देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में आसमानी आफत का दौर जारी है। तस्वीरें गवाह हैं कि मुंबई में मानसून किस कदर रौद्र रूप अख्तियार कर चुका है। भारी बारिश और घने बादलों के कारण मुंबई का आसमान पूरी तरह ढक चुका है।
जिसका सीधा असर अब विमानों की आवाजाही पर पड़ने लगा है। मूसलाधार बारिश ने अब हवाई सेवाओं की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है।
मुंबई में खराब मौसम और बेहद कम विजिबिलिटी के कारण आज आसमानों में एक फ्लाइट की सुरक्षा को लेकर भारी सस्पेंस देखा गया। जिससे फ्लाइट में सवार 150 से ज्यादा मुसाफिरों के होश पख्ता हो गए।
दरअसल बेंगलुरु से अपने निर्धारित समय पर उड़ान भरने वाली इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट जब मुंबई के हवाई क्षेत्र में पहुंची तो रनवे पर विजिबिलिटी यानी दृश्यता लगभग शून्य के बराबर थी। जिसके बाद फ्लाइट को मुंबई एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत नहीं मिली। हालांकि पायलट कुछ देर तक विमान को गो अराउंड यानी हवा में चक्कर लगाने वाले मोड़ में रखा लेकिन दूर-दूर तक रनवे दिखाई ना देने की वजह से विमान मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर सका।
घने बादलों और लगातार हो रही बारिश के बीच मुंबई एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी ने लैंडिंग को असुरक्षित माना। ईंधन की सीमा और सैकड़ों यात्रियों की जान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पायलट ने तुरंत फैसला लिया।
पायलट ने राजकोट के हरिहर एयरपोर्ट पर संपर्क किया जिससे इस संकट की स्थिति में सबसे सुरक्षित और सक्षम विकल्प माना गया है। राजकोट एयरपोर्ट प्रशासन ने भी स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना वक्त गवाए सक्रियता दिखाई और विमान को लैंडिंग की तुरंत मंजूरी दे दी। हीरासर एयरपोर्ट के आधुनिक लंबे रनवे और एडवांस नेविगेशन सिस्टम की मदद से पायलट ने बिना किसी परेशानी के विमान को सुरक्षित रनवे पर उतार लिया।
विमान के लैंड होते ही प्रशासन और यात्रियों ने राहत की सांस ली। हालांकि सफर में हुई इस देरी से यात्री थोड़े परेशान जरूर दिखे लेकिन एयरपोर्ट अथॉरिटी और इंडिगो के स्टाफ ने टर्मिनल पर यात्रियों की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा। मौसम विभाग की मानें तो मुंबई पर अभी भी संकट टला नहीं है। पश्चिम तट पर सक्रिय मानसून सिस्टम की वजह से अगले 24 घंटे के दौरान मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में भारी बारिश से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
इस वजह से मुंबई आने वाले कई अन्य उड़ानों के समय में भी बदलाव किया गया है। राहत की बात यह रही कि मुंबई में मौसम थोड़ा सामान्य होने और विजिबिलिटी में सुधार के बाद उस फ्लाइट को वापस मुंबई के लिए रवाना कर दिया गया।
लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि राजकोट का यह नया अंतरराष्ट्रीय तेरासर एयरपोर्ट संकट के समय में पश्चिमी भारत के हवाई संचालन के लिए एक बेहद मजबूत और सुरक्षित विकल्प बनकर उभरा है।