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सुपरस्टार्स के चक्कर में डूबा करियर: ‘चतुर’ ओमी वैद्य के बॉलीवुड से गायब होने की खौफनाक सच्चाई!

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साल 2009 खत्म होते-होते एक फिल्म आई थी जिसने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा डाला था। फिल्म का नाम था थ्री इडियट्स। उस फिल्म में एक किरदार ऐसा भी था जो तीनों दिग्गज अभिनेताओं पर भारी पड़ गया था। वो किरदार था चतुर रामालिंगन या कहें साइलेंसर का। बॉलीवुड में पहली ही फिल्म करने वाले ओमी वैद्य इस फिल्म से एक बड़े हास्य कलाकार बनकर उभरे थे। हर ओर ओमी वैद्य की चर्चाएं होने लगी। सबको लगा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक नए हास्य कलाकार का उदय होने जा रहा है। यहां तक कि फिल्मी पंडित भी इनके नंबर वन कॉमेडियन होने की भविष्यवाणी करने लगे। मगर फिर अचानक 3 साल बाद वह फिल्मों से अचानक ही गायब हो गया। क्या आपने कभी सोचा कि नंबर वन कॉमेडियन की रेस में भाग रहे इस हास्य कलाकार के साथ आखिर ऐसा क्या हुआ था कि सिर्फ 3 सालों में ही यह बॉलीवुड से साफ हो गया। इसके पीछे ओमी वैद्य का एक फैसला था जो उनको ले डूबा। आइए हम आपको इनके फिल्मी करियर के बर्बाद होने का पूरा सच बताते हैं जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे। यदि आपने थ्री इडियट्स फिल्म देखी है तो आपने एक बात पर गौर किया होगा कि ओमी वैद्य उस फिल्म में ठीक से हिंदी नहीं बोल पाता था। दरअसल बात यह नहीं थी कि वह उस फिल्म में एक्टिंग कर रहे थे। बात यह थी कि वह भारत में पैदा ही नहीं हुए। ना ही यहां पले बड़े वो तो अमेरिका के कैलिफोर्निया शहर में 10 जनवरी 1982 को जन्मे थे। घर में दो-दो डॉक्टर, पिता भी और भाई भी, सबको लगता कि ओमी भी बड़े होकर डॉक्टर ही बनेंगे। मगर उनकी मां ने कुछ और ही सोच रखा था।

वो चाहती थी कि उनका बेटा एक्टर बने। इसी वजह से महज 6 साल की उम्र से ही बेटे को एक्टिंग और डांसिंग सिखानी शुरू कर दी। धीरे-धीरे ओमी को भी एक्टिंग कर लोगों का मनोरंजन करना अच्छा लगने लगा। एक्टिंग का भूत ऐसा चढ़ा कि उन्होंने 9 साल की उम्र में ही अमेरिका में एक मराठी ग्रुप ज्वाइन करके वहां नाटक करना शुरू कर दिया। वहीं 14 साल की उम्र में वह लॉस एंजेलिस हाई स्कूल के कला विभाग में पहुंच गए और यहां इन्होंने फिल्मों की मेकिंग की जानकारी हासिल की। यहां से सीधा पहुंच गए न्यूयॉर्क के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टट्यूट। यहां से फिल्म एंड टेलीविजन प्रोडक्शन सीखा और फिर 2003 में ग्रेजुएट होकर वहां से निकले। लेकिन उनको प्रोडक्शन में नहीं बल्कि एक्टिंग में ज्यादा मजा आता। अमेरिका में जब काम की तलाश में निकले तो उन्हें एक-दो सीरियल में काम जरूर मिला लेकिन अमेरिकन प्रोड्यूसर छोटा सा रोल देते जिसमें किसी एशियन को दिखाना होता। ओमी बस मजबूरी में उन किरदारों को करते जा रहे थे। यह सोच कर कि शायद किसी दिन किस्मत खोलेगी। और फिर एक दिन किस्मत खोल ही गई। आपको बताते हैं कि लॉस एंजेलिस का यह एक्टर बॉलीवुड में कैसे पहुंच गया। असल में मशहूर प्रोड्यूसर विधु विनोद चोपड़ा एक फिल्म थ्री इडियट्स बनाने जा रहे थे। उनको इस फिल्म के लिए ऐसे तीन कलाकारों की तलाश थी जो इडियट्स का किरदार कर सकें। वैसे इस फिल्म के लिए आमिर खान तो फाइनल हो चुके थे। बाकी के लिए ऑडिशंस चल रहे थे। अब हुआ यह कि ओमी का एक दोस्त था जो फिल्मों की स्क्रिप्ट लिखा करता था। वो विधु जी के साथ काम कर चुका था। एक दिन वो ओमी के पास आया और बोला कि विधु विनोद चोपड़ा एक बड़ी फिल्म बना रहे हैं। थ्री इडियट्स जिसके लिए ऑडिशंस चल रहे हैं। तुझे भी इस फिल्म के लिए कोशिश करनी चाहिए। ओमी हंस पड़े क्योंकि उनकी हिंदी टूटी फूटी थी और उन्होंने कहा कि मुझे हिंदी फिल्मों में भला कौन लेगा? मगर भारत से लगाव तो था ही क्योंकि बचपन में जब अपने परिवार के साथ गोवा आया करते अपने रिश्तेदारों के यहां तो मुंबई भी घूम लिया करते। फिर दोस्त ने कहा कि एक डेमो वीडियो भेज दे। ओमी ने भी अपना एक डेमो वीडियो बनाकर भेज दिया और भूल गए।

