बॉलीवुड में कई ऐसे फिल्ममेकर हुए हैं, जिन्होंने सिनेमा की पढ़ाई करके फिल्मों की दुनिया में कदम रखा, लेकिन एक शख्स की कहानी थोड़ी अलग है. पेशे से डॉक्टर रहे इस शख्स ने पहले MBBS की पढ़ाई पूरी की, फिर नौकरी की और बाद में आध्यात्मिकता से जुड़े एक अनुभव ने उन्हें फिल्म बनाने की राह पर ला खड़ा किया. खास बात ये है कि बतौर फीचर फिल्म डायरेक्टर उनकी पहली ही फिल्म ने दर्शकों के बीच ऐसी पकड़ बनाई कि देखते ही देखते यह साल की सबसे बड़ी सरप्राइज हिट्स में गिनी जाने लगी
सिनेमा की दुनिया भी अजीब और खूबसूरत इत्तेफाकों से भरी पड़ी है. यहां कब कौन सा नया सितारा अपनी चमक से पूरी इंडस्ट्री को हैरान कर दे, यह कोई नहीं जानता. आमतौर पर किसी बड़ी फिल्म की सफलता के पीछे सालों का फिल्मी अनुभव, बड़े प्रोडक्शन बैनर और भारी-भरकम बजट होता है. लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि मरीजों का इलाज करने वाले एक एमबीबीएस डॉक्टर ने अचानक कैमरा संभाला और अपनी पहली ही डेब्यू फिल्म से बॉक्स ऑफिस पर ऐसा तहलका मचाया कि बड़े-बड़े ट्रेड एक्सपर्ट्स भी हैरान रह गए? इस डॉक्टर ने ऐसी फिल्म ने साबित कर दिया है कि अगर कहानी में सच्चाई और भावना हो तो बिना किसी तामझाम के भी दर्शक आपको सिर-आंखों पर बिठा लेते हैं.
आज के दौर में जहां सिनेमाघरों पर ‘टॉक्सिक’ जैसी 500 करोड़ी और भारी-भरकम बजट वाली मेगा-एक्शन फिल्मों का बोलबाला और जबरदस्त हाइप देखने को मिलता है, वहीं इस सीधी-सादी आध्यात्मिक फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अकेला रहकर भी अपना लोहा मनवाया है. 500 करोड़ी बड़ी फिल्मों की भीड़ और उनके साथ होने वाले बॉक्स ऑफिस क्लैश के बीच, इस फिल्म ने सिनेमाघरों में अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दी और खुद को साबित किया. इस चमत्कारी डेब्यू फिल्म का नाम है ‘हनुमान अंश’ और इसे डायरेक्ट करने वाले प्रतिभाशाली निर्देशक हैं डॉ. विशाल चतुर्वेदी.
शुरुआती दिनों में बेहद सीमित थिएटर्स और चुनिंदा दर्शकों तक पहुंचने वाली ‘हनुमान अंश’ ने अपने मजबूत वर्ड-ऑफ-माउथ के दम पर ऐसी रफ्तार पकड़ी कि यह देखते ही देखते साल 2026 की सबसे बड़ी ‘सरप्राइज हिट’ फिल्मों की लिस्ट में सबसे ऊपर शामिल हो गई. उत्तर प्रदेश के लखनऊ में जन्मे और पले-बढ़े डॉ. विशाल चतुर्वेदी का फिल्मों तक पहुंचने का सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. डॉक्टरी के क्षेत्र में अपना करियर बनाने वाले डॉ. विशाल ने वर्ष 2006 में गोरखपुर से अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी. पढ़ाई खत्म करने के तुरंत बाद, उसी साल जब उन्हें उत्तराखंड के हल्द्वानी में अपनी पहली डॉक्टरी पोस्टिंग मिली तो उनके जीवन में एक नया और ऐतिहासिक मोड़ आया.
हल्द्वानी में अपनी पोस्टिंग के दौरान उन्हें प्रसिद्ध नीम करोली बाबा के पवित्र स्थल ‘कैंची धाम’ जाने का सौभाग्य मिला. कैंची धाम के दर्शन के दौरान ही पहली बार उनका परिचय नीम करोली बाबा की दिव्य शिक्षाओं, उनके विचारों और जीवन दर्शन से हुआ. कैंची धाम के उस आध्यात्मिक वातावरण ने डॉक्टर विशाल के मन पर इतना गहरा प्रभाव छोड़ा कि वे खुद को अंदर से पूरी तरह बदला हुआ महसूस करने लगेनीम करोली बाबा के विचारों से मिली इस आध्यात्मिक प्रेरणा को उन्होंने एक कहानी के रूप में अपने दिल में सहेज लिया. वे लगभग दो दशकों यानी करीब 20 सालों तक इस विचार और कहानी को अपने भीतर संभालकर रखते रहे. आखिरकार 20 सालों के लंबे इंतजार और साधना के बाद, यह प्रेरणा ‘हनुमान अंश’ के रूप में रूपहले पर्दे पर साकार हुई
इस फिल्म के जरिए उन्होंने आस्था, आध्यात्मिकता, करुणा और मानवीय मूल्यों को बेहद सरल और भावनात्मक कथा के रूप में दर्शकों के सामने पेश किया है. डॉ. विशाल चतुर्वेदी सिर्फ एक डॉक्टर और डायरेक्टर ही नहीं हैं, बल्कि वे एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी इंसान हैं. वे पिछले 14 सालों से कंटेंट क्रिएशन, फिल्ममेकिंग, रिसर्च और कुकिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैंवे ‘द इंडियन किंग’ और ‘हॉली काउ होम प्रोडक्शंस’ जैसे रचनात्मक संस्थानों के संस्थापक भी हैं. इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए उन्होंने कई बड़े ब्रांड्स और प्रोजेक्ट्स के लिए बेहतरीन कंटेंट तैयार किया है. डॉ. विशाल का मानना है कि अच्छी कहानियां सिर्फ मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि इंसानी सोच पर एक गहरी छाप छोड़ती हैं. इसके अलावा, उन्हें भारतीय घरों के पारंपरिक खाने में भी काफी रुचि है. एक शेफ के रूप में उन्होंने ‘घर का खाना’ और उससे जुड़ी समृद्ध भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने का भी काम किया है