तेरी ऊंची शान है मौला मेरी अर्जी मान ले मौला तू है सब कुछ जान एक ऐसे आर्टिस्ट जिन्होंने महज 5 साल की उम्र में बयानो बजाना शुरू कर दिया और 9 साल की उम्र से ही म्यूजिक कंपोज करने लगे गिला गिला गिला दिल गिला गिला मिला मिला मिला कोई मिला मिला गिला गिला गिला दि संतूर बजाने वाले भारत के पहले म्यूजिशियन जिन्होंने इंडियन क्लासिकल म्यूजिक की धुन बयानों से ही निकाल दी और दुनिया के सबसे तेज पियानो वादक में से एक बन गए दिल कह रहा है दिल से वादा करो जो अपने एक गाने से रातों-रात स्टार बन गए और पाकिस्तानी होते हुए भी हर हिंदुस्तानी के दिलों दिमाग में बस गए मुझको भी तो लिफ्ट करा दे थोड़ी सी तो लिफ्ट करा दे तेरी ऊंची श इन्होंने कई मुल्कों को अपनी आवाज से रोशन किया बेतहाशा शोहरत कमाई और ढेरों अवार्ड्स भी अपने नाम किए कहा जाता है कि इनका फैमिली बैकग्राउंड इतना स्ट्रांग था कि यह दुनिया के किसी भी विकसित देश में आसानी से सेटल हो सकते थे तो फिर बसने के लिए इन्होंने भारत को क्यों चुना और इतनी दौलत शोहरत और इज्जत होते हुए भी यह अपनी पर्सनल लाइफ में इतने परेशान क्यों रहे और साल दर साल इन्हें अलग-अलग बीवियों से तलाक क्यों लेना पड़ा बताएंगे इनकी जिंदगी से जुड़े तमाम अनसुने किस्से आप बने रहिए हमारे साथ [संगीत] रुक जाए आस झुक जा दोस्तों आज हम बात कर रहे हैं इंडियन और वेस्टर्न क्लासिकल और सेमी क्लासिकल के साथ जैज रॉक और पॉप म्यूजिक के बादशाह कुशल कंसर्ट पे अनुवादक म्यूजिक कंपोजर और सिंगर पद्मश्री सम्मानित ग्लोबल आर्टिस्ट अदनान समी खान की भर दो झोली मेरी या मोहम्मद लौट कर मैं ना जाऊंगा तो इससे पहले कि आपको बताएं कि क्यों जबरदस्त टैलेंट सुरीली आवाज और करोड़ों की फैन फॉलोइंग होने के बावजूद इन्होंने प्लेबैक सिंगिंग से दूरी बना ली क्यों यह अलग-अलग देशों में भटकते रहे और क्यों इतने उतार चढ़ाव भरी रही इनकी जिंदगी सबसे पहले जानते हैं कि इन्होंने शुरुआत कहां से की अदनान स्वामी का जन्म 15 अगस्त 1971 को इंग्लैंड की राजधानी लंदन में हुआ इनके पिता अरशद सामी खान पश्तून मूल के पाकिस्तानी नागरिक थे और मां भारत के जम्मू की रहने वाली इनके पिता पाकिस्तानी एयरफोर्स के बेहतरीन पायलट में से एक रहे और बाद में उन्होंने अलग-अलग मुल्कों में पाकिस्तानी एंबेसडर के तौर पर भी काम किया और इनके दादा परदादा सभी अफगानिस्तानी हुकूमत में अधिकारी रहे हालांकि बाद में वह पेशावर शिफ्ट हो गए जो उस वक्त ब्रिटिश इंडिया का पार्ट हुआ करता था खैर अदनान का बचपन लंदन में बीता और यहीं इनकी स्कूलिंग भी हुई इन्होंने लंदन
के किंग्स कॉलेज में जर्नल लिम और पॉलिटिकल साइंस से ग्रेजुएशन किया और यहीं से लॉ की डिग्री भी प्राप्त की फिर इन्होंने लिंकन इन कॉलेज से बैरिस्टर की उपाधि भी हासिल की पढ़ाई के साथ ही अदनान अपने गायन और म्यूजिक कंपोजिशन पर भी ध्यान देते रहे और खुद को निखारने का प्रयास करते रहे बताया जाता है कि अदनान ने महज 5 साल की उम्र से ही बयानों बजाना शुरू कर दिया और 9 साल की उम्र में इन्होंने अपना पहला संगीत तैयार किया कहा जाता है कि हर साल अपने स्कूल की छुट्टियों के दौरान यह भारत आकर संतूर वादक पंडित शिवकुमार शर्मा से इंडियन क्लासिकल म्यूजिक की ट्रेनिंग लेते रहे 10 