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तेज़ब पीने वाली पीड़िता ने बताई पूरी सच्चाई, किया खौफ!नाक खुलासा

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ठाकुर से एक हैरान कर देने वाली वीडियो सामने आई थी सोशल मीडिया पर आपने देखा होगा कि एक ज्वेलरी की दुकान पर एक लड़की और उसकी जो मां है वो दोनों वहां पे खरीदारी करने के लिए जाते हैं। पानी मंगाया जाता है। वो पीती हैं और उसके बाद में वो छटपटाने लग जाती हैं। दुकान के बाहर जाती हैं।

बाद में पता लगता है कि उस पानी की बोतल में पानी नहीं बल्कि तेजाब था। वो जो पीड़िता है रिया राघव वो इस वक्त हमारे साथ में यहां पर मौजूद हैं। 10 तारीख की वो घटना है और आज 13 तारीख हो चुकी है। लगातार तीन दिन इलाज चला। खतरे में थी लेकिन इलाज के बाद अब वो खतरे से बाहर आ चुकी है। रूम में शिफ्ट कर दिया गया है।

लेकिन अभी भी अंडर ऑब्जरवेशन है। अंडर ट्रीटमेंट है। रिया मेरे साथ में यहां पे मौजूद है। मैं कोशिश करूंगा रिया से बातचीत करने की। हालांकि बताया जा रहा है कि जो फूड पाइप है उसमें प्रॉब्लम हुई है और थोड़ा सा अभी दिक्कत भी है बोलने में। रिया क्या आप कंफर्टेबल हैं बातचीत करने में? जी।

ये बताइए रिया कि उस दिन हुआ क्या था? आप वहां पे गए वीडियो में सबने देखा कि आप खरीदारी कर रहे थे। फिर आपने पानी पिया तो उसके बाद में फिर क्या हुआ था? एक्चुअली मैं एक ज्वेलर्स की शॉप पर गई थी।

वहां पर कुछ ज्वेलरी वगैरह की शॉपिंग करने मम्मा के साथ और उसके बाद फिर मतलब हम थोड़ी देर बैठे रहे। तन हमने पानी मांगा था मतलब उनसे ही बेसिकली ज्वेलर्स से। तो उन्होंने बोला कि अभी मेरी शॉप पे पानी खत्म हो चुका है। तो उन्होंने फिर सामने कनफेक्शनरी की दुकान थी। एक उनसे बोतल मंगाई। बिसलरी बोतल थी बेसिकली वो और उसके बाद फिर वो मैंने जब पानी मतलब उन्होंने बोतल खोल के दी वो सील पैक बोतल थी जब उन्होंने वो सील पैक बोतल खोली तो उसके बाद मैंने पानी ऊपर से ड्रिंक किया बोतल से डायरेक्ट पिया था देन जब मैंने वो दो घूंट पूरे मतलब सिर्फ पी लिए तब जाके मुझे रियलाइज़ हुआ वो पानी नहीं था एक्चुअली में वो था जब मेरे मुंह से झाग आने लगे बाहर उसके बाद जाके मुझे फिर डॉक्टर के पास लिया इसलिए ले जाया गया तब जाके पता चला वो बेसिकली था। पानी नहीं था उस बोतल में तो बस उसके बाद से फिर मेरी तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो चुकी थी। बस अभी कैसी आपकी हालत है? अभी बेटर फील कर रही हूं।

बाकी अंदर से तो इंजर्ड हुई। बस यही है। इंजरी में अभी डॉक्टर ने क्या-क्या बताया? इंजरी में यही बताया है कि फूड, पाइप और स्टमक वगैरह सब जेलस हो चुके हैं। मतलब चल चुके हैं अच्छी तरीके से। आपकी काफी टाइम लगेगा उनको मतलब रिकवर होने में। डेढ़ से दो महीने बाद भी और आगे मतलब समस्या हो सकती हैं काफी सारी। जी मतलब पूरी तरीके से अभी जो है कहा नहीं जा सकता कि आप बिल्कुल ठीक हो चुकी हैं। नहीं अभी ऐसा नहीं है कि मैं पूरी तरीके से ठीक हो चुकी हूं।