कुछ समय बाद डायरेक्टर राजकुमार हिरानी के ऑफिस से एक कॉल आ गया। इत्तेफाक से ओमी उन दिनों भारत में ही थे। उन्हें एडियट्स के किरदार के लिए ऑडिशन देने के लिए बुलाया गया। वो जब ऑडिशन देने के लिए हिरानी के ऑफिस पहुंचे तो टूटी फूटी हिंदी बोलना शुरू कर दिया। ऑफिस में जो लड़की थी वह बार-बार हिंदी के लिए टोकती रही और सिर्फ 1 मिनट बाद ही थैंक यू बोलकर जाने को कह दिया। वह समझ गए कि ऑडिशन में फेल हो चुके हैं। मगर कुछ समय बाद उन्हें दोबारा फोन आ गया और उनको ऑफिस फिर से बुला लिया गया। इस बार उनको डायलॉग बोलकर दिखाने को कहा गया। ओमी ने भी विधु विनोद चोपड़ा की एक फिल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस का एक सीन अपने अंदाज में कर ही दिया। आखिरकार साल 2008 में उनको फाइनल कॉल आ गया जिसमें उनकी मुलाकात सीधे फिल्म के डायरेक्टर राजकुमार हिरानी से हुई। राजकुमार हिरानी सीधा बोले देखो ओमी थ्री इडियट्स तो चुन लिए गए हैं लेकिन तुमने बहुत अच्छा ऑडिशन दिया है। इसलिए सिर्फ तुम्हारे लिए इस फिल्म में एक नया किरदार रचा जा रहा है जो इस फिल्म की जान होगा। लेकिन अगर तुमको यह रोल चाहिए तो सिर्फ तीन शर्तें माननी होंगी। पहली यह कि आज से ही हिंदी सीखनी बंद करनी होगी। दूसरी शर्त यह कि हिंदी फिल्में नहीं देखोगे और तीसरी तुम्हें अपना वजन 6 किलो बढ़ाना होगा। लेकिन सीन शूट होते ही तुम्हें तेजी से छह हफ्तों में अपना वजन घटाना भी होगा। यहां आपको जानकारी के लिए बता दें कि फिल्म के बाद वाले हिस्से पहले शूट किए गए थे।

जहां चतुर को अमेरिका रिटर्न एक मोटा आदमी दिखाया गया था। वहीं फिल्म के पहले वाले हिस्से बाद में शूट किए गए थे। जहां चतुर एक कॉलेज के स्टूडेंट दिखाए गए हैं। खैर ओमी की शादी कुछ ही महीनों बाद होने वाली थी। लेकिन इतना बड़ा ऑफर वो किस तरह ठुकरा देते। फौरन इन्होंने तीनों शर्तें मान ली और लग गए वजन बढ़ाने में। 6 किलो वजन बढ़ाया और शुरू हो गई शूटिंग। इसके बाद कॉलेज वाले भाग की भी शूटिंग हुई और फिर तेजी से इन्होंने वजन घटाया भी। इसकी शूटिंग आईआईएम हैदराबाद में हुई थी। फिल्म बनकर तैयार हो गई। लेकिन जानिए कि फिल्म के प्रीमियर के दिन क्या घटना हुई। साल था 2009 फिल्म के प्रीमियर का दिन आमिर खान, शर्मन जोशी और आर माधवन को तो सब पहचानते थे लेकिन ओमी वैद्य को तो कोई पूछ ही नहीं रहा था। वो चुपचाप एक कोने में खड़े थे। इसके बाद फिल्म शुरू हुई। साइलेंसर बने ओमी वैद्य की हिंदी और उनका वो हिंदी वाला भाषण तो कमाल ही कर गया। ऐसा अभिनय कि फिल्म खत्म होते ही ओमी तीनों इडियट्स पर भारी पड़ गए। प्रीमियर खत्म होते ही लोगों ने इन्हें घेर लिया। कोई ऑटोग्राफ मांग रहा तो कोई साथ में तस्वीर खिंचाने को उत्सुक। फैंस ने उन्हें इस तरह से घेरा था कि बाथरूम तक जाने के लिए उन्हें आधा घंटा लग गया था। बॉलीवुड के नए स्टार कॉमेडियन का रातोंरात उदय हुआ था।

