जरा सोचिए अगर मैं आपसे कहूं कि दुनिया में एक ऐसा देश है जिसका लगभग 1/3 हिस्सा समुद्र के स्तर से नीचे है तो आपका पहला सवाल क्या होगा? यही ना? फिर वो देश हर दिन डूबता क्यों नहीं? कल्पना कीजिए। रात को सोते समय आपके घर के बाहर लाखों टन समुद्री पानी मौजूद हो। बस एक दीवार टूटे और पूरा शहर कुछ ही घंटोंमें पानी के नीचे चला जाए। डरावना है ना? लेकिन नीदरलैंड्स के करोड़ों लोग इसी डर के साथ नहीं बल्कि पूरी शांति से अपनी जिंदगी जीते हैं। सवाल है आखिर कैसे?
क्या उनके पास कोई सीक्रेट टेक्नोलॉजी है? क्या उन्होंने समुद्र को हरा दिया? या फिर इंसानों ने प्रकृति के सबसे बड़े दुश्मन पानी को अपना दोस्त बना लिया। और सबसे हैरान करने वाली बात नीदरलैंड्स सिर्फ खुद को बचाता ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को बाढ़ से बचने की तकनीक भी सिखाता है। कि कैसे एक छोटा सा देश हर सेकंड समुद्र से लड़ रहा है और फिर भी डूब नहीं रहा। इंजीनियरिंग दिखाऊंगा जिसे देखकर आप कहेंगे यह इंसानों ने बनाया है या किसी साइंस फिक्शन फिल्म का हिस्सा है।
तो चलिए शुरू करते हैं। अब सवाल उठता है कि नीदरलैंड्स समुद्र के स्तर से नीचे है ही क्यों? हजारों साल पहले इस इलाके का बड़ा हिस्सा दलदली जमीन और उथले समुद्र से घिरा हुआ था। समय के साथ लोगों ने यहां खेती और रहने के लिए जंगल काटे, दलदल सुखाए और पीट पीट निकाला। लेकिन इससे जमीन धीरे-धीरे नीचेबैठने लगी। दूसरी तरफ समुद्र का स्तर बढ़ता गया। नतीजा आजनीदरलैंड्स का लगभग 26% हिस्सा समुद्र तल से नीचे है और लगभग 60% आबादी ऐसे क्षेत्रों में रहती है ।
जहां बाढ़ का खतरा हमेशा बना रहता है। जरा सोचिए अगर समुद्र को रोकने वाली दीवारें सिर्फ कुछ घंटों के [संगीत] लिए भी हटा दी जाए तो देश का बड़ा हिस्सा पानी में डूब सकता है। लेकिन यहां एक मजेदार सवाल है। अगर खतरा इतना बड़ा है तो लोग वहां से भागते क्यों नहीं? क्योंकि उन्होंने भागनेकी बजाय समुद्र को चुनौती देने का फैसला किया और यहीं से शुरू होती है इंसानी इंजीनियरिंग की सबसे अद्भुत कहानी। एक ऐसी तकनीक जिसने पानी को ही कैद कर दिया। अगले भाग में जानेंगे कि आखिर यह विशाल दीवारें और बांध समुद्र को कैसे रोकते हैं। अब सोचिए अगर आपकेघर के सामने हर पल लाखों टन समुद्री पानी खड़ा हो तो आप क्या करेंगे? दरवाजा बंद करेंगे? लेकिन समुद्र कोई साधारण मेहमान [संगीत] नहीं है।
नीदरलैंड्स ने इसी समस्या का समाधान निकाला विशालडाइक्स और डैम्स बनाकर। यह साधारण दीवारें नहीं बल्कि कई मीटर ऊंचे और बेहद मजबूत सुरक्षा कवच हैं जो सैकड़ों किलोमीटर तक फैले हुए हैं। जब समुद्र में ज्वार आता है या तूफान उठता है तो यही दीवारें करोड़ों लोगों की जान बचाती हैं। लेकिन सिर्फ [संगीत] दीवारें बनाना काफी नहीं था।
