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धर्म का धंधा करने वाले लोगों पर क्या बोले बाबा बागेश्वर?मचा हड़कंप!

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अभी हमने एक नया किया धाम पर वैदिक गुरुकुल 80 बच्चे मजदूरों के जिनके माता-पिता मजदूर हैं उनके बच्चों का रहना खाना पुस्तक पढ़ाई लिखाई सब फ्री ऑफ कॉस्ट वो चालू किया तो उसमें केवल हम संस्कृत नहीं सिखाते इंग्लिश मैथमेटिक्स हॉर्स राइडिंग तीरंदाजी सिंगिंग पूरा वैदिक और सबसे हाईटेक गुरुकुल हम सबसे तो नहीं कह सकते हां ठीक-ठाक कोई ओलंपिक मेडल भी आएगा आपके अगर ये सफल होंगे तो निश्चित भगवान ने चाहा अच्छा महाराज जी क्योंकि अभी जजी का वापस उसने जिक्र किया।

एक एक सवाल रह गया था। कंगना रानौत ने उस समय अह जनरेशन कह दिया। जी स्वामी रामदेव ने इस पर अपनी टिप्पणी दी। आपकी क्या निजी राय है? राजनेता नहीं राजनेता क्या वो तो एक्ट्रेस हैं। हां वो लेकिन सांसद हैं।

अच्छा अभी सांसद है लेकिन सांसद से ज्यादा समय तक एक्ट्रेस रहेंगे। नहीं नहीं राजनेता। स्वामी रामदेव पे बोलेंगे। स्वामी ये तो हमारे आदर्श है महाराज जी तो आप महात्माओं को आपके आदर्श क्या आप उनकी तरह आप भी मतलब वो हर क्षेत्र में अब जो है चले गए बहुत बड़े व्यापारी भी अच्छे व्यापारी भी बन गए हैं देश को बहुत मतलब रोजगार भी दे रहे हैं तो क्या आप भी उस आप क्या चाहते हैं महात्मा सिर्फ मांगते ही रहे हैं ।

देने वाले दादा देखो इस देश में हमारी आज से लेकर के अब तक के जितने भी प्रवचन के इंटरव्यूज या हमारे इंटरव्यू या कथा प्रवचन है सोशल मीडिया या मीडिया या YouTube आदि पर प्रसारित हमारी लाइव कथा प्रसारित टेलीकास्ट टेलीकास्ट है उन सबको आप सुनेंगे। हमने कभी माया छोड़ने के प्रवचन नहीं सुनाए और हम माया छोड़ने के पक्ष में नहीं। आज ₹100 है डॉलर ₹100 है कल 200 हो जाएगा। आप सबको बाबा बना दोगे तो देश का हाल क्या होगा? हम देश का विकास चाहते हैं।

अर्थ से परमार्थ की यात्रा चाहते। अर्थ कमाओ और परमार्थ में भी लगाओ। हम चाहते हैं दीनहीनों की भी मदद करो। धन कमाना बुरा नहीं है। पर किसी का दिल दुखा के कमाना। झूठ, छल, कपट, पाखंड, अंधविश्वास फैलाकर कमाना महा बुरा है। तो हम चाहते हैं हर व्यक्ति बिजनेसमैन बने। हर व्यक्ति व्यापारी बने। हर व्यक्ति अर्थ कमाने के स्रोत निकाले। नया आविष्कार करें। नईनई चीजों का आविष्कार करके समाज के सामने प्रस्तुत करें। हर क्षेत्र में वो सर्वगुण संपन्न हो। बिल्कुल होना चाहिए।

हमें स्वामी जी की एक बात बहुत अच्छी लगती है। सब में होना चाहिए। कोई बुराई नहीं। हां धर्म का धंधा नहीं होनी चाहिए। धंधे का धर्म तो होता है। धर्म का धंधा हो रहा है। अगर हम चंद्र कुछ लोग कर भी रहे हैं। चढ़ावा मामले की बात करें अयोध्या वो तो बहुत एक हनुमान भक्त होने के नाते राम भक्त होने के नाते हम इतना कह सकते हैं कि रावण ने माता जानकी जी का हरण किया था। उसकी लंका ।

देश के कानून पर हमें भरोसा है। निश्चित है। दंडों जिन्होंने अपराध किया उन्हें दंड तो मिलेगा ही मिलेगा। भगवान भी उनको छोड़ेगा। वो कौन लोग हैं और धर्म का धंधा कैसे वो तो जांच में बाहर आए। वो कौन लोग हैं और धर्म का धंधा कैसे करते हैं? धर्म का धंधा क्या होता है? धर्म का धंधा यह होता है कि हम भगवान के नाम पर झूठ छल कपट के नाम पर दिखावा भय दिखा के धर्म का चोला ओढ़ के अपने पेट भरना ये धर्म का धंधा है।

