जीतू अपने वाइट कॉस्ट्यूम के लिए पहचाने जाते थे। उनका प्रभाव मुझ पर इतना पड़ा कि मैंने भी वाइट कपड़े पहनने शुरू कर दिए थे। वो वाइट कपड़ों में वाकई गजब ढते थे। खासकर उनके वाइट डांसिंग शूज के तो कई दीवाने थे। उस वक्त फिल्मी गलियारों में उन्हें मोस्ट वेल ड्रेस वाइट हैंडसम मैन जैसे टैग से नवाजा जाता था। उनकी ड्रेसिंग सेंस कमाल की थी। उनकी वाइट कलर की चॉइस की वजह से प्रोड्यूसर्स को सेट पर पांच से छह एक तरह के कॉस्ट्यूम रखने पड़ते थे। क्योंकि शूटिंग के वक्त वो बहुत जल्दी खराब हो जाया करते थे। जितेंद्र के साथ अपनी बॉन्डिंग पर शक्ति कपूर कहते हैं, हम दोनों ही एक्टर्स ने जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। उस वक्त हम एक्टर्स में एक बात यह थी कि चाहे कुछ भी हो, एक दूसरे के लिए खड़े हो जाते थे। सबकी तकलीफें एक सी लगती थी। आज की तरह नहीं होता कि शॉट खत्म होते ही एक्टर्स अपनी वैनिटी में चले जाते हैं।
हम तो हमेशा एक दूसरे के साथ मिलकर खाना खाया करते थे। टिफिन शेयरिंग हुआ करती थी। वहीं जब आउटडोर को जाते तो एक रूम सेलेक्ट कर लिया जाता था कि रोजाना दावत यहीं लगेगी। आज के दौर में ऐसा बहुत कम होता है। जितेंद्र सबके लिए स्टैंड लिया करते थे। वह प्रोड्यूसर्स के फेवरेट एक्टर होते थे। मैंने किसी एक्टर को नहीं देखा जिसने प्रोड्यूसर्स का इतना साथ दिया हो। कई बार प्रोड्यूसर्स मुसीबत में फंस जाएं तो जेब से अपनी मदद कर दिया करते थे। ऐसे किस्से भी रहे हैं जब प्रोड्यूसर्स ने बताई हुई रकम से कम पैसे दिए और जीतू जी ने कभी उसके लिए कोई विवाद नहीं किया। उस वक्त तो रिलेशन और बातों पर फिल्में हुआ करती थी। शक्ति कपूर आगे बताते हैं कि मुझे जितेंद्र ने वैसे तो कई सलाह दी है लेकिन मैं उनकी एक बात आज भी मानता हूं। जब मेरे पास पैसे आने लगे थे तो उसने मुझसे कहा था कि देख शक्ति यह मेहनत की कमाई है। इसे ऐसे ही जाया मत करना। हमेशा प्रॉपर्टी में पैसे इन्वेस्ट करना। इससे कमाई में बरकत होगी। मैंने वह बात मानी है। तभी जाकर आज इस मुकाम तक पहुंच पाया हूं। तो दोस्तों आज का वीडियो यहीं समाप्त करते हैं। मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में। तब तक के लिए आप सभी को टाटा बाय-ब टेक केयर।