साल की उम्र में अदनान को लंदन में हो रहे आरडी बर्मन के एक म्यूजिक इवेंट में आशा भोसले ने नोटिस किया और अदनान को संगीत को अपने करियर के रूप में अपनाने के लिए खूब प्रोत्साहित किया अपने टीनेज में अदनान जब स्टॉकहोम में एक टीवी शो में बयानो बजा रहे थे तो कीबोर्ड पर इनकी उंगलियों की स्पीड देखकर सब चकित रह गए इस शो में अदनान का परफॉर्मेंस देख अमेरिका मैगजीन कीबोर्ड ने इन्हें दुनिया का सबसे तेज बयानो वादक करार दिया 16 साल की उम्र में सबसे पहली बार इन्हें साल 1986 में यूनिसेफ के लिए गाना लिखने और गाने का मौका मिला यह गाना इतना हिट हुआ कि मिडिल ईस्ट के म्यूजिक चार्ट्स में लंबे समय तक नंबर वन बना रहा और इसके लिए अदनान को यूनिसेफ द्वारा सम्मानित भी किया गया इसके बाद अदनान ने साल 1989 में अपना पहला एल्बम द वन एंड ओनली रिलीज किया और इसके सभी गाने भी सुपरहिट रहे इस एल्बम में अदनान को मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन ने सपोर्ट किया और दोनों की जोड़ी द्वारा बनाए संगीत और गाने को लोगों ने खूब पसंद किया इसके बाद अदनान ने पूरी तरह से गायकी का रुख कर लिया साल 1991 में आया इनका अगला एल्बम राग टाइम पाकिस्तान में सुपरहिट रहा जब चांदनी बढकर रातो पे चाती है अदनान का म्यूजिकल करियर तेजी से बढ़ने लगा और अब इन्हें फिल्मों के गाने भी ऑफर होने लगे साथ ही कुछ फिल्मों में एक्टिंग कर यह एक ऑलराउंडर के तौर पर उभरे इन्होंने साल 1995 में आई पाकिस्तानी फिल्म सरगम में लीड रोल किया जिसके गानों को आशा भोसले ने अपनी आवाज से सजाया सीखा नहीं सीखने आया हूं और न कराया हूं दिल में कि अपनी गुरबत की झोली में सर संगीत की दौलत भर कर जाऊंगा हालांकि फिल्म रिलीज होने से पहले पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड ने आशा की आवाज में गाए सभी गानों को फिल्म से हटवा दिया यह बात अदनान को खटक गई और इन्होंने आशा भोसले के साथ मिलकर इंडिया में एल्बम रिलीज करने का फैसला किया साल 2000 में इन्होंने आशा भोसले के साथ मिलकर अपना एल्बम कभी तो नजर मिलाओ रिलीज किया जिसके गाने इन्होंने खुद ही कंपोज किए थे कभी तो नजर मिलाओ कभी तो कर इस एल्बम में इन्होंने अपने जमाने के सुपरस्टार एक्टर गोविंदा और एक्ट्रेस अदिति गोवित्रीकर को कास्ट किया और इसकी शूटिंग फेमस सिनेमेट ग्राफर अनिल मेहता से कराई गई जिन्होंने लगान और हम दिल दे चुके सनम जैसी फिल्मों के लिए सिनेमेट ग्राफी की थी तेरी ऊंची शान है
मला मेरी अर्जी मानले मला तू है सब कुछ जा बिजनेस वीक मैगजीन की एक रिपोर्ट मुताबिक अदनान का यह एल्बम इतना हिट हुआ कि भारत में इसकी 40 लाख से भी ज्यादा कॉपीज बिक गई और साल 2001 और 2002 के दौरान इसके गाने इडी पॉप चार्ट में टॉप करते रहे ऐसा लगा कि अल्लाह ने अदनान की अर्जी कबूल कर ली और यह रातों रात स्टार बन गए ऐसे गैसों को दिया है ऐसे वैसों को दिया है मुझको भी तूने अदनान को बॉलीवुड फिल्मों में काम मिलने लगा और पहली बार इन्होंने साल 2001 में आई अब्बास म न डायरेक्टेड फिल्म अजनबी के गाने में अपनी आवाज दी मैं सिर्फ तेरा महबूब महबूबा मुहे साल 2002 में यह पेप्सी के ब्रांड एंबेसडर बन गए और ऐसा कर यह पेप्सी और कोका कोला दोनों कंपनी के ब्रांड एंबेसडर बनने वाले