अगर बारिश का पानी देश के अंदर ही जमा हो जाए तो क्या होगा? यानी बाहर का समुद्र भी दुश्मन और अंदर का पानी भी खतरा। यहीं से शुरू होती है नीदरलैंड्स की सबसे स्मार्ट इंजीनियरिंग। विशाल पंप, नहरे और [संगीत] लॉक सिस्टम जो हर दिन करोड़ों लीटर पानी को नियंत्रित करते हैं। अगले भाग में हम जानेंगे कि कैसे [संगीत] पूरा देश एक विशाल मशीन की तरह पानी को 24 घंटे कंट्रोल करता है। अब जरा इस बात की कल्पना कीजिए। बाहर से समुद्र का पानी रोका जा चुका है। लेकिन बारिश लगातार हो रही है। तो यह सारा पानी जाएगा कहां? यही वह जगह है जहां नीदरलैंड्स दुनिया को चौंका देता है। पूरे देश में हजारों किलोमीटर लंबी नहरे, आधुनिक पंपिंग स्टेशन और सैकड़ों [संगीत] जल नियंत्रण केंद्र 24 घंटे बिना रुके काम करते हैं। यह सिस्टम लगातार पानी का स्तर मापते हैं और जरूरत पड़ते ही अतिरिक्त पानी को नदियों या सीधे समुद्र में पंप कर देते हैं।
पहले यही काम मशहूर विंडमिल्स करती थी। हवा की ताकत से पानी बाहर निकाला जाता था। आज उनकी जगह हाईटेक इलेक्ट्रिक पंप और कंप्यूटर नियंत्रित सिस्टम ने ले ली है। सोचिए जब पूरा देश सो [संगीत] रहा होता है तब भी यह मशीनें जाग रही होती हैं। लेकिन क्या होगा अगर एक दिन समुद्र पहले से भी ज्यादा खतरनाक तूफानलेकर आ जाए?
क्या यह दीवारें तब भी बचा पाएंगी? अगले भाग में जानेंगे उस मेगा प्रोजेक्ट के बामें जिसे दुनिया की सबसे महान इंजीनियरिंग उपलब्धियों में गिना जाता है। साल [संगीत] 1953 एक भयानक समुद्री तूफान ने नीदरलैंड्स की सुरक्षा को चखनाचूर कर दिया। रातोंरात [संगीत] बांध टूट गए। गांव पानी में समा गए और 10,800 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। पूरे देश को [संगीत] एहसास हो गया कि अगर अब भी कुछ नहीं बदला तो अगली आपदा और भी होगी। इसके बाद शुरू हुआ इतिहास का सबसे इंजीनियरिंग मिशन डेल्टा वर्क्स। यह सिर्फ एक बांध नहीं बल्कि विशाल समुद्री [संगीत] बैरियर, स्लोइस, लॉक और मजबूत डाइ का पूरा नेटवर्क है। जब समुद्रशांत रहता है, तो यह गेट खुले रहते हैं ताकि जहाज और समुद्री जीव आसानी गुजर सके।
लेकिन जैसे ही तूफान या ऊंची लहरों का खतरा बढ़ता है, कुछ ही मिनटों में यह विशाल स्टील के गेट बंद हो जाते हैं और करोड़ों लोगों को सुरक्षित कर देते हैं। सोचिए इंसानों ने ऐसा दरवाजा बना दिया जो पूरे समुद्र को रोक सकता है।
लेकिन एक नई चुनौती अब सामने है। जलवायु परिवर्तन। अगर समुद्रका स्तर लगातार बढ़ता रहा तो क्या यह सिस्टम भविष्य में भी नीदरलैंड्स को बचा पाएगा? अब तक आपने देखा कि कैसे नीदरलैंड्स ने समुद्र कोरोकने के लिए दुनिया की सबसे बेहतरीन इंजीनियरिंग तैयार की। लेकिन अबएक नया दुश्मन सामने खड़ा है। क्लाइमेट चेंज। वैज्ञानिकों का अनुमान है किआने वाले दशकों में समुद्र का स्तर लगातार बढ़ सकता है।