एक ही फिल्म ने चतुर रामालिंगम यानी कि ओमी वैद्य का करियर उड़ान पर ला दिया। वो दौर कुछ ऐसा था कि इनके फोन की घंटी दिन हो या रात कभी शांत ही नहीं होती थी। कोई इन्हें बधाई देता तो कोई इन्हें अपने शो में इंटरव्यू के लिए बुलाया करता। कास्टिंग एजेंट्स उनके चक्कर लगाने लगे। बड़ी-बड़ी फिल्मी पार्टियों से ऑफर आने लगे। बड़े-बड़े अवार्ड फंक्शनंस में बेस्ट कॉमेडियन का खिताब मिलने लगा। फिल्म मेकर्स भी उगते सूरज को सलाम करने लगे और प्रोड्यूसर्स अपनी-अपनी फिल्में लेकर इनके पास पहुंचने लगे। मुंह मांगी रकम देने को हर कोई तैयार। बड़ी-बड़ी फिल्में मिल गई। ओमी को लगा कि बड़ा फिल्म स्टार बनने का सपना अब सच होने ही वाला है। मगर दोस्तों अचानक ऐसा क्या हुआ कि ओमी का बना बनाया करियर बर्बाद हो गया। असल में इसके पीछे उनकी एक नासमझी और एक गलत फैसला था जो इस अभिनेता को ले डूबा। हुआ यह कि थ्री इडियट्स के हिट होने के बाद इन्हें बड़े-बड़े बजट की फिल्में ऑफर होने लगी। फिल्म मेकर्स थ्री इडियट्स में दिखाई गई इनकी छवि को बार-बार दिखाकर पैसा कमाना चाहते थे। ओमी बॉलीवुड में नए थे। उन्हें इस बात का एहसास ही नहीं था कि उनकी छवि को सिर्फ फिल्म में इस्तेमाल किया जा रहा है। चतुर जैसे ही रोल ऑफर हुए लेकिन फीस की रकम बहुत मोटी दी गई। वहीं फिल्में अजय देवगन, अक्षय कुमार, जॉन इब्राहिम और अभिषेक बच्चन जैसे सितारों के साथ थी। ओमी ने मोटा पैसा और सुपरस्टार्स को देखकर फिल्में साइन कर ली। लेकिन अपने ही रोल पर ध्यान नहीं दिया। साल 2011 और 12 में उनकी एक साथ चार फिल्में आई, दिल तो बच्चा है जी।

देसी बॉयज, प्लेयर्स और जोड़ी ब्रेकर्स एक आध को छोड़ दें तो सभी फिल्में फ्लॉप हो गई। वहीं जो फिल्में थोड़ी बहुत चली थी, उसका सारा क्रेडिट स्टार्स ले गए। अब ओमी के करियर पर बट्टा लग गया था और अब उनको समझ भी आ गया कि वो टाइप कास्ट किए जा रहे हैं। उन्होंने अब जांच परख कर फिल्म में साइन करने का फैसला किया। लेकिन अब देर हो चुकी थी। एक साथ चार फ्लॉप किरदार उनको ले डूबे थे। अब फिल्म मेकर्स ने उनको पूछना ही छोड़ दिया और रातोंरात कॉमेडी स्टार बने ओमी वैद्य का करियर डूब गया। जब काम नहीं मिला तो वो थक हार कर वापस अमेरिका चले गए। साल 2012 से साल 2017 तक वो गायब ही रहे। फिर साल 2017 में दोबारा वापसी की कोशिश की बी ग्रेड फिल्म मिरर गेम से। इसके बाद 2018 में ब्लैकमेल फिल्म में भी नजर आए। यह दोनों फिल्में भी फ्लॉप हो गई और बॉलीवुड में वापसी की रही सही कसर भी अब खत्म हो गई। वैसे साल 2009 में ही ओमी की शादी हो गई थी। उनकी पत्नी का नाम मीनल पटेल है। दोनों के दो बच्चे हैं। एक्टिंग करियर डूब गया तो वह डायरेक्शन में हाथ पैर मारने लगे। साल 2022 में वह एक मराठी फिल्म के डायरेक्शन के लिए पुणे भी आए थे। काश ओमी ने थोड़ी सी समझदारी दिखाई होती तो हिंदी सिनेमा के पास एक बेहतरीन कॉमेडियन होता। दोस्तों आपको थ्री इडियट्स फिल्म में चतुर साइलेंसर यानी कि ओमी वैद्य कैसे लगे थे? हमें कमेंट में जरूर बताइएगा।

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