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London का सबसे बड़ा रहस्य – 6 कौवे और 900 साल पुराना किला, रूह कांप जाएगी।

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यह शहर दुनिया का सबसे ज्यादा सीसीटीवी कैमरास वाला शहर है। यहां हर कदम पर कोई ना कोई आपको देख रहा है। इसी शहर की जमीन के नीचे 400 किलोमीटर लंबी बिछी हैं। जिनमें हर रोज 50 लाख लोग गायब होते हैं। और फिर किसी दूसरे कोने से बाहर निकल आते हैं। इसी शहर के एक किले में 900 सालों से ऐसे खजाने बंद है जिनकी रखवालीlइंसान नहीं छह काले कौवे करते हैं।

और कहा जाता है जिस दिन यह कौवे उड़ गए उस दिन यह पूरा देश तबाह हो जाएगा। 2000 साल पहले रोमंस ने इसे बसाया था। इसने आग में जलकर राख होना देखा। महामारी में अपने आधे लोगों को मरते देखा। बम धमाकों में टूटना देखा। लेकिन हर बार यह शहर पहले से ज्यादा ताकतवर बनकर खड़ा हो गया। नाम है इसका लंदन। और आज मैंआपको इस शहर के अंदर उस रास्ते से लेकर चलूंगा जहां कोई टूअर गाइड आपको नहीं ले जाता। वो राज खोलूंगा जो लंदन की चमकती तस्वीरों के पीछे [संगीत] छुपे हैं।

और यकीन मानिए वीडियो के अंत तक आते-आते आप लंदन को उस नजर से देखेंगे जिस नजर से दुनिया के 99% लोग कभी देख ही नहीं पाए। [संगीत] इस वीडियो में आप समझ जाएंगे कि लंदन असल में है क्या? इसके फेमस लैंडमार्क के पीछे छुपी हैरान करने [संगीत] वाली कहानियां। वो रंग बिरंगे मोहल्ले जो Instagram पर आग लगा देते हैं। [संगीत] वो एक्सपीरियंसेस जो दुनिया में सिर्फ यहीं मिलते हैं। और वो खाना जिसका स्वाद लोग सात समंदर पार से चखने आते हैं।

करते हैं इस वीडियो को। दोस्तों कल्पना कीजिए सुबह के 7:00 बजे हैं। आप थेम्स नदी के किनारे खड़े हैं। हल्की ठंडी हवा आपके चेहरे को छू रही है और आसमान में हल्की धुंध है जो कि लंदन में लगभग हर दिन रहती है। वैसे लंदन वालों के लिए धूप निकलना किसी त्यौहार से कम नहीं होता।

धूप निकलते ही पूरा शहर पार्कक्स में लेट जाता है और तभी धुंध के बीच [संगीत] से आपके कानों में एक आवाज बढ़ती है। डोंग डोंग डोंग एक ऐसी आवाज जो पिछले 165 सालों से इस शहर की पहचान बनी हुई है। आप नजर उठाते हैं और सामने खड़ाहै वह सुनहरा टावर जिसे पूरी दुनिया जानती है। बिग बैन। लेकिन रुकिए। यहीं पर दुनिया के 90% लोग धोखा खा जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि जिस टावर को आप बिग बैन कहते हैं, उसका नाम बिग बैन है ही नहीं।

उस टावर का असली नाम है एलिजाबेथ [संगीत] टावर। बिग बैन तो उसके अंदर लटकी हुई 13.7 टन की उस विशाल घंटी का नाम है जो 1859 से बज रही है।

जरा सोचिए। 13.7 टन यानी तीन हाथियों के बराबर वजन की एक घंटी जो 165 सालों से एक भी दिन छुट्टी लिए बिना अपना काम कर रही है। काश ऐसी कंसिस्टेंसीहम सबके अंदर भी होती। और हां अगर आपको बिग बैनका सबसे धमाकेदार शॉट चाहिए तो एक सीक्रेट नोट कर लीजिए।

वेस्ट मिनिस्टर ब्रिज पर जाइए। वहां से बिग बैन को फ्रेम कीजिए और उसी पल का इंतजार कीजिए जब सामने से लंदन की मशहूर लाल डबल डेकर बस गुजरे। बस वो एक शॉट आपकी पूरी का हीरो बन जाएगा। बिग बैंगन के ठीक बगल में खड़ी है वो इमारत जहां से पूरा यूनाइटेड किंगडम चलता है। हाउस ऑफ पार्लियामेंट। और इस इमारत की कहानी में एक ऐसा ट्विस्ट है जो शायद ही आपको पता हो। साल 1605 एक आदमी ने इस पूरी पार्लियामेंट को 36 से उड़ाने की साजिशरची थी। उसका नाम था गाय फोक्स।