बस अभी बेटर फील कर रही हूं थोड़ा तो इसीलिए। अच्छा रिया उस दिन जो वो बोतल मंगाई गई थी वो पानी की बोतल कौन सी थी? क्या वो वहीं दुकान पर रखी हुई थी या फिर जब वो आई थी तो उसकी सील खुली हुई थी या सामने खोली गई थी? वो बोतल दूसरी शॉप से मंगाई गई थी। सामने एक शॉप है कनक्शनरी की उनसे वो बोतल मंगाई गई थी।

बिसलरी की बोतल थी वो और वो सील पैक्ड थी। वो सील हम उन्होंने ही जो है ना खुद से खोल के दी थी। तो बेसिकली वो सील पैक्ड बोतल थी जब मैंने खुद से पी तब। अच्छा जैसे ऐसा होता है कि एक तो बिसलरी नाम होता है। इसके अलावा उसकी डुप्लीकेट बहुत सारी आती है। अलग-अलग नाम से लिखा अगर उसको पढ़ा जाए तो बिसलरी ही पढ़ा जाता है।

लेकिन उसकी स्पेलिंग अलग-अलग होती है। क्या वो वाकई जो प्रॉपर स्पेलिंग है बिसलरी की वो वही थी या उसमें भी कुछ नाम चेंज था? नहीं वो प्रॉपर बिसलरी की थी। अच्छा प्रॉपर बिसलरी थी। मैंने पढ़ा था और बोतल भी हमारे पास थी जब तो प्रॉपर बिसलरी की थी। जिसकी दुकान है अनुज इनको कब से जानते हैं आप और उस दिन इनके दुकान पर आप क्या खरीदने गए थे क्या बातचीत हुई वो हम बहुत पहले से जानते हैं उनको और बातचीत तो

ऐसी नॉर्मली हमारी बस ज्वेलर्स वगैरह मतलब ज्वेलरी वगैरह को लेके हुई थी बाकी ऐसी कोई बेसिकली नॉर्मल बात नहीं हुई थी मतलब नॉर्मली शॉप से रिलेटेड उन चीजों से रिलेटेड हुई थी थी बस भैया आप खुद भी एक टीचर हैं एक शिक्षक हैं और अच्छी पढ़ी लिखी आप हैं किसकी लापरवाही इसमें मान के चल रही है कि कहां गलती हुई है जो आज आप इस हालत में यहां पे हैं। मे बी बेसलरी वाली की तरफ से हो सकता है क्योंकि देखो सील पैक बॉटल में तो मे बी वो नहीं डालेंगे ना शॉपकीपर्स जो भी तेजाब वगैरह जो भी था उसमें तो मैं तो नॉर्मली सी बिलरी वालों की ही मानूंगी ये नॉर्मल है क्योंकि सबको यही लगता है कि भाई जब सील पैक पोर्टल थी तो उसमें एसेट कहां से आया कैसे आया है ना तो बेसिकली वो बिसलेरी वालों को ही क्लेम करना चाहिए क्या मांग है आपकी अब क्या चाहते हैं मतलब मैं चाहती तो कुछ भी नहीं हूं कि नॉर्मल सी अपना मतलब अभी मेरा इलाज ही चल रहा है तो बस वही अच्छे से हो जाए और आगे कुछ प्रॉब्लम ना हो।

अच्छा देखिए पानी की बोतल कई लोग इस्तेमाल करते हैं। अगर हाईवे पे घूमने जाते हैं तब भी लेते हैं। नॉर्मली घर में भी वो मंगाते हैं। कहीं किसी शॉप पे जाते हैं तब भी पानी की बोतल से पानी पीते हैं। तो ऐसे में आप क्या अपील करना चाहेंगी? क्योंकि जो आपने भुगता है और मुझे लगता है कि शायद पहला ही केस ऐसा इस तरीके का कुछ होगा। तो जागरूकता के तौर पर क्या बताना चाहेंगे? मैं बस यही बताना चाहूंगी कि अगर आप कोई ऐसी बोतल वगैरह ले रहे हैं, परचेस कर रहे हैं तो पहले उसको टेस्ट कर लें अच्छे से जमीन वगैरह पे डाल के कि वो कहीं ऐसा है तो नहीं दोबारा से केस क्योंकि अगर मेरे साथ हुआ है तो क्या पता किसी और के साथ भी हो सकता था ना वो। तो बेसिकली उसको टेस्ट कर लें।

