वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया जब रनवे में आई अचानक खराबी के चलते विमानों का संचालन अचानक से ठप कर दिया गया। दिल्ली से आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6ई 5025 लैंडिंग की तैयारी में ही थी कि पायलट को रनवे की स्ट्रिप पूरी तरह दिखाई नहीं दी। खतरा भांपते हुए पायलट ने ऐन वक्त पर टच एंड गो की स्थिति अपनाई और 154 यात्रियों से भरे विमान को दोबारा आसमान में उड़ा लिया।
पायलट की इस सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। लेकिन विमान के उतरने और तुरंत उड़ान भरने से यात्रियों और उनके परिजनों की सांसे अटक गई। एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी को तुरंत इसकी जानकारी दी गई। जिसके बाद सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट प्रशासन तुरंत हरकत में आया और मुख्य रनवे को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया।
रनवे बंद होते ही बाबरपुर एयरपोर्ट पर अफरातफरी का माहौल बन गया। वाराणसी हवाई क्षेत्र में पहुंचे कई विमानों को हवा में चक्कर काटना पड़ा। दिल्ली से आई इंडिगो की फ्लाइट को करीब आधे घंटे आसमान में मंडराने के बाद अयोध्या और लखनऊ के लिए डायवर्ट किया गया। इसी तरह अहमदाबाद और नवी मुंबई से आ रही इंडिगो की फ्लाइट्स को भी लखनऊ डायवर्ट करना पड़ा। वहीं गाजियाबाद से आने वाली उड़ान को रद्द कर दिया गया।
जबकि दिल्ली समेत कई शहरों के लिए जाने वाली फ्लाइट्स घंटों लेट हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बाबरपुर एयरपोर्ट पर करीब ₹2870 करोड़ की लागत से विस्तार का काम चल रहा है। जिसके तहत रनवे को 2750 मीटर से बढ़ाकर 4000 मीटर से ज्यादा लंबा किया जा रहा है।
रात में मेंटेनेंस की वजह से गिटियां रनवे पर आ गई थी। दिन में एक फ्लाइट के उतरने के बाद पायलट से मिली शिकायत पर तुरंत जांच शुरू की गई और रनवे की सफाई तथा मरम्मत के लिए संचालन रोक दिया गया। रनवे की दिक्कत की वजह से एयरपोर्ट पर यात्रियों की लंबी कतारें लग गई और कई लोग अपनी उड़ानों के समय को लेकर असमंजस में नजर आए।
एयरलाइंस कंपनियों के हेल्प डेक्स पर यात्रियों ने अपनी उड़ानों के लिए नए समय और स्टेटस की जानकारी ली। एयरपोर्ट प्राधिकरण स्थिति को सामान्य करने में काफी समय तक जुटे रहे।
जानकारी के मुताबिक विमान में 154 यात्री सवार थे। अगर विमान ऐन वक्त पर टेक ऑफ नहीं होता तो किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। इस घटना से विमान में बैठे यात्री खौफ में आ गए। मरम्मत और सफाई का काम पूरा होने के बाद रनवे को धीरे-धीरे उड़ानों के लिए बहाल किया गया। लेकिन इस घटना ने एयरपोर्ट पर सुरक्षा मानकों और मेंटेनेंस के काम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।