एशिया और यूरोप के पहले सेलिब्रिटी बन [संगीत] गए कया डूबे डूबे झको तोल न्यूज चैनलों से लेकर अखबारों तक हर तरफ इनके ही चर्चे रहे पाकिस्तानी न्यूज़पेपर डॉन ने लिखा कि किसी भी पाकिस्तानी आर्टिस्ट को आज तक भारत में इतनी पॉपुलर नहीं मिली जितनी अदनान सामी को मिली तो वहीं इंडियन न्यूज़पेपर द टाइम्स ऑफ इंडिया ने इन्हें भारत के नॉन फिल्म म्यूजिक का सबसे सक्सेसफुल चेहरा बताया इसी साल इनका दूसरा एल्बम तेरा चेहरा रिलीज हुआ जिसके गानों में अमिताभ बच्चन रानी मुखर्जी और महिमा चौधरी जैसे कलाकार नजर आए ये जमी रुक जा [संगीत] स्क्रीन मैगजीन की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस एल्बम ने उस साल भारत में कमाई के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए और रिलीज के एक साल बाद भी लगातार म्यूजिक चार्ट्स में नंबर वन बना रहा इसके पहले अदनान सामी के पहले एल्बम के नाम बिक्री के जो भी रिकॉर्ड बने थे इनके दूसरे एल्बम ने वह सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए साथ ही अमेरिका और कनाडा में यह सबसे ज्यादा बिकने वाला भारतीय एल्बम बन गया चन मुझे अब साल 2002 में ही इनका गाया साथिया फिल्म का गाना भी सुपरहिट रहा हल्की हल्की कल रात जो शबनम गिरी अरे अखिया साल 2003 में इन्होंने साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री का भी रुख किया और तमिल तेलुगु मलयालम और कन्नड़ गाने गाना भी शुरू कर दिया इसी साल हिंदी फिल्म कोई मिल गया और जॉगर्स पार्क में गाए इनके गानों पर भी लोग झूम उठे आज धरती से गगन का फूलों से चमन का घटाओ से इश्क होता नहीं सभी के लिए साल 2003 में ही इन्होंने लंदन के वेली स्टेडियम में लगातार दो रातों को परफॉर्म किया और ऐसा पहली बार हुआ जब किसी एशियन आर्टिस्ट के लिए स्टेडियम के सारे टिकट बिक गए इन्होंने यह रिकॉर्ड साल 2005 2008 और साल 2012 में भी दोहराया और इनका नाम लिम का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में हमेशा के लिए दर्ज हो गया [संगीत] में साल 2004 में फिल्म तराज और साल 2005 में फिल्म लकी नो टाइम फॉर लव और गरम मसाला में गाए इनके गाने भी लोगों की जुबान पर चढ़ गए सुरा सनिए सुरा तेरी आंख करम मसाला तेरी गर्म मसाला रूप तेरा गर्म मसाला हालांकि साल 2005 में ही कुछ ऐसा हुआ जिसने इनके जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया दरअसल अदनान को 2005 में लिंफो एडिमा नाम की बीमारी हो गई जिसमें इंसान के शरीर में स्वेलिंग होने लगती है साथ ही इनके घुटनों में भी पस और स्वेलिंग हो गई जिससे इनका करियर भी बाधित हो गया इस बीमारी से जूझते हुए साल 2006 में इनका वजन 230 किग्रा जा पहुंचा
समस्या इतनी गंभीर थी कि इनके घुटनों में लिंफो डेमा के लिए सर्जरी की आवश्यकता पड़ी जिसके कारण इन्हें लगभग 3 महीने कंप्लीट बेड रेस्ट में रहना पड़ा हालांकि तब डॉक्टर्स ने अदनान से यह कह दिया कि अगर इनकी कंडीशन में इंप्रूवमेंट नहीं हुई यानी इनका वजन और चर्बी कम नहीं हुई तो यह 6 महीने से अधिक जीवित नहीं रह पाएंगे ज्यादा वजन होने की वजह से अब यह बिना सहारे के चल भी नहीं सकते थे और वॉकर के सहारे भी यह कुछ ही कदम चलने के बाद रुक जाते थे लेकिन अदनान ने हार नहीं मानी और एक