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‘हनुमान अंश’ ने मचाया धमाल तो सामने आया गूगल, फेसबुक का ये कनेक्शन!

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फिल्म हनुमान अंश 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इसने अपने कलेक्शन से लोगों को चौंका दिया। कमाई के मामले में इस फिल्म ने कई बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया। शुरुआत में इसकी कमाई थोड़ी धीमी रही लेकिन बाद में इसकी कमाई ने सभी को हैरान कर दिया। 26वें दिन ₹8 करोड़ से ज्यादा की कमाई हुई। 27वें दिन इस कमाई ने ऐसा चौंकाया कि टॉक्सिक जैसी बड़े बजट की फिल्म भी इससे पीछे रह गई। फिल्म का टोटल कलेक्शन अब तक ₹61 करोड़ से ज्यादा का हो चुका है। वहीं इस फिल्म से तमाम लोगों को उम्मीदें और दिखाई देती हैं। यह फिल्म नीम करौली बाबा पर आधारित है। जिनका धाम उत्तराखंड के कैंची धाम में है। इस आश्रम से बड़े-बड़े दिग्गजों का कनेक्शन रहा है।

Apple, Google, Facebook जैसी कंपनियों से जुड़े बड़े लोग उत्तराखंड के इस आश्रम से जुड़े रहे हैं। यह आश्रम कैंचीधाम है और इसके केंद्र में हैं नीमकरली बाबा जिन्हें उनके भक्त हनुमान का अंश मानते हैं। उनके आश्रम से स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग जैसे कई दिग्गजों का नाम जुड़ा है। अमेरिकी मनोवैज्ञानिक और हावर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रिचर्ड अल्पन साल 1967 में आकर नीमकरली बाबा से मिले थे। इस मुलाकात के बाद उन्होंने अपना जीवन आध्यात्मिक साधना और सेवा की ओर मोड़ दिया था। नीम करौली बाबा ने ही उन्हें रामदास का नाम दिया था। भारत से लौटने के बाद रामदास ने अपने अनुभवों और आध्यात्मिक यात्रा को लोगों के सामने रखा।

उनकी किताब बी हियर नाउ साल 1971 में प्रकाशित हुई थी। उनकी इसी किताब ने नीम करौली बाबा की कहानी को सिलिकॉन वैली और वेस्टर्न वर्ल्ड तक पहुंचाया था। कैलिफोर्निया की टेक कंपनी Apple के को-फाउंडर स्टीव जॉब साल 1974 में भारत आए थे। उस समय वो युवा थे और जिंदगी के मकसद और आध्यात्मिकता को लेकर जवाब तलाश रहे थे। वो नीमकरली बाबा से मिलने की उम्मीद लेकर भारत आए थे। लेकिन जब वो वहां पहुंचे तब तक बाबा का निधन हो चुका था। इसके बावजूद भारत में बिताया गया समय जॉब्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने करीब 7 महीने भारत में बिताए और इसी दौरान आध्यात्मिकता और भारतीय दर्शन को करीब से समझने की कोशिश की। स्टीव जॉब के इस अनुभव का जिक्र बाद में उनकी सोच और जीवन से जुड़े कई इवेंट्स में सामने आया। उन्होंने खुद माना कि इंस्टीट्यूशन यानी अंतर्ज्ञान का जो नजरिया था वो भारत यात्रा के बाद ही उनके जीवन में बदला। लोकप्रिय सोशल मीडिया कंपनी Facebook के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग भी इस आश्रम में आ चुके हैं।

साल 2008 में Facebook मुश्किल दौर से गुजर रहा था। इसी समय ज़करबर्ग ने स्टीव जॉब से सलाह ली और भारत जाने और कैंचीधाम की यात्रा जाना तय किया। जुकरबर्ग ने उनकी बात मानी और उत्तराखंड पहुंचे। बाद में उन्होंने भारत में इस यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि उनका अनुभव Facebook के मकसद और कंपनी के मिशन के बारे में दोबारा सोचने में मदद करने वाला था। नेमकरली बाबा का कनेक्शन Google से भी मिलता है। अमेरिकी डॉलर लेरी ब्रिलियंट बाबा से प्रभावित होकर भारत आए थे और कैचीधाम में उन्होंने वक्त बिताया था।

बाद में वह WHO के चेचक उन्मूलन अभियान से भी जुड़े। इसके बाद Google.org के फाउंडिंग एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बने। इसी तरह उनकी जिंदगी में भारतीय आध्यात्मिकता, ग्लोबल हेल्थ और सिलिकॉन वैली की टेक्नोलॉजी तीनों का अनोखा संगम देखने मिला। फिल्म हनुमान अंश पिछले कई दिनों से दर्शकों के बीच है। सिनेमाघर में बड़ी बजट की फिल्मों को पछाड़ती हुई यह फिल्म अभी भी लगातार कलेक्शन जारी रखे हुए हैं। कैंचीधाम और नीमकरली बाबा पर बनी यह फिल्म अब खूब सुर्खियां भी बटोर रही है। इस बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि कैंचीधाम से विश्व के बड़े-बड़े लोगों का जुड़ाव कैसा रहा है। इसी कड़ी में Apple, Google और Facebook के कनेक्शन भी सामने आते हैं। video desk aur उजाला.com इसी प्रकार की वीडियोस देखने के लिए हमें सब्सक्राइब करना ना भूलें और एस्ट्रोलॉजी से जुड़ी लेटेस्ट जानकारी के लिए डाउनलोड करें my ज्योतिष ऐप। [संगीत]

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