उससे पहले पानी पीने से पहले बस यही मैं कहना चाहूंगी। रिया की जो माताजी हैं वो यहां पे हमारे साथ में मौजूद हैं। अ आंटी क्या नाम है आपका? मेरा अंजना राघव आप इधर आइए जी मेरा नाम अंजना राघव ये बताइए कि रिया से हालांकि मैंने सब कुछ पूछ ही लिया है उस दिन वहां पे आप गए थे जिस वक्त रिया की हालत खराब हो गई थी वो तो अनकॉन्शियस हो गई थी उसको सब कुछ नहीं पता था उसके बाद फिर आप मतलब कैसे सारा सिचुएशन आपने हैंडल की और इस हॉस्पिटल तक आप पहुंचे डॉक्टर से क्या बातचीत हुई क्या बताया डॉक्टर इसको लेके डॉक्टर पे गए थे देवंदनी उन्होंने जो भी ट्रीटमेंट हुआ उनसे संभव उन्होंने कहा फिर कि इनको यहां से ले जाइए अंदर जा चुका है इनके तेजाब इनको यहां से कहीं भी ले जाइए तो फिर हमने एंबुलेंस किया और उन्हें यहां लेके आ गए यहां क्या बताया डॉक्टर्स ने उन्होंने कहा कि 24 घंटे का तो हम कुछ बता नहीं सकते बाकी अगर इनके अंदर एसिड गया है तो अंदर बहुत कुछ डैमेज हो चुका होगा कि अगर आपको बात समझ में आ रही है तो बात करें इस तरीके से उन्होंने बोला था बाकी इनके अंदर अगर अच्छे से गया है तो अंदर से सब कुछ खत्म हूं उनका मतलब कोई ऐसा मतलब बता नहीं सकती शब्दों में बयान नहीं कर सकती कि उनकी बात सुनके हम मुझ पे क्या गुजरी या इसके पापा मतलब हम लोगों पे कैसे गुजरा हम जानते हैं नहीं मैं समझ सकता हूं मां-बाप के जी बच्चे के साथ में तो अभी डॉक्टर्स का क्या कहना है अभी अभी जो सिचुएशन उस दिन थी वो आज नहीं है अभी रिकवर हो रही है आगे के लिए कुछ बताया हो कि कैसे आगे जी आगे के लिए बताया कि महीना ये एक महीने बाद या डेढ़ दो महीने बाद इसको प्रॉब्लम्स ज्यादा शुरू होंगी। जब चीजें सही होती हैं जला हुआ खासतौर से तो वो सुड़ता है तो उसमें प्रॉब्लम आएंगी। सीजिंग वगैरह भी हो सकती है। खाने पीने के लिए क्या बोला डॉक्टर ने अभी कि खा पी सकते हैं। अभी अभी तो लिक्विड ही चलेगा। उसके बाद इनकी भी टेस्टिंग वगैरह और होगी। उसके बाद ये बताएंगे।

अच्छा। ठीक है। तो क्या चाहते हैं आप? क्योंकि पानी की बोतल में पानी नहीं निकला रिया की ऐसी हालत हुई वो यहां पर भर्ती हुई क्या चाहते हैं मैं तो बस अभी फिलहाल यही चाहूंगी कि मेरा बच्चा ठीक हो जाए अच्छे से अभी तो मेरा यही चाहना है कि और कुछ नहीं अभी तो मुझे जो लापरवाही हुई है और क्यों हुई है उसकी जांच होनी चाहिए उसकी जांच बिल्कुल जो मेरे साथ हुआ है वो किसी के साथ ना हो क्योंकि मैंने झेला है मैं देख रही हूं अपने बच्चे को कि मेरा बच्चा किस तरीके से तड़प रहा था उसको को जिस टाइम हम एंबुलेंस में लेके आ रहे थे तो इसके मुंह से ब्लड आने लगा था। मैं नहीं चाहती क्योंकि बहुत मतलब इस तरह की लापरवाही हुई क्यों? मैंने मिस्टेक हुई क्या हुआ? कोई क्या था मैं नहीं कह सकती कि मैं इतनी बड़ी सेलिब्रिटी नहीं हूं कि मुझसे मतलब कोई उनकी पर्सनल दुश्मनी थी। ये तो मेरे साथ हुआ। किसी के भी साथ हो सकता है।