साजिश आखिरी रात पकड़ी गई और आज भी 400 साल बाद हर 5 नवंबर को पूरा इंग्लैंड आतिशबाजी करके उस रात को याद करता है। यानी एक आदमी का फेल्ड प्लान पूरे देश का फेस्टिवल बन गया। इसे कहते हैं किस्मत। अब जरा नदी के उस पार नजर

घुमाइए। वहां आसमान को छूता हुआ धीरे-धीरे घूम रहा है एक विशाल पहिया। 135मीटर ऊंचा यानी लगभग 45 मंजिला इमारत जितना। यह है लंदन आय। और इसके पीछेकी कहानी सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। लंदन आय को 1999 में सिर्फ 5 साल के लिए बनाया गया था। प्लान था कि 2005 में इसे तोड़ दिया जाएगा। लेकिन यह इतना फेमस हो गया कि लंदन वालों ने साफ कह दिया यह पहिया अब कहीं नहीं जाएगा। आज हर साल 35 लाख से ज्यादा लोग इसमें बैठते हैं। एक चक्कर पूरा होने में 30 मिनट लगते हैं और सबसे मजेदार बात यह कभी रुकता ही नहीं। यह इतना धीमा चलता है कि लोग चलते-चलते ही इसमें चढ़ जाते हैं। वीडियो बनाने वालों के लिए फ्री एडवाइस शाम के वक्त [संगीत] थीम्स के किनारे से लंदन आई का टाइम लैप्स लीजिए जब इसकी नीली लाइट्स चलती है। वो 10 [संगीत] सेकंड का शॉट आपकी वीडियो में जान डाल देगा। लेकिन ठहरिए।

थेम्स नदी [संगीत] पर एक और चीज खड़ी है। एक ऐसा पुल जिसकी तस्वीर आपने जिंदगी में हजार बार देखी होगी। लेकिन मैं शर्त लगाकर कह सकता हूं आप आज भी उसका नाम गलत जानते हैं और सिर्फ आप नहीं पूरी दुनिया 100 सालों से इस पुल के नाम पर धोखा खा रही है। तो चलिए अब उस धोखे से पर्दा उठाते हैं। थेम्स नदी पर खड़ा वो नीले और सफेद रंग का शानदार पुल जिसके दो विशालटावर आसमान से बातें करते हैं। दुनिया उसे लंदन ब्रिज कहती है। मूवीस में, टूरिस्ट फोटोस में हर जगह लोग उसे लंदन ब्रिज बताते हैं।

लेकिन सच यह है कि उस पुल का नाम लंदन ब्रिज है ही नहीं। उसका असली नाम है टावर ब्रिज। और असली लंदन ब्रिज वो तो इसके बगल में खड़ा एकबिल्कुल सीधा साधा प्लेन सा पुल है जिसके सामने से लोग बिना देखे गुजर जाते हैं। यानी सोचिए नाम फेमस किसी और का और तस्वीरें खिंचवा कोई और रहा है। टावर ब्रिज को 1894 में बनाया गया था। और इसकी सबसे कमाल की बात यह है यह पुल आज भी खुलता है। जी हां, जब कोई बड़ा जहाज थेम्स नदी से गुजरता है तो यह पुल बीच से दो हिस्सों में उठ जाता है। बिल्कुल किसी जॉइंट के दरवाजे की तरह।

यह नजारा साल में लगभग 800 बार होता है और अगर आप सही टाइम पर वहां पहुंच गए तो यह शॉट [संगीत] आपकी वीडियो का सबसे बड़ा मोमेंट बन सकता है। प्रोट टिप [संगीत] टावर ब्रिज की वेबसाइट पर पूरा शेड्यूल मिलता है कि पुल किस दिन किस टाइम खुलेगा। एडवांस [संगीत] में चेक करके जाइए। और अब टावर ब्रिज से बस 2 मिनट की दूरी पर खड़ा है वह किला [संगीत] जिसका जिक्र मैंने वीडियो की शुरुआत में किया था। 900 साल पुराना टावर ऑफ लंदन। यह वही जगह है जहां इंग्लैंड के राजाओं ने अपने दुश्मनों को कैद किया। जहां रानियों के सिर कलम हुए और जहां आज भी [संगीत] दुनिया के सबसे कीमती खजाने रखे हैं। क्राउन जूस। 23,000 [संगीत] से ज्यादा हीरे जवाहरात जिनमें वो कोहिनूर भी शामिल है जिसका रिश्ता सीधा हमारे भारत से है। लेकिन असली रहस्य तो वो छह काले कौवे हैं।

