एक बार फिर से तमिलनाडु के सीएम ने ऐसा फैसला लिया है कि जिसने सबको हिला के रख दिया। विजय का फैसला है कि किसी भी मंदिर में दान पेटी नहीं होनी चाहिए। कि अब से मंदिरों की दान पेटी मंदिर में नहीं स्कूलों और हॉस्पिटल्स में रखी जाएगी। ये क्या कर दिया विजय थानापति ने? क्या सीएम विजय ने मंदिरों में दान पेटी रखने पर रोक लगा दी है? और कहा कि दान पेटी की जरूरत स्कूलों और अस्पतालों में जरूरतमंदों के लिए है। इस तरह के दावों से इंटरनेट भरा पड़ा है। लोग सीएम थलापति विजय के इस कथित फैसले को लेकर उनकी भर-भर तारीफें कर रहे हैं। आइए जरा सोशल मीडिया पर वायरल होते इन वीडियोस में से कुछ वीडियो आपको दिखाते हैं और फिर आपको बताएंगे कि इन दावों में कितनी सच्चाई है।
एक एक्टर को अगर सीएम बनाओगे ना तो यही सब होगा। एक बार फिर से तमिलनाडु के सीएम ने ऐसा फैसला लिया है कि जिसने सबको हिला के रख दिया। विजय थालापति का फैसला है कि किसी भी मंदिर में दान पेटी नहीं होनी चाहिए। दान पेटी होगी तो सिर्फ और सिर्फ स्कूल, कॉलेज और हॉस्पिटल में क्योंकि इस पैसे की जरूरत भगवान को नहीं। स्कूल में बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा और हॉस्पिटल में गरीब लोगों को होता है। यह बदलाव सिर्फ तमिलनाडु में क्यों? पूरे इंडिया में क्यों नहीं? अगर आप भी चाहते हैं आपके यहां का भी सीएम यही फैसला ले तो इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करो। उस वीडियो पे जितना शेयर जाएगा उस हिसाब से हमें पता चलेगा कि इतने लोग चाहते हैं कि यह वाला कानून हमारे यहां भी लागू हो। विजय का फैसला है कि किसी भी मंदिर में दान पेटी नहीं होनी चाहिए।
दान पेटी होगी तो सिर्फ स्कूल, कॉलेज और हॉस्पिटल में क्योंकि पैसे की जरूरत भगवान को नहीं। स्कूल में बच्चों को अच्छी शिक्षा और हॉस्पिटल में गरीब लोगों को जरूरत होता है। यह बदलाव बस तमिलनाडु में ही क्यों? पूरे इंडिया में होना चाहिए। अब ये क्या कर दिया विजय थानापति ने? तमिलनाडु में हिंदुओं के लिए बहुत बड़ी बात कही गई है। जितने भी मंदिरों में दान पात्र हैं सब उठा के गवर्नमेंट स्कूल और हॉस्पिटल में रखे जाएंगे। क्योंकि भगवान को पैसे की जरूरत नहीं है। जरूरत उन लोगों को है जो अच्छे स्कूल में पढ़ नहीं पाते पैसों की वजह से। जो अच्छे हॉस्पिटल में अपना इलाज नहीं करवा पाते पैसों की वजह से। विजय थालापति का कहना है जो भी डोनेशन का पैसा होगा वो हम सब गरीबों में इस्तेमाल किया करेंगे। गौर करने वाली बात यह है कि ऐसे वीडियोस पर मिलियंस में व्यूज हैं और इन वीडियोस पर लोग सीएम विजय की भरभर तारीफें कर रहे हैं। अब चलिए बात करते हैं कि इन दावों में कितनी सच्चाई है।