पानी की बोतल तो कोई भी खरीद सकता था। जी जी ऐसा नहीं है कि मतलब जहां से जिस शॉप से आई है उनकी बिसलरी वालों की या किसी की या अनुज की कोई पर्सनल कुछ भी नहीं है। हुआ भाई लेकिन हुआ क्यों? लापरवाही क्यों? क्यों? देखिए सवाल यही खड़ा होता है कि लापरवाही आखिर किस स्तर से हुई है और क्यों हुई है? एक पानी की बोतल सील बैग्ड है वो। बकायदा एक ब्रांडेड कंपनी की वो बोतल है और उसमें पानी की जगह तेजाब क्या किसी कंपनी के कर्मचारी की वो गलती थी या फिर वो गलती से और अगर गलती भी हुई तो किसकी तरफ से हुई? फिलहाल यह पूरा अभी जांच का विषय है।

पुलिस इसमें लगातार इन्वेस्टिगेशन कर रही है। लेकिन इस पूरी वारदात से और इस पूरे वाक्या से आप एक बात जरूर जान लीजिएगा और जागरूक हो जाइएगा कि अगर आप आगे से कुछ भी इस तरीके की सामान या कोई भी चीज खरीदते हैं सबसे पहले उसकी मैन्युफैक्चरिंग डेट देखिए। उसकी एक्सपायरी डेट देखिए। इसके अलावा पानी की बोतल खासतौर से आप एक बार पहले जमीन पे गिराकर जरूर देख लीजिए। कुछ ऐसे दर्शक होंगे जिनको यह चीज मजाक लग रही होगी। लेकिन किसी की जान से भी खिलवाड़ यह साबित हो सकती है और वह तस्वीर अभी सामने निकल कर आई है। तो थोड़ी सा थोड़ी सी देर लगती है। दो बूंद ही नीचे गिरानी होती है।

उससे आपको पता लग जाएगा कि वो पानी है उसमें तेजाब है या किस तरीके का केमिकल या किस तरीके के पदार्थ उसमें फिलहाल मिले हुए हैं। हाल ही में हाकपुड़ की एक घटना है। वो आपने सभी ने देखी होगी। सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल हो रही है। खूब देखी जा रही है। एक बेटी अपनी माताजी के साथ में एक ज्वेलरी शॉप में कुछ सामान खरीदने जाती है। वहां पर प्यास लगती है तो पानी मंगाया जाता है। एक पानी की बोतल आती है और उस पानी की बोतल को पीने के साथ ही जलन मचती है। बाद में पता लगता है कि वो पानी नहीं वो तेजाब था। फिलहाल वो जो लड़की है वो पीड़िता है वो अभी फिलहाल अस्पताल में भर्ती है।

इलाज चल रहा है। 10 तारीख की ये घटना बताई जा रही है। आज 13 तारीख हो चुकी है और अभी भी हालत उसकी फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। लेकिन अस्पताल में इलाज चल रहा है। ये जो पूरा मामला है इसमें जिस दुकान पर खरीदारी करने के लिए मां और बेटी पहुंची थी उस दुकान के मालिक हमारे साथ में है। क्या नाम है आपका? अनुज वर्मा मेरा नाम है। अनुज ये बताइए कि उस दिन जब ये रिया अपनी माता जी के साथ में वहां पर खरीदारी करने पहुंची थी तो क्या पूरा वाक्या हुआ था? ये एकदम से स्थिति क्या थी? कहां से वो पानी आया था? कौन सी बोतल थी? क्या था? मैं आपको बताता हूं। ये तकरीबन 5:30 बजे मेरी दुकान पे आए। जो इनको सामान लेना था वो इन्होंने परचेस कर लिया था। उसके बाद अपने बेटे के लिए ब्रेसलेट ये देख रहे थे।