सैकड़ों सालों से यहां एक भविष्यवाणी चली आ रही है। जिस दिन टावर ऑफ लंदन से कौवे [संगीत] उड़ गए उस दिन यह किला गिर जाएगा और पूरा राजघराना तबाह हो जाएगा। और आप यकीन नहीं करेंगे। ब्रिटिश सरकार इस भविष्यवाणी को इतना सीरियसली लेती है कि आज [हंसी] भी वहां कम से कम छह कौवे रखे जाते हैं। उनकी देखभाल के लिए एक ऑफिशियल पद है रेवन मास्टर। इन कौवों को रॉयल बजट से खाना मिलता [संगीत] है और इनके पंख हल्के से ट्रिम किए जाते हैं ताकि यह ज्यादा दूर ना उड़ सकें।

यानी एक तरफ दुनिया मार्स पर जा रही है और दूसरी तरफ दुनिया की सबसे पुरानी मोनार्की की सुरक्षा छह कौवों के भरोसे चल रही है। अच्छा अगर आपको यह कौवों [संगीत] वाला किस्सा मजेदार लगा तो वीडियो को एक लाइक जरूर कर दीजिए। इससे मुझे पता चलता है कि । चलिए अब किले और पुलों से निकल कर चलते हैं उस जगह जहां रहता है।

इस देश का राजा। बकिंघम पैलेस। 775 कमरों वाला यह महल सिर्फ एक घर नहीं यह एक पूरा शहर है। इसमें 78 बाथरूम्स हैं। खुद का पोस्ट ऑफिस है, सिनेमा हॉल है। यहां तक कि एटीएम भी है। यानी राजा को पैसे निकालने के लिए भी घर से बाहर [संगीत] नहीं जाना पड़ता। लेकिन जो चीज पूरी दुनिया देखने आती है, वो है चेंजिंग ऑफ द गार्ड। सुबह 11:00 बजे लाल वर्दी और काली ऊंची टोपी पहने वो गार्ड्स बै की धुन पर मार्च करते हुए अपनी ड्यूटी बदलते हैं।

यह परंपरा 350 सालों [संगीत] से चली आ रही है और उनकी वो फेमस काली टोपी जिसे बेयर स्किन कहते हैं [संगीत] असली भालू की खाल से बनती है। लगभग आधा किलो वजनी होती है और 100 साल तक चलती है। इन गार्ड्स के साथ एक फेमस खेल भी जुड़ा है। लोग इन्हें हंसाने की कोशिश करते हैं। इनके सामने जोकर बनते हैं, अजीब आवाजें निकालते हैं। लेकिन यह गार्ड्स पत्थर की मूर्ति बने खड़े रहते हैं। इनकी ट्रेनिंग इतनी सख्त होती है कि यह ड्यूटी पर मुस्कुरा भी [संगीत] नहीं सकते। वैसे एक बात बताइए अगर आप उन गार्ड्स की जगह होते और कोई आपके सामने [संगीत] खड़े होकर आपकी नकल उतार रहा होता तो क्या आप हंसी रोक पाते? मुझे कमेंट करके जरूर बताइए।

हंस देता या पत्थर बन जाता। देखते हैं हमारे व्यूअर्स में कितने असली गार्ड मटेरियल लोग हैं। तो दोस्तों ये तो थे लंदन के वो शाही चेहरे जो हर कोस्ट गार्ड पर छमते हैं। लेकिन अब हम जा रहे हैं लंदन की उन गलियों में जहां की दीवारें गुलाबी, नीली और पीली है। जहां एक मार्केट [संगीत] में दुनिया भर का खजाना बिकता है और एक ऐसा मोहल्ला जहां पंख रॉक की रूह आज [संगीत] भी जिंदा है। लंदन का असली रंग अब शुरू होता है। तो दोस्तों अब हम लंदन के शाही इलाकों से निकलकर उसकी असली धड़कन की तरफ बढ़ते हैं। उसके मोहल्ले क्योंकि किसी भी शहर को जानना है तो उसके महलlमत देखिए। उसकी गलियां देखिए।

