मैं उसी नाराजगी पर आ रहा हूं राश जी आपके पास मैं उसी नाराजगी पर आ रहा हूं आपने जो बयान दिया अभी जो आपने कहा ठीक है लेकिन जब रामलीला मैदान से ओम और अल्लाह एक है कह दिया जाता है तो लोग नाराज हो जाते हैं विवाद और बढ़ जाता है क्या कहेंगे नहीं वो कोई विवाद नहीं है हम उसको दोबारा भी दोहरा सकते हैं बिल्कुल वही बात है.
नाम अलग अलग है इबादत करने के तरीके अलग अलग है जात तो वो एक है एक जात है अब वो किसी को पॉलिटिक्स लगी इसमें उन्होंने अपना उसका कुछ किया तो ठीक है हमने उनसे यह भी कहा है तुम्ह किसी वजह से बुरी लगी है यह बात तो भ हम माफी मांगते लेकिन लेकिन अब अब आप अगर यह कहते हैं कि इस्लाम सबसे पुराना धर्म है तो इस पर फिर लोगों को नाराजगी होती इस पर क्यों नाराजगी होगी भारत में कैसे पुराना धर्म है ये बात कहने का मतलब यह नहीं है कि दूसरे धर्मों को डिनायर हैं हम तो यह कह रहे हैं यही धर्म इस्लाम होगा देखिए ये सवाल मैं एक मिनट मंदी साहब जब इतिहास जब इतिहास की बात करते हैं हम लोग इस्लाम 1400 1500 साल ननो बिल्कुल नहीं लास्ट प्र पहले मेरा पूरा सवाल सुन लीजिए ईसाई धर्म 2000 साल पुराना है नहीं भाई वो भी वो भी नहीं है हूं जब सनातन धर्म को 3500 साल पुराना आका जाता है कुछ लोग तो रामायण काल को 75 साल पुराना मानते हैं अब आप इस पर क्या कहेंगे ऐसे बयान का यही हम कहना चाह रहे हैं कि जब दुनिया में इंसान आया आदम आए पहले इंसान थे और पहले नबी थे मैसेंजर थे और जनाबे रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अ वसल्लम लास्ट मैसेंजर थे तो लास्ट मैसेंजर थे वो फाइनल करने आए थे अब हम यह बात अपने कह रहे हैं.
दूसरों को हम यानी चढ़ा नहीं रहे कि हम नहीं नहीं तुम ज्यादा पुराने नहीं हो हम ज्यादा पुराने इस बहस को इस तरह क्यों ले जाया जा रहा है इसको इस तरह ले जाया जाए कि हम अपना बारे में बता रहे हैं कि इस्लाम ऐसे आया था ठीक है हमने वो बताया तो आप यह कहते हैं नहीं नहीं इस्लाम तो अभी आया है तो हमें उसकी उसको क्लेरिफाई करना तोर क्या आप अभी भी यही कह रहे साल पहले सबसे पुराना धर्म यही कहते हैं कि इंसान आया तो इस्लाम आया तो आप अब आप मैं आपसे और ये बात ये बात उन्होंने कही थी मौलाना अरशद मदनी साहब ने कि यह नाम है यहां के लोगों ने ईश्वर कहा कहीं के लोगों ने अल्लाह कहा कहीं के लोगों ने खुदा कहा कहीं के लोगों ने अ गॉड कहा और भी अलग-अलग नाम है जात तो एक है लेकिन सनातन संस्कृति में कहा जाता है सबसे पहले मनु आए आदम की थ्योरी तो इस्लाम में है .