उसी समय इनको थोड़ी सी प्यास लगी। जो इनकी माताजी है। उन्होंने पानी के लिए बोला तो मेरे पास उस समय पानी था नहीं। और मैंने बोला कि जो बराबर में शॉप है उनसे बोला कि यार जरा एक मिनट पानी ला दे। वो छोटा बच्चा ही है 14 साल का। वो पानी लेने गया है और मात्र 48 से 50 सेकंड उसे लगे हैं। वो क्योंकि जो वीडियो क्लिप है उसमें हमने ये चीज देखी है। वो गया है। उसने वहां से जाके उन्हीं आंटी से जो शॉपकीपर है वहां पे कनफेक्शन शॉप की उनसे बोतल लेके आया है। उन्होंने अपने हाथों से बोतल दी है।

ये भी देख उसने खुद नहीं निकाली है। और वो लेके आया है। लेके आने के बाद में उसने मुझे दी है। मैंने अपने हाथ से सील खोली है। सील खोलने के बाद में मैंने आंटी को दिया। तो आंटी ने बोला कि अनुप मैं इस तरीके से एकदम से पानी नहीं पाऊंगी। बोतल ज्यादा भरी हुई है। तुम भले इसे दे दो। ठंडी भी है। मैंने वो रिया को अपने हाथों से दी है और फिर वो रिया ने बोतल पी ली है। पीने के बाद एक सिप लेते वो ठंडी थी तो एकदम पता नहीं लगा। पर जब वो दूसरी शिप लेके उसके मुंह में गई है और तब वो जो एकदम चिल्लाई है तो तब हम लोग भागे। हमने प्राथमिक उपचार के हमें पता नहीं था वो क्या चीज है। तो इंसर्ट जैक्शन तो यही था कि जो पास में मेडिकल स्टोर है उसी के पास भागते हैं। क्या हुआ? मैं रिया को लेके गया हूं और मेडिकल स्टोर वाले ने मुझसे पहुंचाने के बाद पहले उसे पानी वानी सब पिलाने के बाद बोलते हैं जल्दी से वो बोतल लेके आओ। मैं दुकान पे वापस भागा। मैंने बोतल ली है। बोतल ले जाके उसे ली। उसने जमीन पर डाल के देखा।

उसके बाद वो कहते हैं ये एसिड है। इसे जल्दी से किसी अच्छे से हॉस्पिटल में लेके जाओ। तो हमारे यहां बेस्ट देवनंदनी मैं देवनंदनी हॉस्पिटल में उसे लेके गया हूं। हॉस्पिटल में जाने के बाद में उन लोगों ने जो प्राथमिक उपचार है भाई उल्टी वगैरह करानी है। ये सारी चीजें कराने के बाद में उन्होंने कंसल्ट किया। उन्होंने ये बोला था कि आप पहले 112 पे कॉल कीजिए। हमने पुलिस को कॉल की। उसके बाद ये सारी चीजें करने के बाद उन्होंने रेफर किया या तो दिल्ली लेके जाओ या मेरठ लेके जाओ। तो फिर हमने मेरठ में ये सब पूछा कि कहां लेके जाए। फिर उन्होंने हॉस्पिटल सजेस्ट किया। फिर हम लोग जब से यहां पे हैं। यहां आने के बाद में डॉक्टर साहब ने बताया कि इसके जो पूरी फूड पाइप लाइन है वो जल चुकी है। अंदर से पेट है ये सब चीज जल चुकी है। स्टार्टिंग में प्राथमिक उपचार तो जो ये लोग कर सकते हैं बोतल वगैरह लगानी इसको शांत करना यही सब किया गया है। अंदर की चीजें तो आंतरिक चीजों में ये भी नहीं था। ऊपर से दवाई लगाती या कुछ अब चीजें धीरे-धीरे ठीक होंगी। काफी समय लगेगा।

काफी दिक्कतें थी उस समय और अगर ये और थोड़ा सा नीचे चला जाता चला जाता तो बहुत ज्यादा दिक्कतें हो जाती। जी अनुज ये बताइए कि ये क्या आपको जानते हैं पहले से या फिर सडन ये वहां पर पहुंचे थे एक नए कस्टमर आपके थे। देखिए पहली बात तो मेरी जो शॉप है वो भी नई है काफी कोई ज्यादा पुरानी नहीं है। पांच महीने शॉप की ओपनिंग को हुए हैं और यह जो रूम है मेरी शॉप के बिल्कुल जस्ट सामने ही इनका गली में घर है। हां और ये पहले से ही मतलब हमारे जो कॉलेज है उसमें हम लोग साथ ही पढ़ते थे सब अलग-अलग वैसे तो क्लासेस वगैरह सब अलग थी पर एक कॉलेज में नोन तो हो ही जाते हैं। तो इस वजह से थोड़ा ज्यादा ट्रस्ट है।

