स्टूडेंट्स के साथ जो हुआ वो बहुत गलत हुआ। उनके साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। यह बयान सिंगर दिलजीत दोसा का है। 20 जुलाई को सीजेपी प्रोटेस्ट हुआ और उसके बाद दिलजीत दोसा का पहला रिएक्शन प्रोटेस्ट पर पहला रिएक्शन आया है।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म Instagram पर उन्होंने क्या लिखा उस पर बात करते हैं। पंजाबी में उन्होंने लिखा हम हिंदी में बताते हैं आपको। दिलजीत ने लिखा कि आज यानी कि 20 जुलाई को जो कुछ भी हुआ वो बहुत गलत हुआ। स्टूडेंट्स के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था। मैं अनुरोध करता हूं अथॉरिटीज यानी कि प्रशासन से कि स्टूडेंट्स की मांगों को सुना जाए, समझा जाए। लोगों की आवाज ईश्वर की आवाज होती है।
आगे लिखा दिलजीत ने कि मेरे ऊपर कई बार एंटी नेशनल होने का टैग लग चुका है। मैं इस दर्द को समझता हूं। यहां तक कि आज भी मेरे ऊपर एंटी नेशनल का टैग लगेगा। फार्मर प्रोटेस्ट जो हुआ था, किसानों का जो आंदोलन हुआ था, उस समय मैंने बहुत विरोध झेला था। मेरे खिलाफ कई बातें लिखी गई थी और लीगल प्रॉब्लम्स भी हुई थी। यानी कि कानूनी रूप से भी उन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ा था और आज भी मैं उसके बारे में डिस्कस नहीं कर सकता। बाकी ईश्वर सब देख रहा है और सब पर कृपा बनाए रखें।
यह दिलजीत दोसा का पहला रिएक्शन है सीजेपी प्रोटेस्ट पर। प्रोटेस्ट को कवर करने जब एलएन टॉप की टीम ग्राउंड पर उतरी तब भी लोगों का गुस्सा सामने आया था। गुस्सा इस चीज का कि कई बड़े-बड़े स्टार्स हैं, कई बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज हैं वो प्रोटेस्ट पर खुलकर नहीं बोल रहे। उसमें से एक नाम दिलजीत दोसा का भी था। अब उनका रिएक्शन सामने आया है और उनका कहना है कि किसानों का जो आंदोलन था उस पर जब मैंने बात की थी तब एंटी नेशनल का टैग मेरे ऊपर लग गया था। इसलिए मैं इन सब चीजों से थोड़ा बचता हूं। बचता हूं उसे याद आता है कि इससे पहले जब सीजेपी के बारे में दिलजीत दोसान से बात की गई थी, पूछा गया था।
उनका रिएक्शन मांगा गया था। तब दिलजीत ने कहा कि मुझे नहीं पता कि जंतरमंतर कहां है, किस तरह का वहां प्रोटेस्ट हो रहा है और प्रोटेस्ट जैसी चीजों से मुझे दूर ही रखो। ऐसा दिलजीत ने कहा था जुलाई के शुरुआती दिनों में। उन्होंने यह भी कहा था कि मैं एक आर्टिस्ट हूं। मैं कोई नेता नहीं हूं। मैं इन चीजों पर कुछ भी नहीं बोलूंगा। जिसके बाद जो प्रोटेस्ट कर रहे हैं जो स्टूडेंट्स या जो उस प्रोटेस्ट के समर्थक हैं उन्होंने नाराजगी जाहिर की थी दिलजीत के प्रति। हालांकि अब उनका बयान सामने आया है। उन्होंने अथॉरिटीज से अनुरोध किया है कि स्टूडेंट्स की मांगों को सुना जाए, समझा जाए।
कल के प्रोटेस्ट की बात करें तो 20 जुलाई को चलो संसद प्रोटेस्ट की शुरुआत हुई। सोनम वांगचुक अभी भी हॉस्पिटल में है। उनकी जगह अभिजीत दीपक के ने अनशन शुरू किया था। हालांकि सोनम वांछू के अनुरोध पर उन्होंने अपना अनशन तोड़ दिया था।
इसके बाद प्रोटेस्ट शुरू हुआ। कई तस्वीरें, कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए। हमारे जो ग्राउंड पर जो हमारी टीम है उन्होंने साक्षात उस को देखा जब पुलिसकर्मियों की तरफ से हुई। कई सारे प्रोटेस्टर्स के को चोटें आई, किसी का बह रहा था, किसी की हड्डियां टूट गई। अस्पताल में कई सारे लोग भर्ती हैं।
तो यह कल के प्रोटेस्ट की तस्वीर है और डिटेल में देखना चाहते हैं तो हमारे चैनल पर आपको कई वीडियोस ग्राउंड रिपोर्ट के दिख जाएंगे। बाकी सोनम मांगुक अभी भी हॉस्पिटल में है और उन्होंने अनुरोध किया है प्रशासन से एक लेटर लिखा है जिसमें उन्होंने रिक्वेस्ट की है कि उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी जाए। उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाए। भले ही थोड़े समय के लिए किया जाए लेकिन कर दिया जाए क्योंकि फिलहाल उनका स्वास्थ्य ठीक है। उन्हें हॉस्पिटल में रहने की जरूरत नहीं है। वो बाहर आकर प्रोटेस्ट का हिस्सा बनना चाहते हैं इसलिए उन्हें छुट्टी मिल जाए। ऐसा उन्होंने लेटर लिखा था अथॉरिटीज को।
हालांकि अभी भी वह अस्पताल में ही भर्ती हैं। 20 जुलाई को एक यह भी अपडेट सामने आया था कि सरकार की तरफ से बातचीत की पेशकश रखी गई सीजेपी प्रोटेस्टर्स के सामने। जिसके बाद सीजेपी के स्पोक्सपर्सन सौरभ दास और आशुतोष रांगा जेपी नड्डा जो कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं उनसे बातचीत करने पहुंचे थे। उनके सामने तीन मांगे रखी गई। पहला कि सोनम मांगचू को हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी जाए।
दूसरी मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें और तीसरी मांग यह रखी गई कि जिन्होंने जान दी है पेपर लीक के बाद जिन स्टूडेंट्स ने जान दी है उनको मुआवजा दिया जाए ₹1 एक करोड़। ये उन्होंने मांगे रखी थी। हालांकि सरकार पर सरकार का इस पर कोई जवाब नहीं आया है।
20 जुलाई के प्रोटेस्ट में कई सारे सेलिब्रिटीज नजर आए थे जिन्होंने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और इसी को लेकर अब दिलजीत दोसा का बयान भी सामने आया है।