सबसे पहले चलते हैं वेस्ट लंदन के उस इलाके में जो किसी पेंटिंग जैसा लगता है। नॉटिंग हिल। यहां की गलियों में घुसते ही [संगीत] ऐसा लगता है जैसे किसी ने पूरे मोहल्ले को रंगों से भर दिया हो। गुलाबी घर, नीले घर, पीले, हरे, हल्के बैंगनी, एक लाइन में खड़े पेस्टल रंगों के यह घर देखकर आपका कैमरा रुकने का नाम नहीं लेगा। यहां हालत यह है कि कुछ घर मालिकों ने बाहर बोर्ड लगा रखे lकृपया हमारे दरवाजे के सामने फोटो शूट मत कीजिए। यानी घर इतने खूबसूरत हैं कि खुद मालिक परेशान हो गए। और क्या आप जानते हैं यह इलाका इतना फेमस हुआ कैसे? साल 1999 में एक मूवी आई थी नॉटिंग हिल, जूलिया रॉबर्ट्स और ह्यूग्रैंड की। उस एक मूवी ने इस मोहल्ले को दुनिया [संगीत] के नक्शे पर ला दिया। आज भी लोग उस नीले दरवाजे को ढूंढते हुए आते हैं जो मूवी में दिखाया गया था। और वो नीला दरवाजा आज भी वहीं है वेस्ट बर्न पार्क रोड पर। लेकिन नॉटिंग हिल की जान है पोर्टोबेलो रोड मार्केट। दुनिया का सबसे बड़ा एंटीक्ज मार्केट। शनिवार के दिन यहां 1000 से ज्यादा स्टॉल्स लगती हैं।

पुरानी घड़ियां, 100 साल पुराने कैमरे, विंटेज कपड़े, पुराने नक्शे, चांदी के बर्तन। यहां आपको वो चीजें मिलेंगी [संगीत] जो आपकी दादी के जमाने में भी पुरानी मानी जाती थी। और मजे की बात मोलभाव यहां भी चलता है। जी हां, लंदन में भी। तो अपनी बारगेनिंग स्किल्स यहां बेझिझक इस्तेमाल कीजिए। अब यहां से हम जा रहे हैं एक ऐसी जगह जो नॉटिंग हिल का बिल्कुल उल्टा है। जहां पेस्टल रन नहीं बल्कि [संगीत] दीवारों पर बने विशाल ग्रेविटी है। जहां की हवा में रॉक म्यूजिक बजता है। वेलकम टू कैमडन टावर। कैमडन वो जगह है जहां लंदन का बागी दिल धड़कता है। यहां की दुकानोंके ऊपर विशाल जूते लटके हैं। ड्रैगन बने हैं। हवाई जहाज निकले हुए हैंदुकानें कम कलाकारी ज्यादा लगती हैं। यह इलाका पंक रॉक कल्चर का घर रहा [संगीत] है। महान सिंगर एमी वाइन हाउस यहीं रहती थी। और आज [संगीत] भी कैमडन मार्केट में उनकी मूर्ति खड़ी है। जहां फैंस उन्हें याद करने आते हैं। और कैमडन मार्केट उफ हफ्ते के सातों दिन खुलने वाला यह मार्केट लंदन का सबसे ज्यादा घूमा जाने वाला मार्केट है। हर साल 25 करोड़ से ज्यादा लोग यहां आते हैं। यहां की गलियों में दुनिया भर का स्ट्रीट फूड मिलता है। मैक्सिकन टाकोस से लेकर जापानीज रामिन तक। और हां, हमारा देसी बटर चिकन भी। जी हां, लंदन के बीचों-बीच जब आपको तड़के की खुशबू आए, तो समझ जाइए अपने लोग यहां भी छाए हुए हैं। चलिए, अब कैमडन की बागी गलियों से निकल कर चलते हैं एक ऐसी जगह जहां हर शाम एक शो होता है। बिना टिकट, बिना स्टेज, कवन गार्डन। यहां की खासियत है इसके स्ट्रीट परफॉर्मर्स जिन्हें बस्कर्स कहा जाता है। कोई हवा में करतब दिखा रहा है, कोई ऑपरा गा रहा है, कोई जादू दिखा रहा है। और मजेदार बात यह यहां परफॉर्म करना इतना आसान नहीं है।

