दिल्ली के पश्चिम विनोद नगर का रहने वाला विजय कुमार रोज की तरह कैब चलाकर अपने परिवार का गुजारा कर रहा था। लेकिन उसे क्या पता था कि ऑनलाइन बुक हुई एक सवारी उसकी जिंदगी की आखिरी सवारी बन जाएगी।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने रैपिडो ऐप के जरिए कैब बुक की और विहार रेड लाइट के पास पहुंचते ही ड्राइवर विजय कुमार पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल विजय की मौके पर ही हो गई। के बाद आरोपी कैद लेकर फरार हो गई। शादरा जिले के स्पेशल स्टाफ और थाना कृष्ण नगर की संयुक्त टीम ने एक ऐसे मर्डर का 24 घंटे के अंदर खुलासा किया गया है जो जो कि बड़ा चैलेंजिंग था और ये कैब ड्राइवर का हुआ था।
इसमें 23 जुलाई की शाम को एक कॉल आई थी थाने में कि रोड नंबर 57 पर मेट्रो पिलर नंबर 90 पर एक व्यक्ति को चाकू से मार रखा है और घायल अवस्था में कार के अंदर पड़ा ये खबर आई थी। वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने संदिग्ध कार का पीछा किया तो आरोपी घबराए और ईस्ट आजाद नगर मेट्रो स्टेशन के पास खून से सनी हुई Wagon R कार को छोड़कर भाग निकले।
इसके बाद शहाद्रा जिला पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड और तकनीकी निगरानियों के जरिए आरोपियों की पहचान शुरू की। पुलिस ने कई टीमों का गठन कर लगातार छापेमारी की। पीसीआर कॉल को प्राप्त करने के बाद तुरंत थाने के सीनियर ऑफिसर्स मौके पर पहुंचे और Maruti Wagon R की कार पर एक गंभीर अवस्था में घायल व्यक्ति को उन्होंने वहां पर देखा और उसको तुरंत डॉक्टर एडवार हॉस्पिटल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसको घोषित कर दिया। मृतक की पहचान विजय कुमार जिसकी उम्र लगभग 40 साल थी। निवासी वेस्ट विनोद नगर ईस्ट दिल्ली के रूप में हुई। घटना की गंभीरता को देखते हुए शादरा जिले की स्पेशल स्टाफ की टीम और थाना कृष्णा नगर की जो टीम है उनका गठन किया गया। एक क्रूशियल इनको इनपुट मिला जिसके तहत इन्होंने 24 घंटे के अंदर ही तीन आरोपियों को इसमें अप्रहेंड किया जिसमें कि एक जुबनाइल है।
महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने अयान, साहिल और 17 साल के नाबालिक को गिरफ्तार कर दिया। चौथे आरोपी अमन कुरैशी की भी पहचान कर ली गई है और गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ और पूछताछ में आरोपियों ने बताया उन्होंने पीने के बाद आसान पैसे कमाने के लिए कैब ड्राइवर को लूटने और जरूरत पड़ने पर करने की साजिश बनाई थी। और इनका चौथा साथी अभी जो है फरार है। उसका नाम अमन है। और यह इसके को पकड़ने के लिए अभी जो है प्रयास जारी है। पूछताछ में इन आरोपियों ने खुलासा किया कि इन्होंने पीने के बाद में एक जो कैब चालक को लूटने की योजना बनाई थी। तो इन्होंने इनमें इनका एक साथी जो अमन फरार है उसने का अरेंज किया और अयान के फोन से ये रेपिडो कार बुक कराई और जब कार वहां पे आई है तो वो इसमें बैठ गए और आगे जाकर के इन्होंने कैब ड्राइवर को पीछे से साहिल ने पकड़ा है और अमन और अयान दोनों ने उस पर से वार करके उसको घायल कर दिया।
उसके बाद इनका एक साथी जो है वो खुद कैप चलाने लगा और इसी दौरान पब्लिक के कुछ लोगों ने देखा तो उसको कार को फिर बाद में एक रेड लाइट के यहां पर उनको रोकना पड़ा और इसी दौरान वो वहां से फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों की निशानानदेही पर में इस्तेमाल , से सने कपड़े, वारदात में इस्तेमाल हुआ फोन और से सनी हुई wagon कार समेत कई अहम सबूत भी बरामद किए हैं।
शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से ही लूट और के कई अपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। पुलिस ने तकनीकी जांच में सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक सबूतों के दम पर महज 24 घंटे में इस सनसनीखेज का खुलासा कर दिया।
लेकिन सवाल यह है कि क्या ऑनलाइन कैब बुकिंग प्लेटफार्म के जरिए अपराध करने की बढ़ती घटनाओं पर लगाम कैसे लगेगी और कैब ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए क्या अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे।