न्यूजीलैंड में पीएम मोदी के इस स्वागत ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा। न्यूजीलैंड का यह पारंपरिक स्वागत इतना अनोखा है कि वीडियो स्क्रॉल करते-करते आप भी एक बार रुक कर इसे देख चुके होंगे।
लेकिन आपने शायद यह नहीं देखा होगा कि इस स्वागत के दौरान पीएम मोदी के पास खड़े एसपीजी कमांडो अचानक क्यों एक्टिव हो गए। आप शायद यह भी जानना चाहते हो कि पीएम मोदी का ऐसा स्वागत क्यों किया गया? न्यूजीलैंड ऐसा स्वागत क्यों और किस लिए करता है। इसके अलावा पीएम मोदी को इस स्वागत के दौरान जमीन से क्या उठाना पड़ा शायद उस पर भी आपकी नजर नहीं गई होगी।
लेकिन न्यूजीलैंड के इस पारंपरिक स्वागत के बारे में हम आपको सब कुछ बताएंगे। दरअसल आप भाला उठाए जिन लोगों को देख रहे हैं उन्हें माउरी कहा जाता है। माउरी लोग न्यूजीलैंड के वास्तविक और प्रथम मूल निवासी हैं। पीएम मोदी का जो स्वागत किया गया उसे माउरी पोहेरी कहा जाता है।
यह न्यूजीलैंड के मूल निवासियों की एक पारंपरिक स्वागत समारोह प्रक्रिया है। इस दौरान मेहमानों के स्वागत और उनके शांतिपूर्ण इरादों की पुष्टि के लिए हाका नामक उग्र युद्ध नृत्य या ललकार का प्रदर्शन किया जाता है। ओहरी के दौरान एक मावरी योद्धा अपने हाथ में भाला लेकर आगे बढ़ता है। मेहमानों के रास्ते में एक पत्ता या टहनी रखता है। यदि मेहमान उस पत्ते या टहनी को उठा लेते हैं तो इसे शांति के संकेत के रूप में स्वीकार किया जाता है। जिसके बाद हाका नृत्य किया जाता है।
आप देखिए कि जब एक माउरी भाला लेकर पीएम मोदी के पास बढ़ा तो वहां खड़े एसपीजी कमांडोस किस तरह से एक्टिव हो गए। दिलचस्प बात यह है कि मौरी योद्धा अपने प्रोटोकॉल फॉलो कर रहे थे और एसपीजी कमांडोज़ अपने। पीएम मोदी के पास कोई हथियार जैसी चीज आती है तो एसपीजी पोजीशन ले लेती है। यह एसपीजी की ट्रेनिंग का एक अहम हिस्सा है।
हालांकि यहां पर पीएम मोदी को कोई खतरा नहीं था। पीएम मोदी एक पारंपरिक स्वागत में हिस्सा ले रहे थे। बहरहाल हमने आपको बताया था कि सांकेतिक रूप में मेहमानों के इरादों को समझने के लिए बावरी योद्धा पत्ता या टहनी बीच में रख देते हैं। पीएम मोदी के सामने भी एक पत्ता रखा गया। पीएम मोदी ने सामने रखे पत्ते को उठाकर संकेत दिया कि वह एक शांतिपूर्ण इरादे से आए हैं। नहीं तो अपनी.