कविन गार्डन में परफॉर्म करने के लिए बाकायदा ऑडिशन देना पड़ता है। यानी जो कलाकार आपको यहां सड़क पर दिख रहे हैं, वह ऑडिशन पास करके आए हुए [संगीत] प्रोफेशनल है। फूलों से सजी यह जगह, यहां के कैफेस, पुरानी मार्केट बिल्डिंग, शाम के वक्त कवें गार्डन का माहौल ऐसा होता है कि आपका वापस जाने का मन ही नहीं करेगा। और अब दिन ढल चुका है। रात हो रही है और रात के लंदन का एक ही राजा है। पिकडे सर्कस। विशाल जगमगाती एलईडी [संगीत] स्क्रीनंस, चारों तरफ रोशनी, भीड़, जिंदगी। लोग इसे लंदन का टाइम स्क्वायर कहते [संगीत] हैं। लेकिन सच पूछिए तो पिकली की यह रोशनी टाइम स्क्वायर से भी पुरानी है। यहां 1908 से एडवरटाइजिंग लाइट्स चल रही हैं। 100 साल से भी ज्यादा। रात के वक्त यहां की घूमती गाड़ियों का लॉन्ग एक्सपोज़र शॉट लीजिए।

लाल बसों की रोशनी की [संगीत] लाइंस जब आपके फ्रेम से गुजरेंगी, वो शॉट देखने वाले बस वाओ ही बोलेंगे। वैसे दोस्तों अगर आपके किसी दोस्त का लंदन [संगीत] जाने का प्लान बन रहा है या कोई लंदन की बातें करते नहीं थकता तो यह वीडियो उसके साथ शेयर कर दीजिए। [संगीत] उसका आधा रिसर्च यहीं पूरा हो जाएगा। लेकिन अभी रुकिए क्योंकि लंदन की [संगीत] इस कहानी का सबसे स्वादिष्ट हिस्सा अभी बाकी है। एक 1000 साल पुराना मार्केट जहां पिघली हुई चॉकलेट में डूबी स्ट्रॉबेरीज बिकती हैं।

एक ऐसी डिश जिसे अखबार में लपेट कर खाने की परंपरा थी और जमीन से 155 मीटर ऊपर एक छुपा हुआ जंगल जहां जाना बिल्कुल फ्री है। लेकिन 99% टूरिस्ट को इसके बारे में पता ही नहीं। तो दोस्तों अब बात करते हैं उस चीज की जिसके बिना कोई भी सफर अधूरा है। खाना और लंदन में खाने की कहानी शुरू होती है एक ऐसी जगह से जो 1000 साल से भी ज्यादा पुरानी है। जी हां, बरो मार्केट। लंदन का सबसे पुराना फूड मार्केट जहां 104 के आसपास से खाना बिक रहा है। जरा सोचिए जब दिल्ली में कुतुब मीनार भी नहीं बनी थी तब से यहां लोग सब्जी खरीद रहे हैं। आज यह मार्केट फूडीज के लिए किसी जन्नत से कम नहीं। यहां की तंग गलियों में घुसते ही खुशबुओं का ऐसा तूफान आता है कि पेट भरा हो तब भी भूख लग जाए। ताजा ब्रेड, [संगीत] सिज़लिंग सॉसेजेस, दुनिया भर की चीज और वो चीज जो यहां की सबसे फेमस है। पिघली हुई चॉकलेट में डूबी ताजी स्ट्रॉबेरीज।

जब वो गर्म चॉकलेट ठंडी स्ट्रॉबेरी के ऊपर गिरती है ना उस शॉट का क्लोज अप आपकी वीडियो में ऐसा जादू करेगा कि लोग स्क्रीन चाटने की सोचने लगेंगे लेकिन इंग्लैंड का असली राष्ट्रीय खाना तो कुछ और है। [संगीत] फिश एंड चिप्स कुरकुरी सुनहरी परत में लिपटी मुलायम मछली साथ में मोटे-मोटे चिप्स। 160 साल से यह डिश इंग्लैंड की पहचान है। और इसकी एक कमाल की परंपरा थी। पुराने जमाने में इसे अखबार में लपेट कर दिया जाता था। लोग खाना खाते-खाते खबरें भी पढ़ लेते थे। यानी उस जमाने का टू इन वन कॉम्बो खाना भी अखबार भी। आज हाइजीन रूल्स की वजह से अखबार तो हट गया लेकिन स्वाद वही पुराना है। मेरी सलाह इसे किसी 100 से 200 साल पुराने लंदन पब में बैठकर ट्राई कीजिए। लकड़ी की पुरानी कुर्सियों और मध्यम रोशनी के बीच। तब समझ आएगा कि अंग्रेज इस सिंपल सी डिश के इतने दीवाने क्यों हैं।

