न्याय व्यवस्था से इतनी ही मांग है कि उनको कठोर से कठोर शिक्षा मिले और जल्द से जल्द मिले। जितने जल्दी हो सके और उसमें जितने आरोपी हैं और भी अगर होंगे तो उन सबको मिलाके कठोर से कठोर शिक्षा मिलेगी। पुलिस के अभी शुरू है और कितना भरोसा है आपको पुलिस के ऊपर और आपने प्रधानमंत्री को भी लेटर लिखा था।
क्या बताएंगे उसके? सर मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और मैंने प्रधानमंत्री जी से सिर्फ इतनी ही मांग की है कि इन्हें जल्दी से जल्दी और कठोर से कठोर शिक्षा मिले। सर सिया के पेरेंट्स के द्वारा मीडिया में अलग-अलग बातें बताई जा रही है।
उसको बचाने की कोशिश की जा रही है। ऐसा आपको लगता है कि एक तरफ वो बोल रहे कि सिया दोषी तो उनको फांसी दिए जाए और दूसरी तरफ एडवोकेट भी उनको किया जाए। तो आपको ऐसा लगता है कि उसको बचाने की कोशिश की जाए? सर न्याय व्यवस्था जो काम कर रही है और जितना अच्छे से काम कर रही है मुझे न्याय व्यवस्था पे भरोसा है कि उनको शिक्षा 100% मिलेगी।
सिर्फ मेरी इतनी है कि उनको जल्द से जल्द मिले। चल रहा है क्या? इसके बारे में कुछ प्रशासन से बात? नहीं मुझे अभी तक कोई बात नहीं हुई। सर नहीं सवाल ये था कि सिया के माता-पिता एक तरफ कह रहे हैं कि सीता सिया दोषी है तो उसको वही से ढकेल के उसकी ये शिक्षा दे और दूसरी तरफ वही माता पिता सिया को वकील बदल रहे हैं उसको पूरा सपोर्ट दे रहे हैं ।
तो इनका ये दोरावा बर्ताव है ऐसा पूरा 100% है ना सर कि उनका यह दोहरा बर्ताव है अगर उनको किसी चीज पे यकीन नहीं है तो उन्होंने न्याय व्यवस्था में जाकर इस चीज की जांच करनी चाहिए जोल फैमिली है उन्होंने शादी जो है करवाने वाले तो आपको क्या लगता है पूछताछ जी 100% उनकी भी नरेंद्र जगन्नाथ मित्तल व रेनू नरेंद्र मित्तल की इन दोनों की भी इसमें पूछताछ होनी चाहिए। उनको पता था कि का जो है अभी जो चीजें सामने आ रही है।
सर उससे तो ऐसे ही लगता है कि उन्हें सब पता था। इन्वेस्टिगेशन में भी सामने आएगी शादी हो चुकी थी उसके बारे में जी मुझे उसके बारे में कोई पता नहीं है जो पता चला वो मीडिया से ही पता चला असू हा प्रश्न हमारा पड़ला है कि आखिर हमचा सोत अस का के जचा मे आज माझ व प नहीं रहे मागा प नहीं रहला नहीं का बोलले नहीं नहीं का वाद कसला ही व्यवहार नहीं वाची नरेंद्र मित्तल स्या काका की मी ही माझ आई है केतन के बाद आपके पिता भी गुजर गए थे तो आप किसको मानते हैं।
सर केतन के गुजरने के 17 दिन बाद मेरे पिताजी भी नहीं रहे तो मैं यह जो हमारे साथ हुआ है। केतन की हत्या हुई है और हमारे पे दुख का पहाड़ टूटा था। उसी के सदमे से मेरे पिताजी भी नहीं रहे। तो जो जो केतन के हत्या में जवाबदार होंगे वही उसी के लिए जवाबदार होंगे।
सिया के माता पिता एक तरफ बोल रहे कि अगर उसमें सिया दूसरी है तो उसको भी की सजा होनी चाहिए और दूसरा कि अब इसको कैसे देखते हैं? लोग बात कर रहे हैं। नहीं सर अभी वो किस हिसाब से बात कर रहे हैं मुझे पता नहीं है लेकिन यह तो दिख रहा है कि यह दोगलापन है उनका एक तरफ एक बोल रहे हैं एक तरफ एक बोल रहे