आप कहेंगे आप तो नहीं ऐसा करते। हम कथा करते हैं दक्षिणा मिलती है। हम प्रवचन करते हैं दक्षिणा मिलती है। लेकिन हम मकान नहीं अस्पताल बनाते बेटियों के विवाह कराते हैं। हर दिन 10 से 15 हजार लोगों को निशुल्क भंडारा कराते हैं। हमारा क्षेत्र आदिवासी क्षेत्र है। वहां 200 किलोमीटर में कोई नहीं है। हमने विचार किया हमारे क्षेत्र में में मंदिर अब तक बहुत है। हम मंदिर में अस्पताल देखना चाहते हैं। महाराज जी जब आप इसके विपरीत जो है वो धर्म का धंधा है। जब आपको चंदा चोरी के बारे में पता चला कितना आश्चर्य और कितना दुख आपको हुआ उस वक्त कि भगवान के दर पर इस तरह की चीजें हो रही हैं और जो लोग उसमें थे वो काफी हद तक मंदिर प्रशासन से जुड़े हुए थे और उनको मतलब चिन्हित कर पाना भी काफी देर बाद संभव हो सका। तो ये कितना आपको रूप से हुई?

प्रत्येक राम भक्त को जो पीड़ा हुई वही । भगवान के सहारे जीने वाले हम लोग हैं। भगवान पर निष्ठा रखने वाले लोग हैं। हनुमान जी की सेवा टूटी फूटी जो बन जाती है।

वह करते हैं। और कई लोगों ने अपने माताओं के गहने बेचकर, पत्नी के गहने बेचकर सामग्री को अर्पित किया राम जी के चरणों में। जब ये घटना हुई तो ये बड़ी हृदय वितारक घटना थी। सबसे विचित्र बात यह थी कि इस घटना के बाद भी कई लोग चुप रहे। तो दुख बहुत लगा और हमने उस पर भी बयान भी दिया। अपनी बात रख सकते हैं। वह रख हम देश का कानून तो है नहीं। पर सरकार ने कानून ने बहुत अच्छा कार्य किया। वह नाम वाप बाहर आए। की जांच गठित हुई। ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। उसके जो जिन्होंने किया उन्होंने तो उन्हें तो दंड मिलाए।

जिन्होंने नहीं भी किया उन्हें भी अपराध बोध लगा। बड़े लोगों को बचाया गया उसमें। पूर्ण रूप से सही कह पाना सही। पर कुछ हो भी सकता है। इससे कैसे बचा जा सकता था? ये कुछ होता ही ना इस तरह की घटना इसके लिए आप क्या देखिए इसके लिए सिस्टम के सुधार हम सिस्टम में एक बात ये याद रखें अब आप हमको न्यूज़ का हेड बना दोगे हमारी पर्सनल काम नहीं अब इसीलिए तो कह रहे हैं आप हमको न्यूज़ का हेड बनाओगे तो हमारी न्यूज़ों का तरीका ही अलग होगा मतलब सब्जेक्ट मैटर के एक्सपर्ट को वो जिम्मेदारी देनी चाहिए तो सबके अपने-अपने रस्ते हैं।

अब आप हमको बैठा दो के अब आप जाओ ज़रा एडिटिंग देखो। हम एडिटिंग में जो है आपके प्रश्न को सबसे लास्ट में कर देंगे। आपके प्रश्न को सबसे पहले ये शादी वाले प्रश्न शादी वाले प्रश्न अच्छा लेकिन बाबा जी उसमें आरोप ये लगा कि सरकार की भी नाकामी रही। आपको लगता है कि इसमें सरकार नाकाम रही या फिर ये प्रबंधन की देरी हुई। सरकार से जो देरी हुई वो चूक थी। जो कार्य आज करना चाहिए वो 10 दिन बाद मत करिए। आज ही कर दीजिए क्योंकि गंगा में पानी जब बहुत बह जाता ना तो लौट के थोड़ी आता है। ओवर कॉन्फिडेंस था कि कुछ गड़बड़ हो ही नहीं सकता है। यह आरोप ही गलत लग रहा है।

ऐसा लोगों को लग रहा था शायद सरकार को ये उस वक्त लग रहा था कि ये है। प्रायोजित या फिर सरकार इस विषय से बचना चाहती थी पर बाद में बट जगी ये बेहतर है और बेहतर तरीके से जगी उसके लिए हम वहां के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद कर रहे हैं। अच्छा जो सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट वाली बात आपने कही जो योगी जी क्योंकि एक साधु है इस वजह से वो ज्यादा अन्याय की तरफ ध्यान देंगे वहां पर इस मामले में उन्होंने दिया भी।

