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नेपाल में अचानक कहा से और क्यों आई बड़ी मुसीबत, जानकर दिल दहल जाएगा।

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अगर मैं यह कहूं कि यह कहानी सिर्फ नेपाल की नहीं है। तिब्बत से शुरू होती है। नेपाल के पहाड़ों से गुजरती है और आखिर में बिहार और उत्तर प्रदेश के मैदानों तक पहुंचती है। सबसे दुख की बात यह है कि प्रकृति ने यहां के लोगों को 2 मिनट का भी मौका नहीं दिया और उसके बाद जो कुछ हुआ वो अब यह तस्वीरें बता रही है।

यह जो पूरा इलाका है, यह दुनिया से है क्योंकि यहां जाने के लिए सड़क नहीं हैऔर सबसे बड़ा सवाल क्या यह सिर्फ प्राकृतिक आपदा थी या फिर चीन के किसी का भी इसमें रोल हो सकता है। सोशल मीडिया पर इस बात का दावा किया जा रहा है कि चीन ने खोला। कुछ लोग यह बोल रहे हैं कि । कुछ लोग यह बोल रहे हैं कि आया और कुछ का यह कहना है कि असली सच अभी सामने नहीं आया।

सबसे पहले आप नेपाल को कुछ इस तरीके से समझिए। ये जो मैप आपको नजर आ रहा है अगर आप यहां देखेंगे तो नेपाल के ऊपर अगर आपको नजर आएगा तो आपको तिब्बत नजर आएगा और नेपाल के नीचे क्या है?

भारत है जैसा आप देखे होंगे और बीच में आपको नेपाल और यह पूरी हिमालयन बेल्ट यहां पर आपको नजर आएंगे। जी हां, हिमालय की ऊंची-ऊंची पहाड़ियां और इसी उत्तर वाले हिस्से में ये जो उत्तर वाला हिस्सा है यहीं पर पूरी हुई है। तो सवाल यह है कि अब आपको मैं स्क्रीन पर बताता हूं कि हुआ क्या?

देखिए अगर मैं सबसे पहले बात करूं तो गरांग काउंटिंग। ये जो आपको जगह नजर आ रही है ये कौन सी जगह है? गरांग काउंटिंग। ठीक है? और यहीं से एक छोटी नदी निकलती है। एक छोटी नदी का उद्गम होता है। उसको कहा जाता है खोला। ये जो अगर आप देखेंगे यह है वही और यहां से ये नदी निकलती है तिब्बत में ।

जब तक यह नदी तिब्बत में है तब तक इसका नाम होता है लेंदेखोला और यहीं पर क्या हुआ? यहीं पर इस बात का दावा किया जा रहा है। इकट्ठा हो जाता है। एक प्राकृतिक झील के तौर पर यह पानी इकट्ठा हुआ। हालांकि अभी इस पूरे मामले को लेकर जांच जारी है। अब इसका जो इंपैक्ट है जब यह पानी इकट्ठा हुआ और फिर बाद में जब यह है। यानी जब यह जो प्राकृतिक झील बन गई वो है।

तो सबसे पहले इंपैक्ट कहां पर हुआ? सबसे पहला असर हुआ में जब यह नदी नेपाल के अंदर दाखिल होती है। जी हां, नेपाल में पहला जिला रसुआ और यहीं पर ठीक ये वो जगह है। यहीं पर सबसे ज्यादा हुई है।

यहां पर हुआ क्या है? की बात करें तो नेपाल चीन सीमा का पुल बह गया। तिमुरे की बात करें तिमुरे ये अगर आपको नजर आ रहा है। रसुआगढ़ी नेपाल चीन का जो सीमा का पुल है वो पूरी तरह से वाश आउट हो गया। वो तस्वीरें हमने आपको दिखाई। तिमुरे की बात करें तो यहां पर पूरा का इलाका पानी में समा गया और में बाजार सिया यह रहा ठीक है सिया में बाजार होटल घर सब कुछ है और सिर्फ कुछ ही मिनटों में पूरा की तस्वीर बन गया अब सवाल यह है कि आखिर ये नदी कौन सी है? क्या कई सारी नदियां हैं जिन्होंने नेपाल के अंदर ये दिलाई या फिर सिर्फ एक नदी है?

ये एक बहुत बड़ा कंफ्यूजन यहीं पर शुरू होता है। ये कंफ्यूजन मैं आपका क्लियर कर रहा हूं। बहुत ध्यान से आप इस को देखिए। देखिए नेपाल में जिस नदी में अचानक से का आया उसका नाम क्या है? । ये अगर आप नाम देख रहे होंगे ये नदी का नाम क्या है? । लेकिन अब आप बोलेंगे यहां पर ये नदी का नाम है । देखिए यहीं पर ये कन्फ्यूजन और नेपाल में भी जब ये नदी आगे बढ़ती है ना तो इसका नाम अलग-अलग होता चला जाता है। जब यह नदी तिब्बत के अंदर है तब इस नदी को हम क्या कहते हैं?

