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सोनम वांगचुक को सफेद चादर में ही लपेट कर क्यों ले गई पुलिस? जानकर होश उड़ जाएंगे।

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तो जंतरमंतर से हमारे और कुमार सोनू भी हमारे साथ हैं। तो सबसे पहले हम जानना चाहेंगे कि फिलहाल जरा और क्या कुछ चल रहा है। हमारे ठीक पीछे मंच है।

अह सुबह की तुलना में अगर बात की जाए तो थोड़े ज्यादा लोग आए हैं। अभी किसी को रोक-टोक है नहीं। तो धीरे-धीरे करके लोगों की तादाद कुछ बढ़ी है यहां पे। लेकिन बहुत ज्यादा भीड़ अब भी नहीं आई है। जिस उम्मीद के साथ थोड़ा सा अग्रेसिव होने की कोशिश की जा रही थी। कॉकरो जनता पार्टी के जो सो कॉल्ड लीडर्स हैं उनके द्वारा मंच से जो कहा जा रहा था। उसके बावजूद भीड़ उतनी ज्यादा नहीं पहुंची है।

लेकिन हां मंच के सामने जो लोग हैं वो लगातार खासकर जो लेफ्ट समर्थित स्टूडेंट विंग के जो लोग हैं वो लोग डफली लेके पहुंचे हुए हैं। वो लोग लगातार प्रदर्शन के सपोर्ट में नारेबाजी कर रहे हैं। डफली बजा रहे हैं। उससे एक माहौल जरूर बन रहा है। लेकिन पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच में कोई ऐसा संबंध नहीं है। कोई झड़प नहीं है। पुलिस एक तरफ शांति से बैठी हुई है।

दूसरी तरफ जो प्रदर्शनकारी हैं, वह मंच के बाहर हैं और वह लगातार नारेबाजी कर रहे हैं और अब उनके पास जो एक मकसद बचा हुआ है कि हम 20 तारीख को पार्लियामेंट मार्च करेंगे। उस उस नारे को बार-बार वो दोहरा रहे हैं। कुछ-कुछ लोग मंच पे आते हैं। जैसे हमने देखा कि योगेंद्र यादव पहुंच गए थे अभी से कुछ देर पहले यहां पे सपोर्ट में एक तरह से। उसके अलावा कोई और बड़े नेता यहां पे मंच पे नहीं पहुंचे हैं।

किसी और पॉलिटिकल पार्टी की वो सपोर्ट लाइन कम से कम यह नजर नहीं आ रही कि सोनम मांगू की गिरफ्तारी के बाद ऐसा हो कि यहां पे भीड़ लग गई हो। लेकिन हां जो इन समर्थकों के लेफ्ट स्टूडेंट विंग के जो तमाम समर्थक हैं वो लोग जरूर यहां पे पहुंचे। कुछ भीड़ जरूर बढ़ी है। नारेबाजी हो रही है। प्रदर्शन उसी तरह से चल रहा है। कल की अगर तुलना की जाए कल से अगर तुलना की जाए तो ये कह सकते हैं।

कल की तुलना में ज्यादा भीड़ यहां पे बिल्कुल भास्कर सोनम वांगचुंग जब तक मंच पर मौजूद थे तब हमने देखा कि भारी समर्थन में लोग वहां पर आम जनता भी मौजूद थी। लेकिन अब जब वह अस्पताल चले गए हैं तो मंच पर भी ज्यादा इक्का-दुक्का लोग नजर आ रहे हैं। उससे ज्यादा तो पुलिस की संख्या जंतरमंतर पर नजर आ रही है। आपसे लगातार अपडेट लेते रहेंगे।

लेकिन अब हम आपको जंतरमंतर पर पुलिस का जो ऑपरेशन चादर है वह दिखाते हैं। बिल्कुल क्योंकि जिस तरह से पुलिस ने आज इस ऑपरेशन को अंजाम दिया उसकी सुबह की तस्वीर आप देख सकते हैं। यहां पर आपको सफेद टीशर्ट पहने हुए जो लोग नजर आ रहे हैं ये सभी पुलिसकर्मी थे। करीब-करीब बताया जा रहा है 10 के करीब इनकी तादाद थी जो पुलिसकर्मी थे। सफेद वो टीशर्ट में आए हुए थे।