हम जो एक न्यूज़ बीच में देख रहे थे हम शायद बाहर थे तो वो जब अयोध्या रामलला दर्शन करने गए तो वो बहुत लोगों को मिले तक ऐसी कुछ न्यूज़ चल रही थी उसमें उसमें चंपत राय जी को भी वो उस वक्त उन्होंने तो जब आप बाहर होते हैं तो इंडिया में क्या चल रहा है उसको ट्रैक करते हैं नहीं ट्रैक नहीं हम रोज न्यूज़ पढ़ते हैं पढ़ते हैं लेकिन कई ऑनलाइन देखना पड़ता होगा ना YouTube पे या किसी YouTube चलाते हैं तब आप चलाते हैं और फिर जी हां जी आपको क्या लगता है कि हम कौन सा ऐप सबसे ज्यादा आप इस्तेमाल करते हैं? एक्स हैंडल करते हैं?

एक्स हैंडल और Instagram करते हैं? खुद से करते हैं। आपका भी समय जाता है ऐसे 40 मिनट तो जाता है। 40 मिनट 30 मिनट 40 मिनट न्यूज़ पूरी पढ़ने में। आज कहां क्या किसने क्या-क्या बयान दिया? कहां पर क्या चल रहा एक-एक न्यूज़ को हमें क्योंकि इसलिए भी अपडेट हमें रहना पड़ता है कि जैसे ही उतरो तुरंत माइक बताइए बाबा ये क्या वो माइक लगाने वाले आप ही लोग होते हो बाबा बड़ा ज्ञानी बनता था बोल नहीं पा रहे बाबा मेरे सारे साथी देखिए आपसे बहुत सख्त प्रश्न पूछ रहे हैं। मैं तो मंत्रमुग्ध हूं। मैं देख रहा हूं आपको बस।

मैंने आपसे पहले ही कहा था कि आपको देखता रहूंगा। जी जी आप बहुत सज्जन हो। आ बैठ मेरे आ बैठ मेरे पास। तुझे देखता रहूं। ये बताइए कि इतना सुंदर हनुमान जी भी हैं। जी लग रहा है कि बहुत ही डिजाइनर कोई शानदार आपने कुर्ता पहना है। कौन डिजाइन करता है? हमारी डिजाइनिंग ऐसी है कि जो भी आता है वो श्रद्धा से दे जाता है। कोई फिक्स डिजाइनर नहीं।

अच्छा लोग लोगों की इच्छा है। हमारे प्रति भावना जो जुड़े हैं। ये ये भी कुर्ता किसी ने दिया है। खुद के कहा। कितने खुश हो रहे हैं। हमारे खुद के कहा। उनका हृदय बड़ा हिलादित होता कि गुरुजी ने पहन लिया। तो हम तो चाहेंगे कि इस इंटरव्यू के बाद में आप भी एक आध श्रद्धा दिखाओ। आपको आपके आपको भी मन में ये आना चाहिए कि हमारा दिया हुआ कुर्ता पहने कोई महात्मा पहने वो तो कोर्ट देंगे।

नहीं नहीं कोर्ट ना दें। कोर्ट कहा करेंगे। अच्छा हम शानदार टीशर्ट देंगे आपको। भाड़ में गया हम ले भी लेंगे। पहन भी अब आप मना ना कर पाएंगे क्योंकि आपने बोल दिया है कैमरे पे और हम वो वाले के अगली बार कमेंट ही कर देंगे कि बड़े-बड़े नहीं हमने देखे। तो मतलब तो कुर्ता ही पहनेंगे आप।

नहीं नहीं आप टीशर्ट दो हम पहनेंगे। टीशर्ट पहनेंगे। अरे उसमें कोई लेकिन इसका मतलब ये नहीं कल तुम जींस पट ले आओ। वो ना पहनेंगे। टीशर्ट के साथ जींस भी देंगे। ना ना हम वो ना पहनेंगे। पहले ही कहेंगे। अच्छा तो है जींस पट पहनना उसमें कोई आपत्ति है कुछ? अरे भाई कोई आपत्ति नहीं। पुलिस वाला पुलिस की ड्रेस पहन कर के नया आए तो आप सीधा गए। भाई अपने-अपने रूल होते हैं। ड्रेस कोड होता है देश में।

का साधु का भी इंस्पायर हम भैया आप क्या चाहते हो महाराज जी हाल ही में कावड़ यात्रा को लेकर बहुत सारी बातें कही जाती है कि आजकल आस्था के नाम पर एंटरटेनमेंट ज्यादा हो रहा है। बड़े-बड़े डीजे लाउड म्यूजिक रास्ते में अवरोध होता है। पुलिस प्रशासन की सख्ती के बावजूद हमने देखा कई आपने भी देखे होंगे वीडियोस वायरल हुए जिसमें गंदगी फैलाई गई हरिद्वार के तटों पर जहां

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