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शाहरुख खान ने इस फिल्म के मेकर्स के 42 लाख रुपए किए माफ, मचा हड़कंप!

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देओलबंद 2 वो मराठी फिल्म जो बनी तो ₹8 करोड़ में मगर बॉक्स ऑफिस पर इसने ऐसी हुंकार भरी कि कुछ ही दिनों में ₹100 करोड़ का अंबार लगा दिया और प्रवीण तर की यह फिल्म मराठी सिनेमा के इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई। इसके श्रेय का एक टुकड़ा शाहरुख खान के हिस्से भी जाता है। उनके कहने पर रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट ने इस फिल्म के डीसीपी यानी डिजिटल सिनेमा पैकेज के बिल पर 40 से ₹42 लाख का डिस्काउंट दे दिया।

बकॉल मेकर शाहरुख ने अपनी टीम से बस इतना पूछा कि फिल्म कैसी है? जवाब मिला बेहतरीन और बस शाहरुख ने कहा फौरन डीसीपी हैंडओवर करो और फिल्म रिलीज होने दो। मेकर्स तो इसके लिए शाहरुख की कृतज्ञ हैं। उनकी तारीफ करते थक नहीं रहे हैं। मगर शाहरुख पर इतनी बड़ी मदद के बावजूद उंगलियां उठी। आड़े तिरछे सवाल किए गए।

हाल ही में डायरेक्टर प्रवीण टरदे ने पडकट्टा नाम के YouTube चैनल पर इस बारे में लंबी चर्चा की। उन्होंने उन सभी ट्रोल्स और आलोचकों को जवाब दिया जो धर्म के नाम पर बेकार के मुद्दे उठा रहे थे। दरअसल लोग पूछ रहे हैं कि एक मुस्लिम एक्टर हिंदू देवता पर बनी फिल्म को सपोर्ट क्यों करेगा? इसमें उनका कोई हिडन एजेंडा रहा होगा। इन बातों का जवाब देते हुए प्रवीण तर्दे ने कहा इसमें हिंदू मुस्लिम वाला एंगल कहां से आ गया? वो यानी शाहरुख खान भी फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा है और मैं भी। हम उनके पास डिस्काउंट की उम्मीद में गए थे। हमारे पास सिर्फ 12-13 लाख ही थे।

जबकि बिल ₹43 लाख का था। शाहरुख ने अपनी टीम से फिल्म के कंटेंट के बारे में पूछा। टीम ने कहा फिल्म तगड़ी बनी है और शाहरुख ने कहा तो हो गया फैसला। डीसीपी हैंडओवर करो बाकी सब बाद में देखा जाएगा। प्रवीण करदे फिल्म रिलीज होने से पहले यह बिल चुकाने की स्थिति में नहीं थे। उन्होंने कहा फिल्म रिलीज़ के लिए तैयार थी। मगर इससे पहले हमें सारे पेमेंट्स करने थे और शाहरुख ने कहा सब बाद में हो जाएगा।

पहले फिल्म रिलीज़ होना चाहिए। क्या यह उदारता नहीं है? कोई इतना बड़ा दिल रखते हुए हमारी मदद करे तो क्या सिर्फ धर्म के नाम पर हमें उसकी उदारता को नजरअंदाज कर देना चाहिए नहीं बल्कि पूरे सम्मान से उसे एकनॉलेज करना चाहिए। प्रवीण तरदे ने इस चर्चा में यह भी स्पष्ट किया कि शाहरुख खान के प्रति आभार व्यक्त करने का उनके उसूलों से कोई संबंध नहीं है। अपनी हिंदुत्व पर उठती उंगलियों के बारे में प्रवीण ने कहा, जहां तक हिंदुत्व का सवाल है तो मुझे किसी को कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है।

शाहरुख खान को धन्यवाद देने का मेरी हिंदुत्ववादी विचारधारा से कोई लेना देना नहीं है। एक अच्छा इंसान अच्छा इंसान ही होता है। चाहे जिस भी धर्म का क्यों ना हो। देओल बंटू रिलीज होने के बाद प्रवीण ने शाहरुख के इस जेस्चर की तारीफ सरेआम की। अलग-अलग मंचों पर उनका जिक्र किया।

इसके बाद कई लोगों ने उनके हिंदुत्व पर सवाल उठाए। साथ ही यह भी कहा कि वो इस फिल्म से एक बड़े बॉलीवुड स्टार का नाम जोड़कर फिल्म की क्षेत्रीय पहचान को धूमिल कर रहे हैं। इन बातों का जवाब देते हुए प्रवीण ने Instagram पर लिखा मैं इतने समय से महाराष्ट्र भर में घूम रहा था। किसी ने मेरी तरफ ध्यान नहीं दिया। लेकिन जैसे ही मैंने एक बॉलीवुड स्टार का नाम लिया, सबकी कलम चलने लगी। कुछ लोगों ने इस फिल्म को रोकने की बहुत कोशिश की थी,

लेकिन वो सफल नहीं हो सके। तो अब अप्रत्यक्ष रूप से इसका विरोध कर रहे हैं। यह फिल्म किसी तथाकथित बड़े नाम या प्रभावशाली व्यक्ति के समर्थन के बिना यहां तक पहुंची है। यह यहां तक इसलिए पहुंची है क्योंकि इसके पीछे की मेहनत सच्ची थी। किसी दूसरे को उसके हक का श्रेय देने से इंकार करके कोई बड़ा नहीं बन जाता। चाहे वह पित्त यानी फिल्म का किरदार हो या शाहरुख खान इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर किसी ने आपकी मदद की है तो आपको खुले तौर पर इसे स्वीकार करना चाहिए और सार्वजनिक रूप से उनकी सराहना करनी चाहिए। प्रवीण तर के मुताबिक इस फिल्म ने वर्ल्ड वाइड कुल 91.55 करोड़ कमाए।

इंटरनेशनल मार्केट से इसने 6.55 करोड़ की अतिरिक्त कमाई की। महाराष्ट्र में इसके टेंट शो भी हुए जिससे इसने 2.45 करोड़ का कलेक्शन किया। इस तरह यह फिल्म ₹100 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई। ये तमाम जानकारी जुटाई मेरे साथी अंकिता जोशी ने। मैं हूं आकांक्षा गोगोई। कैमरे के पीछे उदित है।

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