जो मन आए भाई यही तो हम भी कहना चाह रहे हैं कि आपकी थ्योरी जो है वह आपको माननी चाहिए आप मानिए उसे उसको गलत कौन कह रहा है हमने यह तो नहीं कहा कि आप आप सबसे नए हैं सबसे अभी अभी बस आए हैं यह सब तो कुछ नहीं है यह तो बहस का और डिबेट का सब्जेक्ट ही नहीं है अपने बारे में बता देखिए ऐसा कहा जाता है कि आप जब यह कहते हैं तो आरएसएस की उस थोरी को आप काउंटर करते हैं जिसमें कहा जाता है कि सबके पूर्वज एक हैं सब सरा तरी है हो सकता है कि इसको काउंटर ना कर रहे हो इसको सेकंड कर रहे हो हमें यह भी कहा जाता है कि अच्छा आप तो उनकी जब ये बात हम कह रहे होते हैं तो आप यह कह रहे हैं कि हम उनको काउंटर कह रहे हैं कुछ लोग ये भी कहे मुझसे मुझसे खुद आके कहा कि ओहो ये तो आप उनको सेकंड कर रहे हैं तो ये तो अपनी अपनी समझ की बात है कुछ लोगों की बुद्धि बिगड़ी हुई है तो उसका क्या करेंगे हम आप उनके खिलाफ एक नैरेटिव खड़ा कर रहे हैं नहीं कि कैसे कैसे आपने समझ लिया ऐसे नैरेटिव किसी के खिलाफ खड़ा कर रहे हैं नहीं गलत बात है .
बिल्कुल बात बता रहे देखिए वो कहते हैं सब राम के वंशज है आप कहते हैं कि सब आदम के वंशज है आदम से आए नहीं लेकिन वो एक अलग बात है वो तो भारत की बात करते हैं वो बात करते हैं मतलब मैं उनको काउंटर करने की मुझे कोई जरूरत नहीं इस इशू प कोई सवाल मेरा एक सवाल है मेरा मौलाना साहब आपसे सवाल यह है कि और ये कई बार कहा जाता है मुसलमानों पर इल्जाम आयद होता है जहां-जहां वह माइनॉरिटी में है वहां सेकुलरिज्म की बात करते हैं जहां-जहां मेजॉरिटी में चले गए वह दारुल हरब को दारुल इस्लाम में बदलते हैं क्या हिंदुस्तान को दारुल हरब से दारुल इस्लाम में बदलना चाहिए एक सवाल यह है और एग्जांपल के तौर पे दिया जाता है अफगानिस्तान फिर पाकिस्तान फिर अब जम्मू कश्मीर तो आप इसका काउंटर कैसे करेंगे क्या आप भी चाहते हैं कि दारुल हरब से दारुल इस्लाम में हिंदुस्तान को बदल दिया जाए हिंदुस्तान पहले ही दारुल अमन में हो गया है और जो दारुल अमन है वह है दारुल इस्लाम बनना चाहिए कि नहीं बनना चाहि मैंने तो हिंदुस्तान को उस तरह एक्सेप्ट किया है जिस तरह से यह आज हिंदुस्तान है इस संविधान के साथ उस तरह एक्सेप्ट किया है मेरे बड़ों ने फैसला किया और इंडिया को चूज किया और वह सवाल के जहां माइनॉरिटी में होते हैं सेकुलरिज्म चाहते हैं .
मुसलमान जहां मेजोरिटी में आते हैं तो कहते हैं अलगी पसंद हो जाते हैं हां ये कहीं मतलब आपका यह आपका जो यह स्टेटमेंट है मेरा नहीं मैं कह रहा हूं इल्जाम आयद होता है अच्छा जो लोग भी यह इल्जाम लगाते हैं वह उनकी बात हो सकता है दुरुस्त हो लेकिन अफगानिस्तान के बारे में हम बहुत दो टूक साफसाफ कहना चाहते हैं अगर इस्लाम अफगानिस्तान में है तो सबसे ज्यादा वहां के सिखों और हिंदुओं को या अदर माइनॉरिटी को सबसे ज्यादा सेफ सबसे ज्यादा एंपावर सबसे ज्यादा ताकतवर महसूस होना चाहिए ये एहसास दिया जाना असल इस्लाम होगा और असल उनकी देखिए तो नहीं है राजेश जी जो सवाल पूछ रहे हैं वो उसी सवाल का जवाब दे