दोस्तों क्या आप जानते हैं कि एक समय ऐसा भी आया था जब चीन की सरकार खुद चाहती थी कि राज कपूर उनके देश आए। विदेश मंत्रालय तक यह संदेश पहुंचा और राज कपूर पहले बेहद खुश हुए लेकिन फिर अचानक उन्होंने जाने से इंकार कर दिया। आखिर ऐसा क्या हुआ कि दुनिया भर में मशहूर सोमैन ने चीन जाने का मौका ठुकरा दिया। आइए जानते हैं पूरी कहानी। नमस्कार आप सुन रहे हैं बॉलीवुड किस्से और मैं हूं आपके साथ अंशु वर्मा।
दोस्तों हिंदी सिनेमा के महान सोमैन राज कपूर सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में बेहद लोकप्रिय थे। खासकर सोवियत संघ और चीन में उनकी फिल्मों का ऐसा जादू था कि लोग उन्हें अपने देश का कलाकार मानने लगे थे। फिल्म आवारा और श्री 420 जैसी फिल्मों ने चीन में भी अपन लोकप्रियता हासिल की और वहां के लोग राज कपूर की मासूमियत, उनकी मुस्कान और उनके अभिनय के दीवाने थे। बताया जाता है कि 1980 के आसपास जब भारत और चीन के राजनीतिक रिश्ते बहुत सहज नहीं थे तब भी चीन की ओर से इच्छा जताई गई कि राज कपूर को विशेष अतिथि के रूप में बुलाया जाए।
जब यह बात भारत के विदेश मंत्रालय के माध्यम से राज कपूर तक पहुंची तो वह बेहद खुश हो गए। इसकी एक और वजह भी थी। दरअसल राज कपूर को चाइनीज खाना बेहद पसंद था। उन्होंने मजाकमज़ाक में अपनी पत्नी कृष्णा कपूर से कहा कि अगर वह चीन जा रही हैं तो उन्हें भी साथ चलना होगा। लेकिन कुछ दिनों बाद उनका उत्साह अचानक कम हो गया। दरअसल पत्नी कृष्णा ने जब उनसे पूछा कि क्या बात है तो राज कपूर ने अपने मन की बात बताई। बताया जाता है कि उन्होंने कहा चीन के लोगों ने मुझे 1950 के दशक की फिल्मों में देखा है। उनकी नजरों में मैं आज भी वही जवान दुबला पतला और मुस्कुराता हुआ राज कपूर हूं। लेकिन अब मेरी उम्र बढ़ चुकी है।
मेरा वजन भी बहुत बढ़ चुका है और मैं नहीं चाहता कि मुझे इस रूप में देखकर उनके दिल टूट जाएं। राज कपूर अपने प्रशंसकों की याद को टूटने नहीं देना चाहती थी। उन्हें लगता था कि लोगों के दिलों में उनकी जो छवि बनी हुई है, वह हमेशा बनी रहनी चाहिए। इसी वजह से उन्होंने चीन जाने का विचार छोड़ दिया और यह फैसला सिर्फ एक यात्रा रद्द करने का नहीं था। बल्कि यह उस कलाकार की सोच थी जो अपने प्रशंसकों की भावनाओं का सम्मान अपनी निजी इच्छा से ऊपर रखता था।
राज कपूर हमेशा कहते थे कि कलाकार की सबसे बड़ी पूंजी उसके दर्शक होते हैं और शायद इसलिए उन्होंने अपने प्रशंसकों के दिलों में बसे उस युवा राज कपूर को हमेशा जिंदा रहने दिया। आज भी चीन सहित दुनिया के कई देशों में आवारा हूं और मेरा जूता है जापानी जैसे गीत लोगों की जुबां पर हैं। यही राज कपूर की सबसे बड़ी विरासत है। एक ऐसा कलाकार जिसने सिर्फ भारत में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में भारतीय सिनेमा का नाम रोशन कर दिया। दोस्तों फिलहाल इस पॉडकास्ट में इतना ही। ऐसे और भी पॉडकास्ट के लिए बने रहे हमारे चैनल के