लेकिन जब यह दाखिल होती है नेपाल के अंदर। जी हां, तब इस नदी को कहा जाता है घोटे कोशी। ये आपके लिए जानना बहुत जरूरी है। लेकिन जब यह नदी आगे मध्य नेपाल की तरफ बढ़ती है तब इस नदी को क्या कहा जाता है? नदी।

ये नदी अपना नाम बदल लेती है। इसको कहा जाता है नदी। और फिर जब दक्षिणी नेपाल की तरफ ये नदी जाती है तब ये नदी का ही जो नाम हो जाता है वो हो जाता है नारायणी नदी और जब ये भारत में दाखिल होती है ठीक इस जगह पर वाल्मीकि नगर बैराज ये जो आपको नजर आ रहा है यहां पर फिर ये नदी हो जाती है ।

गंडक नदी भारत के प्रवेश के साथ ही इसका हो जाता है गंडक नदी नाम मतलब यह है कि एक ही नदी है लेकिन पांच नामों से ये बहती है अब नेपाल का रसुआ जिला ये जो है यह नेपाल का रसुआ जिला यहां पर सबसे पहले नदी पहुंचती है और फिर ये टिमुरे इसके साथ-साथ रसवागढ़ी कई छोटे पहाड़ी गांव हैं इलाके हैं। ये सबसे ज्यादा हुए हैं।

बात करें त्रिशुली घाटी की या आगे जब पहुंचती है वहां पर क्या हुआ? इसके बाद नदी बन जाती है और यहीं पर उसका नाम हो जाता है इसी नदी का नाम और रास्ते में है नवाकोट धादिंग है? नारायणी। जी हां। देवघाट के पास कई नदियां फिर यहां पर मिलती है। अब ये एक विशाल नारायणी नदी बन जाती है।

अपना आकार ये बड़ा कर लेती है और ये नारायणी नदी बन जाती है। ये नेपाल की सबसे बड़ी नदी प्रणालियों में से एक है। और जब ये भारत में प्रवेश करती है ठीक इस जगह पर जो मैंने आपको बताया वाल्मीकि वाल्मीकि नगर बैराज पर तब क्या होता है? यहीं से नदी भारत में प्रवेश करती है और नाम बदलकर गंडक नदी इसका फिर हो जाता है और फिर आगे देखिए बिहार के अलग-अलग जिले पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, हाजीपुर यहां से होते हुए ये आगे बढ़ती है और सोनपुर के पास क्या है? आगे ये फिर गंगा में मिल जाती है। इसके अलावा अब आप ये समझिए ये तो मैंने अभी आपको क्या बताया? रसुआ में 50 से 60,000 की आबादी है।

अब आप इससे खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि कितने लोग इसके इंपैक्ट में आए। जब रसुआ से आगे यही नदी बढ़ती है तो कौन-कौन से इलाके आते हैं? नवाकोट जिला आता है जिसकी आबादी कितनी है? 280000 जिला आता है। जिसकी आबादी कितनी है? 3300 चितवन जिला आता है।

जिसकी आबादी कितनी है? 7 लाख। मतलब सिर्फ पहाड़ नहीं है। इस नदी के किनारे नेपाल के लगभग 13 से 14 लाख की संख्या में लोग किसी ना किसी रूप से यहां पर रह रहे हैं। अब सवाल यह है कि ऐसा

रिपोर्ट्स क्या बता रही है? रिपोर्ट्स के मुताबिक भारी बारिश मुख्य वजह नहीं थी। संभावित घटनाक्रम क्योंकि देखिए तिब्बत में ग्लेशियर का जो एक हिस्सा है वो यहां पर टूटता है। ठीक है? बर्फ और चट्टानों का इस जगह पर अगर आप देखेंगे यहां पर एक जो प्राकृतिक झील है बस वो यहां पर बन जाती है। और बस फिर क्या हुआ? जैसे-जैसे पानी का जो दबाव है वो इस झील पर बढ़ता चला गया, बढ़ता चला गया। क्योंकि काफी देर तक तो जाहिर सी बात है वो उस पानी के दबाव को झेल नहीं सकता था।

जो वहां पर मलबा आ गया था जो हुआ था वो टूट गई और लाखों तरह से जो मलबा है पहाड़ की की तरफ आ रहा है। इसे वैज्ञानिक भाषा में।

ये वैज्ञानिक भाषा में मैं आपको बता रहा हूं। इसकी अगर इसकी बात करें तो यहां पर बड़ी संख्या में हजारों की संख्या में जो एक्सपर्ट्स हैं उनका कहना है कि यहां पर मौजूद हैं।

यानी कि एक्सपर्ट्स ये बोल रहे हैं कि जो हिमालय का क्षेत्र है लगातार यहां पर बहुत ज्यादा देखने को मिल रही है। ज्यादा हलचल देखने को मिल रही है। आप देखिए आपके पास एग्जांपल हो गए। इस बार भी क्या हुआ? ये जो एक्सपर्ट्स का ये कहना है कि आने वाले वक्त में ये जो पूरे मौजूद हैं ऐसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। यानी जो है वो नेपाल के साथ-साथ भारत के लिए भी जब यहां पर जो मौजूद हैं अगर वैसा ही कुछ देखने को मिलता है क्योंकि हिमालय में हिमालय क्षेत्र में बहुत तेजी के साथ बदलाव वहां पर देखने को मिल रहा है।

तो अगर ऐसा होता है तो नेपाल के साथ-साथ भारत के लिए भी आने वाले भविष्य में बड़ा हो सकता है। तो कुल मिलाकर इस

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