आपको बता दें सोशल मीडिया पर इस तरह की जानकारी फैलाई जा रही है कि थलापति विजय ने मंदिरों की दान पेटियों को वहां से हटाकर सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में रखने का आदेश दिया है। हालांकि आपको बता दें कि थलापति विजय या उनकी पार्टी यानी टीवी की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान या निर्देश जारी नहीं किया गया है। तो एक तरीके से कहा जा सकता है कि फैलाई जाने वाली ये तमाम खबरें महज अफवाह है। गौरतलब है सोशल मीडिया पर थलापति विजय का नाम हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी पॉपुलैरिटी एक अलग ही लेवल पर पहुंच गई। सी जोसफ विजय यमुनान सीएम बनने के बाद थलापति विजय ने एक के बाद एक ऐसे कई फैसले लिए जो कि लोगों के लिए बेहद नए और अलग थे। फिर वो महिलाओं की सेफ्टी के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाना हो या फिर गवर्नमेंट अस्पताल में नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने का फैसला हो। इतना ही नहीं राजनीति में उनकी ओर से कुछ अलग बदलाव किए गए।
जैसे कि पारंपरिक राजनीतिक पहनावे की जगह फॉर्मल ब्लैक सूट पहनना, अपनी कुर्सी से वीआईपी कल्चर का प्रतीक तौलिया हटा देना, रोज समय पर दफ्तर पहुंचना और जनता के बीच उनका अपना बनकर जाना। यह तमाम चीजें उन्हें नए जमाने के जननायक के रूप में स्थापित कर रही हैं। क्योंकि विजय को एक नए जमाने का सीएम माना जा रहा है। उनके इन प्रगतिशील विचारों के कारण जनता को उनसे बड़े बदलावों की उम्मीद है। लेकिन जनता के इसी भरोसे और इमोशंस का फायदा सोशल मीडिया पर कुछ लोग उठा रहे हैं। सीएम विजय के नाम पर लगातार ऐसी फर्जी खबरें और रील्स बनाई जा रही हैं जो पूरी तरह बेबुनियाद है। दिक्कत तब होती है जब लोग ऐसी रील्स देखते हैं और उन्हें तुरंत सच मान लेते हैं। बिना फैक्ट चेक किए। खास करके जब कोई खबर आम आदमी या गरीबों के फायदे से जुड़ी हुई नजर आती है तो लोग उसे जांचे परखे बिना ही उस पर यकीन कर लेते हैं और यह अफवाह जंगल की आग की तरह फैल जाती है। यही कारण है कि जब इस तरीके के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए तो कुछ लोगों को सीएम विजय का यह कथित फैसला बड़ा पसंद आया और लोगों ने उनकी तारीफें करनी शुरू कर दी।
देखिए यह बात सही है कि सीएम विजय की ओर से कई ऐसे फैसले लिए गए जो काबिले तारीफ है और उसे लेकर सीएम विजय की तारीफ केवल जनता ही नहीं बल्कि विपक्षी पार्टियों ने भी की। लेकिन गड़बड़ वहां होती है जब कोई शख्स सामने वाले की फेम का फायदा उठाते हुए ट्रेन में क्या चल रहा है इस पर गौर फरमाते हुए ऐसी खबरें परोसते हैं जिनकी कोई बुनियाद ही नहीं है। तो अगली दफा अगर ऐसा कोई वीडियो आप देखें तो उसे आगे फॉरवर्ड करने से पहले विश्वसनीय सूत्रों से पुख्ता कर लें। जान लें, समझ लें और फिर तय करें कि आपको यह खबर आगे बढ़ानी चाहिए या नहीं। क्योंकि आप तो वह खबर एक बटन दबाकर आगे फॉरवर्ड कर देंगे लेकिन उस खबर का आगे लोगों पर क्या असर पड़ेगा इसे आप बहुत अच्छी तरीके से प्रेडिक्ट नहीं कर सकते तो सोशल मीडिया पर ना तो अफवाहओं पर भरोसा करें और ना ही अफवाहओं को ज्यादा तूल दें। ध्यान रखें हर वायरल खबर सच्ची नहीं होती। बहरहाल जाने से पहले आप हमें यह बताइए कि अगर किसी पॉलिटिकल पार्टी की ओर से ऐसा कोई फैसला दिया जाए तो आपके हिसाब से देश पर क्या असर पड़ेगा? अपने विचार हमारे साथ साझा कीजिएगा कमेंट सेक्शन में। ऐसे ही मजेदार फैक्ट चेक और देश और दुनिया की अहम खबरों का सिलसिला लाइव हिंदुस्तान पर जारी रहेगा।