1970 के दशक में मौसमी चटर्जी फिल्मों की दुनिया की एक राज करने वाली रानी थी। इस अभिनेत्री ने अमिताभ बच्चन से लेकर राजेश खन्ना तक फिल्मी जगत के बड़े-बड़े नामों के साथ काम किया।
। एक इंटरव्यू में मौसमी चटर्जी ने राजेश खन्ना के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार को मजाकिया अंदाज में बिगड़ा हुआ इंसान और कैसे उनकी सफलता हमेशा उनके सिर चढ़कर बोलती थी बताया है।
मौसमी चटर्जी ने राजेश खन्ना की जिंदगी के कुछ अच्छे और कुछ बुरे दिनों को याद किया है। राजेश खन्ना की स्टारडम से गिरावट की कहानी जो 1970 के दशक के मध्य में अपने चरम पर थी। एक ऐसी दास्तान है जो बहुत दूर तक गई। जहां एक तरफ एंग्री यंग मैन अमिताभ बच्चन भीड़ के बीच से अपना रास्ता बना रहे थे। वहीं दूसरी तरफ रोमांटिक हीरो राजेश खन्ना दर्शकों की बदलती नजर से जूझ रहे थे। जो उनसे हटकर किसी और पर जा टिकी थी और इसी वजह से वह हताशा, अकेलेपन और की लत में फंसते चले गए ताकि वह अपनी भावनाओं को पूरी तरह से शून्य कर सकें। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने भी यह बात नोटिस की थी कि शायद वह अकेलापन महसूस कर रहे थे?
तो मौसमी चटर्जी कहती हैं, नहीं यह सब कर्म है। आप अपनी जिंदगी को जिस तरह से बनाते हैं, जिस तरह से आप वह बनने का दिखावा करते हैं जो आप नहीं हैं और जिस तरह से आप सभी रिश्तों पर प्रतिक्रिया देते हैं यह सब उसी का नतीजा है। वह आगे कहती हैं कि अगर आप कहते हैं कि हर कोई अकेला है तो आपको अपने अकेलेपन का मजा लेना आना चाहिए। अकेलापन महसूस मत कीजिए। मैं अपने अकेलेपन का मजा लेती हूं और मैं उस तरह का खालीपन देखती हूं। जिंदगी में हर कोई इससे गुजरता है। किशोर कुमार, मधुबाला किसी को भी ले लीजिए। वह सभी इससे गुजरे हैं।
जो कुछ भी हो रहा है, वह सब आपकी जिंदगी का एक हिस्सा है। यह आपकी पूरी जिंदगी नहीं है। उन्होंने राजेश खन्ना के साथ अपने उस किस्से को भी याद किया जब उन्होंने उनसे एक हैरान कर देने वाला सवाल किया था। मौसमी ने कई बार इस किस्से को दोहराया है कि राजेश खन्ना ने एक बार उनके निजी जीवन और रिश्तों पर चौंकाने वाली बात कही थी। उन्होंने बताया कि काका ने उनकी बेटी के पिता पर सवाल उठाया था और पूछा था कि क्या उसके पिता उनके पति जयंत मुखर्जी हैं या विनोद मेहरा हैं।
राजेश खन्ना के इस सवाल से वह बहुत ही असहज हो गई थी। मौसमी ने आगे नाराजगी जताते हुए कहा था कि राजेश खन्ना ने कई बार गंदी चाले चली। आज वह हमारे बीच नहीं है। मैं उनके आखिरी दिनों में उनसे मिलने भी गई थी। वह मेरी छोटी बेटी के सामने मेरी तारीफ कर रहे थे। उन्होंने उससे कहा तुम्हारी मां पागल थी। लेकिन हम सब उससे डरते थे। वह किसी भी तरह की बकवास में यकीन नहीं करती थी और हर बार करारा जवाब देती थी। इस पर मुमताज ने कहा कि हां मैं भी पलट कर जवाब देती थी। एक बार मैंने भी उनसे पूछ लिया था। यह आपकी जो बेटियां हैं, यह आपकी हैं या ऋषि कपूर की। एक्ट्रेस ने बताया था कि उनके ऐसे जवाब ने सुपरस्टार राजेश खन्ना को अवाक कर दिया था।
मौसमी चटर्जी ने आगे कहा कि काका एक बिगड़ा हुआ बच्चा था। उसकी सफलता हमेशा उसके दिमाग पर हावी रहती थी। जैसे-जैसे अमिताभ बच्चन का सितारा चमकने लगा, राजेश खन्ना का स्टारडम धीरे-धीरे ढलने लगा। उन्हें अक्सर अकेलेपन, निराशा और की लत जैसी निजी मुश्किलों में जूझते हुए देखा गया।