इसका मतलब है कि जिन दीवारों [संगीत] और बैरियर ने आज तक देश को सुरक्षित रखा, भविष्य में उन पर पहले से कहीं ज्यादा दबाव पड़ेगा। सवाल यह है क्या इंसान [संगीत] एक बार फिर प्रकृति को मात दे पाएगा? यहीं पर नीदरलैंड्स दुनिया से अलग सोचता है। उनका मानना है कि पानी से लड़ो मत। उसके साथ जीना सीखो। इसलिए वे सिर्फ ऊंची दीवारें नहीं बना रहे बल्कि पूरे शहरों को बदल रहे हैं। आज वहां फ्लोटिंग हाउसेस यानी [संगीत] पानी पर तैरने वाले घर बनाए जा रहे हैं। कई इलाकों में ऐसे पार्कऔर मैदान बनाए गए हैं जो सामान्य दिनों में लोगों के घूमने की जगह होते हैं। लेकिन भारी बारिश के समय वही जगह विशाल जलाशय बन जाती है। कुछ सड़कों कोइस तरह डिजाइन किया गया है कि जरूरत पड़ने पर वे अस्थाई नहरों में बदल जाए। यानी सोचिए जहां दुनिया [संगीत] बांट से बचने के लिए भागती है, वहां नीदरलैंड्स बाढ़ के लिए पहले से जगह तैयार करके रखता है। यही वजह है कि [संगीत] आज दुनिया के कई देश चाहे एशिया हो, यूरोप हो या अमेरिका बाढ़ से बचाव के लिए नीदरलैंड्स के इंजीनियरों [संगीत] और उनकी तकनीकों से सीख रहे हैं। तो क्या यह कहानी सिर्फ एक देश की है? नहीं। यह इस बात [संगीत] का सबूत है कि जब इंसान विज्ञान, तकनीक और दूरदर्शिता के साथ काम करता है तो वह समुद्र जैसी विशाल ताकत के साथभी जीना सीख सकता है। अगले और अंतिम भाग में जानेंगे इस पूरी कहानी से मिलने वाला सबसे बड़ा सबक जो हर देश के लिए बेहद जरूरी है।
तो दोस्तों, अब जरा शुरुआत की उस बात को याद कीजिए। एक ऐसा देश जिसका बड़ा हिस्सा समुद्र के स्तर से नीचे है। जहां एक छोटी सी गलती करोड़ों लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल सकती है। फिर भी आज वही देश दुनिया के सबसे सुरक्षित और विकसित देशों में गिना जाता है। आखिर क्यों? क्योंकि नीदरलैंड्स ने सिर्फ ऊंची दीवारें नहीं बनाई। उसने भविष्य की तैयारी की। उसने समझ लिया कि प्रकृति को पूरी तरह हराया नहीं जा सकता। लेकिन समझदारी, विज्ञान और इंजीनियरिंग के दम पर उसकेसाथ सुरक्षित तरीके से जिया जा सकता है।
सोचिए अगर 1953 की विनाशकारी [संगीत] बांट के बाद उन्होंने हार मान ली होती तो शायद आज नीदरलैंड्स का नक्शा ही अलग होता। लेकिन उन्होंने डर को अपनी ताकत बना लिया। यही सोच उन्हें बाकी दुनिया से अलग बनाती है और शायद यही इस वीडियो का सबसे बड़ा सबक भी है। बड़ी समस्याओं का समाधान ताकत से नहीं बल्कि सही सोच और सही योजना से निकलता है। कौन जानता है आने वाले 50 या 100 साल बाद समुद्र का स्तर कितना बढ़ जाएगा? लेकिन अगर कोई देश इस चुनौती का सामना करने के लिए सबसे ज्यादा तैयार है तो वह नीदरलैंड्स है।