उनके साथ देखिए डॉक्टर भी यहां पर मौजूद हैं। मेडिकल टीम भी साथ में गई थी। और यहां पर देखिए हाथ में सफेद चादर लेकर मंच के ऊपर ये सभी पहुंच जाते हैं यानी कि मेडिकल टीम और साथ में दिल्ली पुलिस के वो जवान या अधिकारी जो सफेद वर्दीमर थे और ऊपर वो पहुंचे मंच पर पहुंचने के बाद सभी ने देखिए मंच को ऐसे घेर लेंगे। यह देखिए पूरा मंच इन्होंने यहां पर घेर लिया। सफेद चादर इन्होंने यहां पर खोल दी है। और सफेद चादर को खोलने के बाद इन्होंने यहां पर पूरे मंच को घेर लिया था। देखिए यहां पर आपको नजर आएंगे 1 2 3 4 5 6 7 8 तो आठ यहां पर आपको नजर आ रहे हैं और सभी देखिए सफेद रंग के टीशर्ट में है। सफेद कमरों में है।

इसलिए इसका नाम भी ऑपरेशन सफेद चादर रखा गया था और हाथ में सफेद चादर लेते हुए देखिए ये पुलिसकर्मी और साथ में मेडिकल के टीम के लोग ऊपर मंच पर पहुंचते हैं। जहां पर सोनम वांचुक लेटे हुए थे। हालांकि कुछ लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी। उनको साइड कर दिया गया। उसके बाद ये पुलिस के जो तमाम जवान थे ये देखिए यहां पर आपको पैरामिलिट्री फोर्सेस के जवान नजर आ रहे हैं और ठीक उनके साथ दिल्ली पुलिस के जो जवान थे सादी वर्दी में उन्होंने ये चादर खोल लिया चादर खोलने के बाद उन्होंने घेर लिया।

चारों तरफ सोनम वांचुक को और उसके बाद सोन वाचुक को वहां पूछा गया उसके बाद की हम आपको तस्वीर दिखा रहे हैं देखिए यहां पर आपको कुछ लोग नजर आ रहे हैं जो बीच में आने की कोशिश कर रहे थे उनको यहां से हटा दिया गया यहां पर आपको मेडिकल की टीम भी नजर आएगी जो यहां पर मौजूद थी एंबुलेंस के साथ जब वो ऊपर जा रहे थे देखिए यहां पर उन्हें रोकने की कोशिश हुई यहां पर आप देख पा रहे हैं। एक दो लोग यहां पर कोशिश कर रहे थे और देखिए कितनी तेजी से यह पूरा का पूरा ऑपरेशन किया गया था।

महज चंद मिनट में ही या कहें कि चंद सेकंड के अंदर ही यह पूरा का पूरा ऑपरेशन सफेद चादर आज जंतरमंतर पर किया गया और इसके लिए जो तैयारी थी वो कल रात से ही शुरू हो गई थी क्योंकि कल रात को जिस तरह से नए पुलिस कमिश्नर आए अनुराग कुमार उनके दफ्तर में खासतौर पर मीटिंग बुलाई गई थी और पुलिस अधिकारियों के साथ एक वहां पर लंबी मीटिंग चली और अब देखिए कि जो 20 दिन से ये अनशन चल रहा था वो हमने आपको दिखाया सिर्फ और सिर्फ 120 सेकंड के अंदर खत्म हो हो गया। यह देखिए 120 सेकंड के अंदर यह पूरा का पूरा ऑपरेशन कर लिया गया और 20 दिन का अनशन खत्म हो गया। बड़ी बात यह थी कि जब यहां पर मंच पर पहुंची थी पुलिस तो उन्होंने सोनम वांटू का संवाद भी किया था। उन्हें रिक्वेस्ट किया था ।

साथ चलने के लिए और उनकी हामी के बाद ही उनको ले जाया गया था। तो जिस तरह से आपने देखा कि यहां पर 120 सेकंड के अंदर यह ऑपरेशन सफेद चादर जंतरमंतर पर आज अंजाम दिया गया और उसमें पुलिस ने किस तरह से बहुत ही सफाई के साथ मंच पर गए। बिना किसी के धक्कामुक्की यहां पर आप बहुत ज्यादा नजर नहीं आओगे। बल प्रयोग की बिना लाठी तक नहीं चलाई गई थी किसी भी तरह की और इस ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचा दिया गया। और हमारे साथ कुमार सोनू भी जुड़े हुए हैं।

कुमार सोनू जिस तरह से हमने ऑपरेशन सफेद चादर के बारे में बताया। इसकी तैयारी तो कल रात से हो गई थी और उसको किस तरह से अंजाम दिया गया उसकी एक हम कह सकते हैं कि पूरी कहानी अगर हम हमें ब्रीफ में बताएं तो दर्शक समझ पाएंगे कि किस तरह से 120 सेकंड के अंदर यह 20 दिन का पूरा अनशन खत्म हो गया। देखिए मैं आपको बता दूं पूरा महज चंद सेकंड में पूरी कहानी समझा देता हूं। कल शाम को जो है तकरीबन 7:00 बजे के बाद जो है दिल्ली पुलिस मुख्यालय में नए पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने तमाम अधिकारियों की बैठक ली जो नई दिल्ली जिले से जुड़े हुए थे। स्पेशल सीपी, लॉ एंड ऑर्डर, जॉइंट सीपी, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी सबकी मीटिंग ली। पूरे प्रदर्शन की चीजों को समझा।