बार फिर इन्होंने खुद को फिट करने की ठानी अपने अपने पिता की सलाह पर वजन कम करने के लिए यह ह्यूस्टन चले गए यहां इन्होंने लो कार्ब हाई प्रोटीन डाट और डेली एक्सरसाइज की बदौलत नेचुरली अपना वजन कम किया बताया जाता है कि इन्होंने 230 किग्रा से घटाकर अपना वजन 70 किग्रा कर लिया हालांकि ऐसा करने में इन्हें लगभग डेढ़ साल लग गए खैर इस बीच अदनान ने सिंगिंग नहीं छोड़ी और साल 2006 में फिल्म टैक्सी नंबर 9211 साल 2007 में सलाम इश्क और फिल्म लाइफ इनो मेट्रो में गाए इनके गाने भी सुपरहिट रहे किसी का छुटा किसी की दौलत किसी का लव तो किसी की मोहब्बत बात कुचन कही सी कुचन सुनी सी होने लगी इसके बाद साल 2008 में फिल्म यू मी और हम साल 2010 में माय नेम इज खान साल 2012 में रश और साल 2015 में फिल्म बजरंगी भाईजान में गाए इनके गाने भी सबकी जुबान पर चढ़ गए अजनबी मोड़ है खफ हर और भर दो झोली मेरी या मोहम्मद जा गाने के साथ ही इन्होंने फिल्मों में म्यूजिक कंपोजिशन का भी काम किया और लकी नो टाइम फॉर लव धमाल मुंबई सालसा और 1920 जैसी कई फिल्मों में दिए इनके म्यूजिक ने सुनने वालों के दिलों को ठंडक पहुंचाने का काम किया से है वादा साल 2010 में अदनान को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा तो साल 2011 में इन्हें इंडियन इंटरनेशनल फ्रेंडशिप सोसाइटी ने ग्लोरी ऑफ इंडिया अवार्ड से सम्मानित किया यह ताज महल के 350 वं बर्सी पर हुआ और सामी ने सेलिब्रेशंस की अंतिम रात को ताजमहल के सामने एक सोलो कंसर्ट परफॉर्म किया इस परफॉर्मेंस के बाद इंडियन मीडिया ने इन्हें सुल्तान ऑफ म्यूजिक कहा भर दो जोली मेरी या मोहम्मद लौटकर मैं ना जाऊंगा भारत में अपने करियर के दौरान यह बोल बेबी बोल सुपर सिंगर सारे गामा पाल ल चैंप्स जैसे रियलिटी शोज में कभी होस्ट तो कभी जज की भूमिका में नजर आए बचे मुझे बेहद पसंद आया जिस अंदाज में आपने ये गाना गाया और जो मूड था गाने का उसको आपने बरकरार रखा फैंटास्टिक जानकारों की माने तो साल 2008 के बाद अदनान ने गाने और म्यूजिक कंपोजीशन से धीरे-धीरे दूरी बना ली जिसकी वजह इनकी पर्सनल लाइफ के स्ट्रगल रहे दरअसल साल 1993 में अपने करियर के शुरुआती दौर में अदनान की मुलाकात पाकिस्तानी एक्ट्रेस जेबा बख्तियार से हुई और दोनों ने शादी कर ली आगे चलकर दोनों ने सात फिल्मों में भी काम किया हालांकि एक बेटा होने के बावजूद शादी के 3 साल बाद दोनों अलग हो गए साल 2001 के बाद अदनान टूरिस्ट वीजा पर ज्यादातर समय भारत में रहा करते और काम के सिलसिले में अक्सर दुबई जाया करते वहीं दुबई में इनकी मुलाकात सह गलादरी नाम की एक बिजनेस वूमन से हुई और दोनों एक दूसरे को दिल दे बैठे और इसी साल शादी रचा ली सबा की भी यह दूसरी शादी रही जहां पहली शादी से उन्हें एक लड़का था कुछ दिन तो सब कुछ ठीक चला लेकिन कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक अदनान और सभा के बेटे के बीच रिश्ता ठीक नहीं रहा जिस वजह से दोनों ने शादी के डेढ़ साल बाद साल 2004 में तलाक ले लिया इसके बाद अदनान अकेले रहने लगे
