तो मैं अंदर चला गया और मुझे एक अभ्यास हुआ। अरे रे आई हैव टू लिव फॉर माय किड्स। जिस सुपरस्टार को हमने बड़ी प्रदीप पर हमेशा हंसतीनाचती और लोगों को एंटरटेन करते हुए दिखाई उसकी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया था जब वह अंदर से पूरी तरह से टूट चुके थे। गोविंदा ने हाल ही में अपनी जिंदगी से जुड़ाई एक बेहद ही पर्सनल और इमोशनल किस्सा शेयर किया है। उन्होंने बताया कि मां के निधन के बाद उनकी हालत काफी खराब हो गई थी।
लेकिन फिर भी उन्होंने अपने बच्चों के लिए खुद को संभालने की कोशिश की। दरअसल हाल ही में ही एएआई पडकास्ट पर बातचीत के जरिए उन्होंने अपनी जिंदगी के उस दौर के बारे में बातचीत की जिसे सुनकर फैंस पूरी तरह से इमोशनल हो गए। बातचीत के दौरान गोविंदा ने अपनी मां को याद किया और बताया उनके निधन के वक्त वह पूरी तरह से टूट चुके थे। गोविंदा का अपनी मां को लेकर काफी गहरा रिश्ता था। उनके जाने के बाद वह पूरी तरह से टूट चुके थे और उनका दर्द बहुत बड़ा था। उस वक्त काफी ज्यादा मुश्किल दौर से गोविंदा गुजर रहे थे।
उन्होंने बताया कि उस वक्त उनको मेंटली प्रेशर काफी ज्यादा था और हालत खराब हो गई थी और इस वजह से वह जिंदगी को लेकर काफी ज्यादा नेगेटिव फील कर रहे थे। लेकिन इस मुश्किल वक्त में उनके मन में अपने बच्चों का ख्याल आता है। यही मोमेंट उनके लिए एक टर्निंग पॉइंट बनता है। गोविंदा ने बताया कि उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें अपने बच्चों के लिए आगे बढ़ना होगा। बच्चों की जिम्मेदारी और उनके साथ जुड़ा प्यार इस कठिन वक्त से उन्हें बाहर निकालने की ताकत देता है। यह खुलासा इसलिए भी खास हो जाता है क्योंकि गोविंदा को बॉलीवुड में हमेशा एक ऐसे एक्टर के तौर पर देखा गया जिनकी फिल्मों और गानों ने लोगों को खूब हंसाया और खूब एंटरटेन किया। लेकिन इस बातचीत में उनकी जिंदगी का बिल्कुल अलग साइड देखने को मिलता है। गोविंदा ने अपने करियर से जुड़े पुराने किस्से और प्रेशर की भी बात की है।
उन्होंने बताया कि बॉलीवुड में एक वक्त ऐसा था जब लोग काम और करियर को लेकर काफी ज्यादा स्ट्रेस में रहते थे। उन्होंने कहा कि उस दौर में कई स्टार्स अपने करियर पर ध्यान तो दे रहे थे लेकिन करियर के बाद की जिंदगी के बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे थे। अब गोविंदा लंबे वक्त बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। उनके नए प्रोजेक्ट को लेकर फैंस के बीच काफी एक्साइटमेंट देखने को मिल रही है। हालांकि इस बातचीत के बाद गोविंदा की फिल्मों से ज्यादा बातें उनकी पर्सनल स्ट्रगल की हो रही हैं। गोविंदा का यह एक्सपीरियंस हमार को यह सिखाता है कि किसी भी इंसान के चेहरे पर मुस्कान देखकर यह अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि वह अंदर से कैसा महसूस कर रहा है।
इसलिए किसी के भी पर्सनल पेन को हल्के में लेने या फिर उसे मजाक बनाने की बात नहीं करनी चाहिए। अपनी मुश्किल दौर को याद करते हुए गोविंदा ने जिस तरह से अपने बच्चों की जिंदगी को एक बड़ा सहारा बताया है वह फैंस के लिए एक इमोशनल मोमेंट बन गया है। फिलहाल गोविंदा अपने आने वाले काम और कमबैक पर फोकस कर रहे हैं। उनके फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि उनका आने वाला जो सफर है वह बेहतरीन होगा। मॉर्निंग सर। आइए सर कैसे हैं? यहां पे सर मेरे कैमरे में सर यहां पे साइड वाला 11 भाई