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चीनी के दाम बढ़ते ही एक्शन में CM योगी !कर दिया बड़ा ऐलान !मचा हड़कंप!

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रसोई में चाय से लेकर मिठाई तक चीनी ऐसी चीज है जिसकी कीमत बढ़े तो सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है और अब चीनी के बढ़ते दाम ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। सिर्फ 1 महीने में चीनी की कीमत करीब 16% तक बढ़ने की बात सामने आई है। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में खुदरा बाजार में चीनी का भाव ₹60 किलो के पार पहुंच गया और 20 अगस्त के आंकड़ों में कुछ जगहों पर कीमत 67 से ₹68 प्रति किलो तक दर्ज की गई। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि आखिर चीनी इतनी महंगी क्यों हो रही है?

क्या बाजार में चीनी की कमी हो गई है या फिर सरकार के पास स्टॉक कम पड़ गया है? इन तमाम सवालों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति साफ की। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं होने वाली है और लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने अधिकारियों के साथ चीनी की उपलब्धता को लेकर समीक्षा की और बताया कि राज्य में चीनी का काफी बड़ा स्टॉक मौजूद है। सीएम योगी के मुताबिक उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों में कुल 179.38 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है। इसमें सहकारी चीनी मिलों के पास 23.60 लाख क्विंटल चीनी का भंडार है।

वहीं निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल स्टॉक मौजूद है। सबसे बड़ा हिस्सा निजी चीनी मिलों के पास है। जहां करीब 150.50 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध बताई गई। यानी आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल राज्य में चीनी की उपलब्धता को लेकर कोई बड़ा संकट नहीं है। लेकिन सवाल यह है कि जब स्टॉक इतना है तो फिर कीमतें लगातार ऊपर क्यों जा रही हैं? दरअसल चीनी की कीमत सिर्फ बाजार में मांग बढ़ने से तय नहीं होती।

इसके पीछे गन्ने की उपलब्धता, चीनी मिलों का उत्पादन, बाजार में मौजूद स्टॉक और मांग आपूर्ति का संतुलन जैसे कई कारण होते हैं। इसके अलावा घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव भी असर डालता है। अगस्त में अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चीनी के दामों में तेजी देखने को मिली। उत्तर प्रदेश की बात करें तो कानपुर, नोएडा, प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद, मेरठ, मथुरा और आगरा जैसे बड़े शहरों में चीनी के दाम बढ़े हैं। कुछ जगहों पर खुदरा कीमत ₹60 किलो से ऊपर पहुंच गई है और 20 अगस्त को उपलब्ध आंकड़ों में 67 से ₹68 प्रति किलो तक के भाव भी सामने आए। अब सरकार की नजर सिर्फ कीमतों पर नहीं बल्कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी है। सीएम योगी ने साफ-साफ कह दिया कि अगर कोई कारोबारी जानबूझकर चीनी का स्टॉक रोक कर बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कोई भी व्यक्ति 30 दिनों से ज्यादा वक्त तक चीनी का स्टॉक जमा करके नहीं रख सकता। इसके अलावा एक वक्त में किसी डीलर के पास 400 टन से ज्यादा चीनी का स्टॉक पाया गया तो उसके खिलाफ कार्यवाही होगी। सरकार ने बिल्कुल साफ कर दिया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर एस्मा के तहत भी कार्यवाही की जा सकती है। वहीं किसानों को लेकर भी सीएम योगी ने बड़ा आंकड़ा दिया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान किया गया। करीब 48 लाख किसानों को ₹3217 करोड़ का भुगतान किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा सरकार की नजर आने वाले नए पैराई सीजन पर भी है। 15 अक्टूबर से गन्ने का नया पैराइ सत्र शुरू होने वाला है।

ऐसे में सरकार का कहना है कि आने वाले वक्त में चीनी का उत्पादन और सप्लाई बनी रहेगी और राज्य में चीनी खत्म होने जैसा कोई संकट नहीं है। तो फिलहाल चीनी के बढ़ते दाम ने भले ही आम आदमी की चिंता बढ़ाई हो लेकिन सरकार के आंकड़े बता रहे हैं कि यूपी में चीनी का स्टॉक मौजूद है। अब असली चुनौती यह है कि यह स्टॉक बाजार तक लगातार पहुंचे। जमाखोरी पर रोक लगे और बढ़ती कीमतों पर लगाम लगे ताकि चीनी की बढ़ती कीमत का बोझ सीधे आम आदमी की जेब पर ना पड़े।

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