और इसी दौरान साल 2006 में इन्हें ढेर सारी बीमारियों ने जकड़ लिया और इनका वजन 230 किग्रा के पार जा पहुंचा खैर अपनी मेहनत और लगन से इन्हें साल 2008 में अपने बीमारियों और मोटापे से बहुत हद तक छुटकारा भी मिल गया हालांकि अचानक वजन कम होने की वजह से अब इनके हेल्थ में आए दिन कुछ ना कुछ छोटे-मोटे इश्यूज होने लगे और यह धीरे-धीरे प्रोफेशनल लाइफ की जगह हेल्थ और पर्सनल लाइफ को प्रायोरिटी देने लगे इसी दौरान इनकी दूसरी एक्स वाइफ सभा गलादरी फिर से इनके पास आ गई और दोनों ने साल 2008 में फिर से एक बार शादी कर ली और मुंबई में साथ रहने लगे इस शादी के के 1 साल बाद तक तो सब कुछ ठीक चला लेकिन फिर साल 2009 में सबा ने डोमेस्टिक वायलेंस का हवाला देते हुए एक बार फिर से अदनान से तलाक ले लिया इसी दौरान साल 2009 में इनके पिता का निधन हो गया जिसके बाद अदनान अकेला पन महसूस करने लगे साथ ही यह एक्सट्रीम वेट लॉस का भी शिकार हो गए बताया जाता है कि फिर इनके जीवन में इनकी फैमिली फ्रेंड रोया फरयाबी की एंट्री हुई जो कि जर्मनी की नागरिक रही और पेशे से इंजीनियर रही उनके पिता एक्स आर्मी जनरल और रि डिप्लोमेट थे अदनान ने एक इंटरव्यू में बताया कि रोया इनके बुरे वक्त में सहारा बनकर आई और इन्हें लाइफ के हर एस्पेक्ट में सपोर्ट करने लगी अदनान ने भी बिना वक्त गवाए रोया को प्रपोज कर दिया और साल 2010 में दोनों ने शादी कर ली इसके कुछ महीनों बाद यानी मई 2010 में इन्हें एक बेटी हुई जिसका नाम मदीना सामी खान रखा गया वहीं इनसे जुड़ी कंट्रोवर्सी की बात करें तो अदनान सामी ने साल 2016 में पाकिस्तान की सिटीजनशिप छोड़ भारत की नागरिकता हासिल कर ली हालांकि कि इसके लिए इन्हें काफी आलोचनाएं भी झेलनी पड़ी अदनान ने बताया कि पाकिस्तान के लोगों ने इनके इंटेंशन पर सवाल उठाए और कहा कि इन्होंने सिर्फ पैसों के लिए ऐसा किया है हालांकि ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे को दिए एक इंटरव्यू में इस बारे में बात करते हुए अदनान ने कहा मुझे उन लोगों पे हंसी आती है क्योंकि उनको एक्चुअली मुझे पता कुछ पता नहीं है उनको ये नहीं पता कि मैं किस फैमिली से बैकग्राउंड रखता हूं उनको ये नहीं पता कि मैं महलों को छोड़ के आया हूं यहां पे मनी वाज नेवर द ऑब्जेक्ट इन माय लाइफ बिकॉज आई वाज ऑलवेज ब्ले आई वा लिटरली बोर्न वि गोल्डन स्पून आई नेवर मेजर्ड माय सक्सेस विद मनी अदनान ने यह भी बताया कि भारत की नागरिकता हासिल करने में इन्हें 18 साल लग गए जहां दो बार इन्हें रिजेक्शन समेत ढेरों चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा हालांकि अपनी नागरिकता से जुड़े एक और मामले में यह तब विवादों में फंस गए जब साल 2020 में भारत सरकार द्वारा अदनान सामी को पद्मश्री अवार्ड देने की घोषणा की गई लोग अदनान की दावेदारी पर सवाल खड़े करने लगे और इन्हें लगातार आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा वहीं इस कंट्रोवर्सी पर जवाब देते हुए अदनान ने कहा कि जो पद्मश्री को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं वह सिर्फ अपनी हताशा को हवा देने के लिए ऐसा कर रहे हैं न्यूज एजेंसी एएन आई से बात करते हुए अदनान ने कहा बात ये कि कितने होंगे जिन्होंने तराज किया 100 बंदे होंगे बहुत बड़ी बात होगी तो 10000 होंगे 1.3 बिलियन लोग जो प्यार करते हैं उनमें से अगर 10000 लोगों को अगर तराज भी है तो जाने दो दरअसल अदनान सामी पहले पाकिस्तान के नागरिक