राजेश खन्ना के बारे में अक्सर कहा जाता था कि सुपरस्टार बनने के बाद उनके नखरे बढ़ गए थे और वह शूटिंग पर देर से पहुंचते थे। लेकिन उनके साथ कई फिल्मों में काम कर चुकीं शबाना आजमी की कहानी कुछ और ही तस्वीर दिखाती है।
शबाना ने एक इंटरव्यू में बताया कि उस दौर में कई कलाकार समय पर नहीं पहुंचते थे। उन्होंने तो यहां तक कहा कि राजेश खन्ना की तुलना में संजीव कुमार और शत्रुघ्न सिन्हा के देर से आने का अनुभव उनके लिए ज्यादा मुश्किल था। शबाना के मुताबिक, राजेश खन्ना “उतने बुरे नहीं थे”, जितनी उनकी छवि बना दी गई थी।
दरअसल, शबाना और राजेश खन्ना ने करीब दस फिल्मों में साथ काम किया था और दोनों के बीच अच्छी दोस्ती थी। उन्होंने राजेश खन्ना को एक तरफ बेहद बड़े सुपरस्टार और दूसरी तरफ बिल्कुल सहज, अपनापन रखने वाला इंसान बताया था।
शबाना ने यह भी कहा था कि उन्होंने राजेश खन्ना के कथित नखरों को खुद महसूस नहीं किया। उनके लिए काका एक सज्जन और बच्चों जैसी मासूमियत रखने वाले इंसान थे।यानी जिस राजेश खन्ना को लोग सिर्फ सुपरस्टार वाले तेवरों से याद करते हैं, शबाना आजमी की नजर में वह उससे कहीं ज्यादा सरल और दिलचस्प इंसान थे।