अब चलिए उस राज की तरफ जो मैंने आपसे पिछले हिस्से में किया था। जमीन से 155 मीटर ऊपर एक छुपा हुआ जंगल। लंदनकी एक गगनचुंबी इमारत है जिसे लोग उसकी शेप की वजह से वॉकी टॉकी बिल्डिंग [संगीत] कहते हैं। और उसकी सबसे ऊपरी तीन मंजिलों पर बना है स्काई गार्डन। घने हरे पेड़-पौधे और चारों तरफ शीशे की दीवारों से दिखता पूरा लंदन। टावर ब्रिज से लेकर बिग बन तक सब कुछ आपके कदमों में। और सबसे बड़ी बात यहां जाना बिल्कुल फ्री है। जहां द शार्ड जैसी बिल्डिंग्स व्यू के लिए हजारों रुपए लेती हैं। वहीं स्काई गार्डन एक भी पैसा नहीं लेता। बस एक शर्त है टिकट आपको इनकीवेबसाइट पर एडवांस में बुक करनी पड़ती है क्योंकि स्लॉट्स हाथों हाथ निकल जाते हैं। यह है वो सीक्रेट जो 99%टूरिस्ट मिस कर देते हैं। और दोस्तों लंदन में घूमने का असली मजा तो उसकी सवारी में है। सबसे पहले वो लाल डबलडेकर बस।

मेरी एडवाइस ऊपर वाली डेक की सबसे आगे वाली सीट पकड़िए। वहां बैठकर जब पूरा लंदन आपकी आंखों के सामने से गुजरता है तो लगता है जैसे आप कोई मूवी देख रहे हो और उसका टिकट सिर्फ एक बस फेयर है। वहीं से पीओवी [संगीत] शॉट लीजिए। व्यूअर्स को लगेगा वो खुद लंदन घूम रहे हैं। और फिर है वो चीज जिसका जिक्र मैंने वीडियो की शुरुआत में किया था। जमीन के नीचे बिछी 400 कि.मी. लंबी सुरंगे लंदन अंडरग्राउंड जिसे यहां के लोग प्यार से ट्यूब कहते हैं। यह दुनिया की सबसे पुरानी अंडरग्राउंड रेलवे है। 1863 से चल रही है। जरा सोचिए जब भारत में पहली ट्रेन चले सिर्फ 10 साल हुए थे। तब लंदन जमीन के नीचे ट्रेन चला रहा था। और प्लेटफार्म पर लिखा वो आइकॉनिक साइन माइंड द गैप। यह सिर्फ एक चेतावनी नहीं लंदन की पहचान बन चुका है। इसके टीशर्ट्स, मग्स सब बिकते हैं। ट्यूब की तेजी से आती ट्रेन का वो शॉट जब हवा का झोंका आपके कैमरे को हिला दे वो आपकी वीडियो को एकदम असली लंदन वाली फील देगा।

तो दोस्तों सुबह वेस्ट मिनिस्टर ब्रिज से शुरू हुआ हमारा यह सफर अब रात के जगमगाते लंदन [संगीत] में आकर रुक रहा है। आज आपने देखा वो टावर जिसका नाम दुनिया गलत जानती है। वो पुल जो 100 साल से धोखा दे रहा है। वो किला जिसकी हिफाजत छह कौवे कर रहे हैं। वो गलियां जो रंगों से भरी है और वो स्वाद जो 1000lसाल पुराना है। यही तो कमाल है इस शहर का। यह शहर आग में जला, झेली बम बरसे। लेकिन हर बार यह उठ खड़ा हुआ। पहले से ज्यादा खूबसूरत, पहले से ज्यादा जिंदा। लंदन सिर्फ एक शहर नहीं है दोस्तों। यह 2000 सालों की जिद है। हर पत्थर यहां कहानी [संगीत] सुनाता है।

बस सुनने वाला चाहिए। उम्मीद है आज का यह सफर आपको लंदन के उतने ही करीब ले गया होगाजितना मैं चाहता था।

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