थे और साल 2016 में में इन्हें भारत की नागरिकता मिली इसी को लेकर कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने इनके पिता के पाकिस्तानी सेना में होने का हवाला देकर इन्हें पद्मश्री अवार्ड देने पर सवाल उठाए इस पर अदनान ने कहा मेरे पिता 1965 के युद्ध में पाकिस्तान के फाइटर पायलट थे उन्होंने अपने देश के लिए अपना कर्तव्य निभाया उन्हें अपनी देशभक्ति के लिए सम्मानित भी किया गया लेकिन यह मुझसे संबंधित नहीं है मेरे जीवन में जो कुछ भी हो रहा है उससे उनका कोई लेना देना नहीं है यह कभी भी और कहीं भी नहीं होता कि किसी पर भी आरोप लगाया जाए कि उसके पिता ने क्या किया है यह काफी बड़ा अवार्ड है इसे राजनीति में इस तरीके से नहीं घसीटा जाना चाहिए मुझे मेरे काम के आधार पर यह सम्मान दिया गया
एक और मामले में अदनान सामी को लेकर इनके छोटे भाई जुनैद सामी ने कई चौकाने वाले खुलासे किए जुनैद ने यह खुलासे सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर शेयर की हालांकि बाद में उन्होंने इस पोस्ट को ही डिलीट कर दिया वेबसाइट कोईमोई की एक रिपोर्ट के मुताबिक जुनैद ने अपनी इस पोस्ट में दावा किया कि अदनान सामी ने अपनी दूसरी पत्नी का अश्लील वीडियो बनाया और उसे दुनिया को दिखाने के लिए कोर्ट में पेश कर दिया जुनैद ने यह भी कहा कि अदनान ने कोर्ट में दावा किया कि यह वीडियो उन्होंने नहीं बल्कि सबा के बॉयफ्रेंड ने बनाई है और उस डीवीडी को कोर्ट में भी दे दिया ताकि पूरा भारत इसे देख सके लेकिन अदनान की ये सारी बातें झूठ है अदनान सामी की डिग्री को लेकर भी जुनैद ने कुछ खुलासे किए और लिखा 15 अगस्त 1969 में अदनान का जन्म रावलपिंडी के एक अस्पताल में हुआ था इसके बाद 1973 में मेरा भी जन्म उसी अस्पताल में हुआ तो यह झूठ है कि अदनान इंग्लैंड में पैदा हुए थे इंग्लैंड में वह अपने ओ लेवल्स में फेल हो गए और फिर उन्होंने लाहौर से डिग्री बनवाई इसके बाद ए लेवल्स उन्होंने अबू धाबी से प्राइवेटली किया जुनैद ने अदनान सामी की भारतीय नागरिकता का जिक्र करते हुए लिखा कि अदनान ने इंडियन सिटीजनशिप इसलिए अपनाई क्योंकि उन्हें पाकिस्तान से ज्यादा वहां अच्छे पैसे मिलते हैं हालांकि सभी गंभीर आरोप लगाने के बाद जुनैद ने इस पोस्ट को सोशल मीडिया से डिलीट भी कर दिया वहीं अदनान ने भी इस बारे में कुछ नहीं कहा और यह पोस्ट भी डिलीट हो चुका था तो सच्चाई क्या रही कहना मुश्किल है खैर अपनी हेल्थ और पर्सनल लाइफ के सभी चैलेंज के साथ ही अदनान ने सभी कंट्रोवर्सीज का भी समझदारी से सामना किया इन्होंने अपनी प्रॉब्लम्स के आगे कभी हार नहीं मानी और अपने जीवन में आगे बढ़ते रहे बॉलीवुड के साथ दुनिया के कई मुल्कों में इनकी सुरीली आवाज और बेबाकी को हमेशा याद रखा जाएगा बेबाक बॉलीवुड की टीम की तरफ से अदनान स्वामी को इनके खुशहाल जीवन के लिए ढेरों शुभकामनाएं मेरी याद रख तो दोस्तों आपको आज का हमारा अदनान सामी स्पेशल वीडियो कैसा लगा हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं साथ ही अगर आपके पास भी अदनान से जुड़ी कोई इंटरेस्टिंग जानकारी हो तो वह भी हमारे साथ जरूर शेयर करें बॉलीवुड की किसी बेबाक स्टोरी के साथ अगले वीडियो में आपसे फिर होगी मुलाकात तब तक के लिए [संगीत] नमस्कार