हापुड़ के अर्जुन नगर की रहने वाली रिया अपनी मां के साथ जेवर खरीदने एक सर्राफ की दुकान पर पहुंची थी। खरीदारी के दौरान प्यास लगने पर पास के जनरल स्टोर से एक सील बंद ब्रांडेड पानी की बोतल मंगाई गई।
बोतल पूरी तरह सील थी इसलिए किसी को भी उस पर शक नहीं हुआ। लेकिन जैसे ही रिया ने दो घूंट पानी पिया उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और मौके पर अफरातफरी मच गई।
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि बोतल खोलकर पानी पीने के कुछ ही सेकंड के बाद रिया बेचैन हो जाती है। उसे उल्टियां होने लगती हैं और वह घबराकर दुकान के बाहर भागती है।
परिजन और आसपास मौजूद लोग तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां हालत गंभीर होने पर मेरठ रेफर कर दिया गया। फिलहाल युवती का इलाज जारी है। घटना के बाद जब बोतल में बचा हुआ तरल फर्श पर डाला गया तो लोगों के होश उड़ गए।
वहां जैसी तीखी गंध फैल गई। झाग बनने लगे और फर्श पर जलने जैसे निशान दिखाई दिए। इसके बाद तो इलाके में सनसनी फैल गई। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर बोतल सील बंद थी तो उसके अंदर तेजाब आखिर पहुंचा कैसे? ठंडी चिल्ड बोतल है।
दुकानदान ने लिया। लंबी चिल्ड बोतल है। शील्ड हो रही है। ये लेके जाओ। जिस जनरल स्टोर से पानी की बोतल मंगवाई गई थी, उस महिला का कहना है कि उनकी दुकान पर तेजाब नहीं बेचा जाता। उनके मुताबिक एक बच्चा पानी की बोतल लेने आया था और उन्होंने फ्रीजर से सील बंद बोतल निकाल कर दे दी।
बोतल देखकर ना उन्हें ना बच्चे को और ना ही युवती को किसी तरह का कोई शक हुआ। ऐसे में मामला और भी रहस्यमई बन गया है। दुकान से पानी की बोतल खरीदी गई थी। क्या मामला है? बताया जा रहा है कुछ नहीं था। बच्चा पानी की बोतल ले गया। जैसे ये बोतल रखी है। मैंने ऐसे निकाल के दे दी। वहां जाके उन्होंने पीओगी जैसे भी है। आके बोला आंटी उसमें ।
मैंने की बेटा मेरे तो तजाब ही ना है दुकान पे। बोले उसके तो गले में सारे में वो हो गई एकदम। तो आपने ये जो बोतल दी थी कहां से निकाल के दी थी? डीप फ्रिज में से निकाल के दी थी। जैसे मैं पेटी में से निकाल के लगाती हूं उसमें से। ऐसे दूसरी निकाल के हाथ लगा दी मैंने उसने। आपको क्या जानकारी हुई? वही हुई कि वो बच्चा कह रहा है आके जावे।
देखने में उसे भी नहीं पता चली। मुझे भी नहीं चली। जो पी रही है उस बच्ची को भी नहीं पता चली। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज के साथ पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। सर्राफ, दुकानदार और बोतल लाने वाले किशोर से पूछताछ की जा रही है। जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि कहीं यह नकली ब्रांडिंग का खेल तो नहीं या फिर सप्लाई चेन में किसी स्तर पर गंभीर लापरवाही हुई है। फिलहाल इस घटना ने सीलबंद पानी की बोतलों की सुरक्षा और गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।