आते हैं। पहले भी काफी बार शॉप पे आए हुए हैं और उसके बाद की जो सारी चीजें हैं वो सबको पता ही है। अच्छा जब वो बोतल मंगवाई थी वो बोतल कौन सी कंपनी की थी? क्या नाम था उसका? वो प्रॉपर बिलरी थी। ये जैसे Bleario ये सब अलग-अलग कंपनी चल रही है। इस तरीके की कोई कंपनी थी। प्रॉपर बिलरी पैकेजिंग के साथ सील लगी हुई थी।

ऊपर से सील लगाने बोलती कि आप है हम है या कोई भी व्यक्ति है जब किसी चीज की ब्रांडिंग हो गई या ब्रांडिंग ना भी होती है किसी व्यक्ति ने अपने ट्रस्ट पे दी है कि ये पानी है और मैंने उसे किसी और को सर्व किया है कि ये पानी है तो मैंने किसी और पे ट्रस्ट किया है किसी और ने मुझ पर ट्रस्ट किया है अब मैं तो यही कहता हूं भ इसमें जो भी है कोई व्यक्ति जानबूझ के नहीं करेगा कोई भी चाहे वो शॉपकीपर हो चाहे मैं भी एक व्यक्ति की शॉप चलाता हूं मुझे भी पता है कोई व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को जानबूझ के जहर नहीं पिलाएगा और अगर वो अपना ग्राहक है तो क्यों पिलाएगा?

उससे कोई हमें दुश्मनी तो है ही नहीं या क्या हमें इन चीजों से मिलेगा। वैसे फिलहाल तो यही है कि जो भी कार्यवाही हो सकती है वो हो। फिलहाल हमारी बात बस यही है कारवाई वाली। अच्छा जो वो बोतल आई थी क्या उसमें किसी तरीके का करंट बदला हुआ था? अगर हालांकि पानी की बोतल को अभी तक भी कोई नोटिस नहीं करता। दुकान से कोई खरीदता है और सीधा पी लेता है उसको खोल के।

लेकिन आपको लगता है कि क्या वो वाकई पूरी तरीके से तेजाब था या फिर कई बार ऐसा होता है कि प्लास्टिक की बोतल काफी समय से अगर रखी होती है तो प्लास्टिक के कुछ पार्टिकल्स भी ऐसे होते हैं जो पानी में जहर घोलने का काम करते हैं। देखिए भैया आपकी बात बिल्कुल सही है कि पार्टिकल्स जहर घोलने का काम करते हैं पर जहर जलाता नहीं है। वो चीजों को काटता है। इनके अगर आप इंटरनली पो्स देखोगे उसमें चीजें जली और खराब पानी का अगर आप जमीन पे घेरोगे तो उसमें झाग नहीं उठेंगे। वो महक नहीं छोड़ेगा तेजाब। इसमें ये सारी चीजें हुई तो क्या ढक्कन जो आपने खोला बोतल का वो सील्ड था या खोला हुआ था? वो सील्ड था। तभी तो कोई मतलब सोचने वाली और गुंजाइश वाली कोई बात ही नहीं थी। भ सील हम अपने हाथ से खोल रहे हैं। बोतल न्यू है।

उसप पैकेजिंग है और इससे ज्यादा देखो अब मैं तुमसे कहने लगूं कि भाई मैंने उसमें पहले ये चेक किया है कि ये कम मैन्युफैक्चर हुई है या चीज़ है। तो ये बेकार की बात है। आदमी सिर्फ इतना ही देखता है कि सील है। सील लगाएगा खोलेगा। सीधे ऑफर करेगा। आप किसी भी शॉप पे चले जाओ। वो तो बड़ी बोतल थी। अब आजकल हम लोग भी देखते हैं वो ₹1 वाली जो छोटी बोतल आती है वही लोगों को ओवर होती है कोई गिलास में पानी देता भी नहीं है और वही मैंने किया अब बस हमारा वक्त खराब अच्छा जब ये घटना हो गई और आप मेडिकल स्टोर पहुंचे अस्पताल पहुंचे उसके बाद में क्या उस बॉटल पे देखा कि वो कब की मैन्युफैक्चरिंग थी क्या एक्सपायरी थी उसकी भैया उस समय इस तरीके की कोई सिचुएशन दिमाग में माइंड में कुछ नहीं आ रहा था 112 फोन किया पुलिस आई पुलिस ने आके हमसे पूछा कि क्या-क्या हुआ है ।

