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केतन केस: बेटे के मौ!त मां की ये बात रुला देगी।

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केतन लोग सब लोग जानते होंगे केतन को आज पूरा देश हिल चुका है केतन के नाम से केतन की मम्मी देखो इसकी हंसी देखो देखो इसकी आंखें देखो ऐसे लग रहा है वो आपके पास देख रहा है कितने हंस के देख रहा है वो मुझे ऐसे लग रहा है मेरे पास ही है हां वो उसकी हंसी देखो उसकी बातें सुनो। उसका देखो एक बार। ऐसा लग रहा था उसकी कोई गलती थी।

मेरी कोई गलती थी जो इसको मार दिया। हां, क्यों मारा? यह भी आज भी ये बोलता है। मेरी क्या गलती है? मेरे बेटे की क्या गलती है? हां। क्यों मारा मेरे बच्चों को? क्यों मारा मेरे बच्चों को? अगले महीने रक्षाबंधन है।

बहन राखी बांध लेगी। क्या करेगी मेरी बेटी? क्या बोलूंगी मैं इसको? मेरा पूरा परिवार बिखर गया है। इसके घर में इसके दादाजी भी गुजर गए। इसकी शादी करनी थी मेरे को। अभी ये इतना खुश था। बहुत खुश था। हर चीज की इसने रखी थी तैयारी। मम्मी आज ही मुझे ऐसे लगा कि मुझे बुला रहा है। मम्मी मम्मी बुला रहा है।

हम लोग एक साथ रहते थे। एक साथ उस दिन मेरे साथ अच्छे से बात करके गया। हम लोग ने एक साथ डिनर भी किया उस दिन। अभी भी ऐसा लगा मेरे दरवाजे पे खड़ा है। एक महीना हो गया। अभी मैं उसका वेट कर रही हूं। मेरे को अब मेरी आंखें भी पत्थर के जैसे हो गई है। हम इतना रो चुके हैं अभी घर में। हां कितना गम हुआ इसके बाबा जी को भी। प्लीज जस्टिस फॉर केतन।

केतन लोग सब लोग जानते होंगे केतन को। आज पूरा देश हिल चुका है। केतन के नाम से केतन की मम्मी। हम देखो इसकी हंसी देखो देखो इसकी आंखें देखो ऐसे लग रहा है वह आपके पास देख रहा है कितने हंस के देख रहा है वो मुझे ऐसे लग रहा है मेरे पास ही है हां वो उसकी हंसी देखो उसकी बातें सुनो उसका देखो एक बार ऐसा लग रहा था उसकी कोई गलती थी मेरी कोई गलती थी जो इसको मार दिया हां क्यों क्यों मारा? ये भी आज भी यही बोलता है। मेरी क्या गलती है? मेरे बेटे की क्या गलती है? हां। क्यों मारा मेरे बच्चे को? क्यों मारा मेरे बच्चों को?

अगले महीने रक्षाबंधन है। बहन राखी बांध लेगी। क्या करेगी मेरी बेटी? क्या बोलूंगी मैं उसको? मेरा पूरा परिवार बिखर गया है। इसके घर में इसके दादाजी भी गुजर गए। इसकी शादी करनी थी मेरे को। अभी यह इतना खुश था। बहुत खुश था। हर चीज की इसने रखी थी तैयारी। मम्मी आज मुझे ऐसे लगा कि मुझे बुला रहा है। मम्मी मम्मी बुला रहा है। हम लोग एक साथ रहते थे एक साथ उस दिन मेरे साथ अच्छे से बात करके गया। हम लोगों ने एक साथ डिनर भी किया उस दिन।

अभी भी ऐसा लग रहा है मेरे दरवाजे पे खड़ा है। एक महीना हो गया। अभी मैं उसका वेट कर रही हूं। मेरे को अब मेरी आंखें भी पत्थर के जैसे हो गई है। हम इतना रो चुके हैं अभी घर में। कितना गम हुआ है इसके बाबा जी को भी। प्लीज, जस्टिस फॉर केतन।

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