भारतीय सिनेमा में राजेश खन्ना का नाम एक ऐसे सुपरस्टार के रूप में दर्ज है, जिन्होंने लोकप्रियता के नए मानक स्थापित किए। उनका सबसे चर्चित रिकॉर्ड 1969 से 1971 के बीच लगातार सफल फिल्मों की अभूतपूर्व श्रृंखला है।
फिल्म इतिहासकारों और विभिन्न स्रोतों में इस रिकॉर्ड का उल्लेख अलग-अलग रूप में मिलता है-कुछ इसे लगातार 15 हिट फिल्में बताते हैं, जबकि कुछ स्रोत 17 लगातार सफल फिल्मों का उल्लेख करते हैं। यही कारण है कि इस रिकॉर्ड की सटीक संख्या को लेकर मतभेद है, ।
लेकिन उनके लगातार सफलता पाने का दौर निर्विवाद माना जाता है।’आराधना’, ‘दो रास्ते’, ‘सच्चा झूठा’, ‘सफर’, ‘आनंद’, ‘कटी पतंग’, ‘हाथी मेरे साथी’ जैसी फिल्मों ने उन्हें “भारत का पहला सुपरस्टार” बना दिया। उस दौर में उनकी लोकप्रियता इतनी थी कि सिनेमाघरों के बाहर लंबी कतारें लगती थीं और प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते थे।अमिताभ बच्चन ने अपने करियर में कहीं अधिक फिल्में कीं, कई राष्ट्रीय पुरस्कार जीते और दशकों तक शीर्ष अभिनेता बने रहे। लेकिन राजेश खन्ना के शुरुआती वर्षों जैसी लगातार सुपरहिट फिल्मों की श्रृंखला को लेकर आज भी उनकी तुलना की जाती है।
इसलिए यह कहना अधिक सही होगा कि राजेश खन्ना का शुरुआती स्टारडम और लगातार सफल फिल्मों का दौर आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे अनोखे अध्यायों में गिना जाता है, बजाय इसके कि यह दावा किया जाए कि किसी एक अभिनेता ने निश्चित रूप से वह रिकॉर्ड नहीं तोड़ा।