यह तो हम सब जानते हैं कि एक टाइम ऐसा आया था जब बॉलीवुड इंडस्ट्री से दो बड़े लोग ओशो के प्रभाव में थे और वह सब कुछ छोड़छाड़ के ओशो के आश्रम चले गए थे। इसमें महेश भट्ट और विनोद खन्ना का नाम शामिल है। महेश भट्ट तो जल्दी निकल गए लेकिन विनोद खन्ना इस मामले में लंबे फंसे रहे और वह तो अपना चमकता करियर छोड़कर यूएस तक चले गए थे ओशो के साथ में।
लेकिन अब इसी बीच महेश भट्ट ओशो से कैसे निकले और क्यों विनोद खन्ना नहीं निकल पाए इस पर बात की महेश भट्ट की बेटी पूजा भट्ट ने। अपने लेटेस्ट पडकास्ट में पूजा भट्ट ने बताया कि ओशो के आश्रम से निकलना इतना आसान नहीं था क्योंकि ओशो को छोड़कर जाने वाले लोग पसंद नहीं थे और अगर कोई उन्हें छोड़कर जाता था तो उसे उसका अंजाम भुगतना पड़ता था। यही हाल था ओशो की सेक्रेटरी मां शशीला का भी। महेश भट्ट जब ओशो के आश्रम को छोड़कर आए थे तब उन्होंने ओशो की माला को तोड़कर उसे फ्लश कर दिया था। लेकिन तब भी ओशो ने उनका पीछा नहीं छोड़ा था।
पूजा भट्ट ने बताया कि तब विनोद खन्ना को ओशो ने अपना मैसेंजर बना दिया था और वह विनोद खन्ना के जरिए मेरे पिता को धमकियां दिलवाते रहते थे कि आ जाओ नहीं तो ओशो तुम्हें बर्बाद कर देंगे। इनफैक्ट जब एक टाइम तक महेश भट्ट ने यह धमकियां इग्नोर की तब विनोद खन्ना के जरिए यह तक कहलवाया गया कि चलो तुम वापस मत आओ लेकिन ओशो की जो माला है वह तो दे दो वापस। खैर महेश भट्ट वो माला कहां से देते? वो माला तो उन्होंने फ्लश कर दी थी। पूजा भट्ट ने बताया कि थ्रेट इतना ज्यादा था कि उन्हें आधी रात को पूर्णा की एक सुनसान लोकेशन पर जाना पड़ा और कई दिनों तक वह वहीं पर छुप कर रहे कि कहीं ओशो उन्हें या उनके परिवार को नुकसान ना पहुंचा दे।
पूजा भट्ट ने ओशो को एक फ्रस्ट्रेटेड लवर की तरह डिस्क्राइब किया है जिसे लोग छोड़कर जाते हुए अच्छे नहीं लगते। उन्हें बस यही चाहिए कि वह उन्हें पूजते रहे। उनके जो फॉलोअर्स हैं वह उन्हें हमेशा भगवान बनाकर रखें। पूजा भट्ट ने यह भी बताया कि बचपन में वह भी ओशो के आश्रम गई है और कई बार ओशो के पैर छुए हैं उन्होंने। लेकिन ओशो बहुत अजीब थे।
कई बार अगर ओशो को आपके परफ्यूम की या आपके शैंपू की स्मेल पसंद नहीं आती थी तो फिर आपको वहां से हटा दिया जाता था। इस तरह की चीजें पूजा भट्ट ने अपने सामने होते हुए देखी है। खैर महेश भट्ट जैसे तैसे ओशो से छूट गए। लेकिन विनोद खन्ना तो लंबे फंसे रहे। ओशो का आश्रम जब पुणे से यूएस शिफ्ट हुआ तब विनोद खन्ना यूएस भी चले गए। हालांकि जब वहां पर आश्रम में कुछ अजीब चीजें हुई वहां पर रेड पड़ी और ओशो को अरेस्ट किया गया तब विनोद खन्ना वापस फिल्म इंडस्ट्री में आए और फिर से उन्होंने अपना फिल्मी करियर शुरू किया। हालांकि तब वैसी सक्सेस नहीं मिल पाई जैसी सक्सेस ओशो के आश्रम जाने से पहले