[संगीत] [संगीत] कभी-कभी जिंदगी हमें एक ऐसा डर दिखा देती है जिसके बाद घर लौटना भी किसी चमत्कार से कम नहीं लगता। एक मां के लिए शायद दुनिया की सबसे बड़ी खुशी यही होती है। वो अपने बच्चों को फिर से अपनी बाहों में भर सके और मानसी पारिक के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। मुंबई एयरपोर्ट पर जब मानसी पारिक ने अपनी बेटी निरवी को देखा तो वह खुद को रोक नहीं पाई। बेटी को गले लगाते ही उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े और कुछ ही पल के बाद जब उन्होंने अपने पति सिंगर पार्थिव गोहिल को सामने देखा तो उनकी भावनाएं और ज्यादा उमड़ पड़ी। यह सिर्फ एक मां का अपने परिवार से मिलना नहीं था। यह उस महिला का घर लौटना था जो पिछले कुछ दिनों में जिंदगी को बेहद करीब से देख चुकी थी।
दरअसल मानसी पारिक सद्गुरु की ईशा फाउंडेशन के साथ कैलाश [संगीत] मानसरोवर यात्रा पर गई थी। यात्रा के दौरान वो चाइना के रास्ते में थी। लेकिन इसी बीच तिब्बत और नेपाल के आसपास अचानक से आई भयानक बाढ़ और लैंडस्लाइड ने पूरा रास्ता बदल दिया। जिस रास्ते से उन्हें आगे जाना था वही रास्ता कुछ ही घंटों में तबाही के मंसर में बदल गया। मानसी ने खुद बताया कि जिस जगह उन्हें अगले दिन पहुंचना था वहां कुछ ही
टाइम के बाद इतनी भयानक तबाही हुई कि उन्हें देखकर यकीन करना मुश्किल था। उन्होंने उस जगह की तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हुए बताया कि वो वहां कुछ दिन पहले मौजूद थी और शायद यही सोचकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। अगर हालात कुछ घंटे अलग होते तो कहानी कुछ और हो सकती थी। मानसी ने बताया कि वो जिस जगह पर थी वहां से उस खतरनाक इलाके तक पहुंचने में उन्हें तकरीबन 5 घंटे और लगने वाले थे। जब फ्लड आया तब वो और उनका ग्रुप उस जगह से काफी दूर थे। इसलिए वो सुरक्षित रही लेकिन आसपास की तबाही ने उन्हें अंदर तक हिला दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जिंदगी कितनी अनसर्टेन है। इस घटना ने उन्हें बहुत करीब से महसूस कराया। साथ ही उन्होंने इस ट्रेजडी में प्रभावित लोगों के लिए लगातार प्रार्थना करने की अपील भी की। लेकिन मानसी की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुई।
अब उन्हें वापस इंडिया लौटना था और यही सफर उनके लिए एडवेंचर से ज्यादा डरावनी जंग बन चुका था। चाइना के नए अलाम इलाके में एक बड़े लैंडसाइड की वजह से उनकी बस तकरीबन 4 घंटे तक रुकी रही। रास्ता साफ होने के बाद जब सफर शुरू हुआ तो आगे की मुश्किलें उनका इंतजार कर रही थी। मानसी ने बताया कि उन्हें एक जगह लैंडस्लाइड को पैदल पार करना था क्योंकि बस से दूसरी तरफ इंतजार कर रही थी और आगे बढ़ने का कोई दूसरा रास्ता नहीं था। सोचिए एक तरफ पहाड़ों के बीच लैंडस्लाइड का रास्ता और दूसरी तरफ बाढ़ की तबाही और सामने सिर्फ एक मकसद किसी भी तरह घर पहुंचना। उन्होंने बताया कि नेपाल बॉर्डर तक पहुंचना उन्हें ऐसा लगा जैसे उन्होंने कोई जंग जीत ली हो। वहां से काठमांडू तक का सफर भी आसान नहीं था। उन्होंने इसे अपनी जिंदगी की सबसे उबड़ खाबड़ बस्ट राइड बताया। लेकिन मानसी के लिए उस वक्त हर मुश्किल के पीछे सिर्फ एक चेहरा था उनकी बेटी निर्वी का। उन्होंने खुद कहा कि सारी मुश्किलें झेलना उनके लिए वर्थ वाइल था क्योंकि इसका मतलब था कि वह वापस मुंबई जा सकेंगी। अपने परिवार से मिल सकेंगी और अपनी बेटी को गले लगा सकेंगी। और आखिरकार वो दिन आया जब मानसी मुंबई एयरपोर्ट पहुंची और वहां उनके पति और बेटी उन्हें लेने पहुंचे। परिवार ने उन्हें फूलों की माला पहनाकर वेलकम किया। लेकिन जैसे ही मानसी ने अपनी बेटी को देखा वो अपनी आंखों से बहते हुए आंसू को रोक नहीं पाई और मानसी ने उसको गस कर गले लगा लिया।
कुछ सेकंड के लिए मानसी भूल गई कि कैमरे चल रहे हैं लोग देख रहे हैं और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। [संगीत] उस वक्त उनके सामने सिर्फ उनकी बेटी थी। वो बेटी जिसके लिए वापस लौटने के लिए उन्होंने इतना मुश्किल सफर तय किया। नेपाल और तिब्बत के बीच आई इस प्राकृतिक आपदा ने कई लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया और मानसी उन लोगों में से एक थी जिन्होंने इस भयानक सिचुएशन को बहुत करीब से फेल किया। वो सुरक्षित घर लौट आई हैं। लेकिन इस पूरे अनुभव की याद शायद उनके साथ जिंदगी भर रहेगी। क्योंकि जिस दिन आपको महसूस हो जाए कि जिंदगी और मौत के बीच सिर्फ कुछ घंटे, कुछ किलोमीटर या एक बदला हुआ रास्ता है उस दिन घर की कीमत पहले से ज्यादा कई समझ में आती है और मानसी पारिक का अपनी बेटी को गले लगाकर रोना शायद इसी एहसास का सबसे भावुक हिस्सा है। एक मां घर लौट आई और उसकी बेटी को उसकी मां वापस मिल गई।