सोनम वांगचुक की हेल्थ को लेकर अपडेट लिया। उसके बाद जो है बैठक में तमाम डिटेल्स लेने के बाद जो है फैसले को पेंडिंग रख दिया गया। लेकिन उसके उस उस बैठक के बाद यह जरूर साफ हो गया था कि कुछ बड़ा होने वाला है। जिसके बाद जो दिल्ली पुलिस के टॉप ऑफिशियल्स हैं उनसे हमें अभी-अभी जानकारी हुई। उनसे हमारी बात हुई। उनका साफ तौर पर कहना था कि 1:30 के करीब दिल्ली पुलिस मुख्यालय से यह आदेश आया नई दिल्ली जिले को कि सुबह जो है मेडिकल कराया जाए सोनम वांगचुक का और अगर डॉक्टर्स एडवाइस करते हैं उन्हें अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए तो उन्हें तुरंत जो है अस्पताल में शिफ्ट कराया जाए और किसी भी तरीके से जब सोनम वांगचुक को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाया जा रहा होगा तो वो वीडियो ना बने क्योंकि अगर वो वीडियो सीजेपी यानी कांग्रेस कांग्रेस जनता पार्टी के लोगों ने अगर वो वीडियो बनाया तो सोशल मीडिया पर वायरल होगा और उस वीडियो को देखकर भीड़ जो है।

जंतरमंतर की तरफ आ सकती है जिससे लॉ एंड ऑर्डर को लेकर प्रॉब्लम हो सकती है। जिसके बाद सुबह 5:00 बजे के करीब जो है वो जॉइंट सीपी, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और तमाम पुलिसकर्मी जो हैं वो जंतरमंतर के पास पहुंचे। अह डीसीपी नई दिल्ली और जॉइंट सीपी नई दिल्ली रेंज ने पूरे मामले को लेकर ब्रीफ दिया पुलिसकर्मियों को कि किस तरीके से किसकी ड्यूटी कहां होगी। किस तरह का एक्शन होगा और किस तरीके से इस पूरे प्रोग्राम को इस पूरे पूरे कार्यवाही को जो है एग्जीक्यूट करना है। जिसके बाद कुछ सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी मंच के पास पहुंचे सफेद चादर लेकर और डीसीपी का एक इशारा मिलते ही सभी पुलिसकर्मी जो सिविल ड्रेस में थे जिनके पास सफेद चादर थी वह सोनम वांगचुक के मंच पर गए। मंच पर चढ़ने के बाद उन्होंने सफेद चादर खोली और चारों तरफ से जो है मंच को सफेद चादर से कवर कर लिया ताकि कोई वीडियो ना बना सके और उस दौरान जो है सोनम वांगचुक को उठाकर अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस में बिठाया गया और सीधा सफरदजंग अस्पताल लेकर गई पुलिस। आपको एक और बात बता दूं क्योंकि 20 तारीख को पैदल मार्च का ऐलान किया हुआ है।

संसद मार्च का ऐलान सीजेपी की तरफ से किया गया था और ऐसे में पुलिस जो है तमाम प्रिकॉशंस जो है वो ले रही थी। इसके अलावा एक और बात कि आमतौर पर जंतरमंतर या नई दिल्ली इलाके में जब भी कोई अनशन पे बैठा होता है तो उसको आरएमएल अस्पताल ले जाया जाता है। लेकिन इस बार आरएमएल अस्पताल ना ले जाकर सीधा सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। उसके पीछे का कारण ये है कि जंतरमंतर से सफदरजंग अस्पताल की दूरी तकरीबन 8 कि.मी. है और सफदरजंग अस्पताल जो है वो नई दिल्ली जिले से बाहर है और मानसून सेशन शुरू होना है। दरअसल पुलिस ये चाहती थी कि किसी भी तरीके से जब सोनम वांगचुक को अस्पताल में शिफ्ट किया जाए।

तो जो भीड़ अगर यहां से हटे और सफदरजंग अस्पताल की तरफ जाए तो वो तुरंत जो है जंतरमंतर का पूरा एरिया कुमार सोनू आपने जिस तरह से ये पूरी कहानी बताई उससे तो एक बात ही समझ में आती है कि पुलिस ने अपनी तैयारी बखूबी रखी थी और छोटी-छोटी चीजों का ख्याल रखा था उसका सबसे बड़ा उदाहरण था कि पुलिस जो पहुंची थी वहां पर सादी वर्दी में पहुंची थी और हाथ में सफेद चादर लेकर पहुंची थी और जिस तरह से मंच को घेरा गया था ।

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