मैं उन्होंने सारा प्रकरण बताया उसके बाद उन्होंने मुझसे पूछा बोतल कहां है? मैंने जो बोतल हॉस्पिटल स्टाफ को जमा कर रखी थी। मैंने उन्हें ही जाके दी थी कि यह है आप इसका जिस तरीके से पता कर सकते हो जो कर सकते हो। आप समझ रहे हो ना हेल्प होती है कि क्या पिया तो वो चीज दिखाने के लिए हम उसे साथ लेके गए वहां जाके पुलिस वालों ने अपनी कस्टडी में ले ली और क्या उन्होंने पिया वो चीज उन लोगों ने देवंदनी हॉस्पिटल के परचों पे लिख दी थी कि इस तरीके की उन्होंने ऐसे लिया है। अब आप खुद आज यहां पे पहुंचे हुए हैं और मिलने के लिए पेशेंट से तीन दिन से आप यही है?

जी मैं तीन दिन से यही हूं। सारी चीजें मेरे सामने हुई है। जो भी दिक्कतें आई है वो मैंने सब अपनी आंखों से देखी है। मैं सच्चाई बताऊं बस मैं कल गया हूं। नहा धो के मैं आज सुबह से फिर यही हूं क्योंकि ना ही तो हमने कभी इस तरीके की चीजें देखी हैं और अपने साथ भी अगर इस तरीके की चीजें होती तो ये सोचने और झेलने वाली बात है नहीं। अच्छा आपके हिसाब से क्या लगता है? क्या कहां लापरवाही हुई है? कहां किसकी गलती मान के चलना? देखिए अब लापरवाही का तो यह है। मैं किसकी लापरवाही कहूं?

मैं देखो लोग कह रहे हैं मेरी गलती है कि मैंने चेक नहीं किया। तो मैं लोगों से भी ये चीज कहूंगा भाई आप मुझे एक बात बता दीजिए। इतनी सारी कै्स आती है। थम्स अप वगैरह अलग जो भी कंपनीज़ है उसे कौन चेक कर रहा है? आदमी खोलता है पीता है। ब्रांडिंग हो गई किसी चीज की तो आदमी की सोचने वाली बात नहीं बची। दूसरी जगह से वो आया हुआ है। सामने ही उसकी भी शॉप है। तो कोई ऐसा भी नहीं है कि भाई वो जानबूझ के ऐसे भेजेगा क्योंकि कोई चलती फिरती शॉप तो है नहीं। शॉप है। कोई रिक्शे वाला होता उससे लेते तो समझ में आता। आदमी अपनी शॉप की इमेज क्यों खराब करेगा?

तो भाई पीछे से ही ये चीजें आई है। उन्होंने बोला भी है जो आप जिसकी शॉप से आया हो उसने भी यही बयान दिया है कि वो पीछे से आई है और इसके बाद किसी पे लांछन लगा के देखो कोई फायदा है नहीं। मैं किसी को कुछ बोलूं कोई कुछ बोले चीजें आई है पीछे से आई है। उसमें हमें जानकारी नहीं है। अब चाहे वो क्योंकि मेरी शॉप पे दूसरे की शॉप से आया है। अब वो उसकी शॉप से बदला है या उसके पास भी पीछे से आया है। भ जैसे डस्टमैन ने किया ऐसा हो सकता है उसने भी किया हो। ये वाला फिलहाल अभी इसमें जो है सवाल बरकरार है कि उस पानी की बोतल में कहां से आया है? क्या वो वाकई जो मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट था वो था या फिर कहां लापरवाही हुई है?

कहां ऐसी चीज हुई है? बहाल लापरवाही कहीं भी हुई हो गलती किसी की भी हो लेकिन उसका खामियाजा एक जो युवती है उसको भुगतना पड़ा। फिलहाल अस्पताल में वो भर्ती है और इलाज तभी उसका चल रहा है।

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