नमस्कार दोस्तों, एक बार फिर आप सभी का स्वागत है मनोज फिल्मी पडकास्ट में। शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक शानदार फिल्में दी। पर उन्होंने दो ऐसी फिल्मों को छोड़ दिया था जिसे करने के बाद अमिताभ बच्चन सुपरस्टार बन गए थे। दोस्तों, यह दो फिल्में हैं दीवार और शोले। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुद माना था कि उन्हें यह फिल्म नहीं छोड़नी चाहिए थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें इसका आज भी पछतावा है। दोस्तों वीडियो में आगे बढ़ने से पहले प्लीज मेरे चैनल को सब्सक्राइब करके बेल आइकन को जरूर प्रेस कर दीजिएगा। तो चलिए दोस्तों वीडियो को शुरू करते हैं।
दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने बॉलीवुड में अपनी एक खास पहचान बनाई है। साल 1969 में फिल्म साजन से फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाले शत्रुघ्घन सिन्हा एक जमाने में हिंदी सिनेमा के टॉप एक्टर्स में शुमार थे। उनकी एक्टिंग और डायलॉग डिलीवरी के लोग दीवाने हुआ करते थे। पर अपने करियर में उन्होंने कुछ ऐसी फिल्मों को ना कहा जिन्हें छोड़ने का बाद में उन्हें पछतावा भी हुआ। उन्होंने खुद कबूल किया था कि जब वह अपने करियर में पीक पर थे तो उन्होंने दीवार और शोले जैसी हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों को ना कह दिया था। शत्रुघन सिन्हा के कई फैंस आज भी मानते हैं कि अगर उस वक्त उन्होंने शोले और दीवार जैसी फिल्में कर ली होती तो आज अमिताभ बच्चन से भी बड़े स्टार होते।
पर इस बारे में शत्रुघ्न सिन्हा ने कभी कुछ नहीं कहा। हालांकि उन्होंने फिल्म छोड़ने के बाद होने वाले पछतावे के बारे में जरूर बताया था। शोले और दीवार अमिताभ बच्चन के करियर की दो सबसे बड़ी फिल्में हैं। इन्हीं फिल्मों ने उनके करियर को बुलंदी पर पहुंचाने का काम किया। आज तक से बात करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने एक बार कहा था कि रमेश सिप्पी ने पहले अमिताभ बच्चन वाला रोल उन्हें ही ऑफर किया था। पर उस वक्त शत्रुघ्न सिन्हा के पास कई फिल्में थी और डेट्स का मसला हो रहा था। उन्होंने बताया कि रमेश सिप्पी उन्हें फिल्म की डेट्स नहीं बता रहे थे। वह चाहते थे कि शत्रुघ्न सिन्हा अपनी सारी डेट्स ही शोले के लिए उन्हें दे दे। हालांकि एक्टर ने ऐसा नहीं किया और यह फिल्म उनके हाथों से निकल गई। शत्रुघ्न सिन्हा ने इंटरव्यू के दौरान कहा था कि मुझे वह फिल्म कर लेनी चाहिए थी।
इस दौरान उन्होंने अमिताभ बच्चन के लिए खुशी जाहिर की थी और कहा था कि वह इस फिल्म से नेशनल आइकॉन बन गए थे। इंटरव्यू के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने दीवार रिजेक्ट करने के बारे में भी बताया था। इस फिल्म में भी अमिताभ बच्चन ने लीड रोल निभाया था और उनके एंग्री यंग मैन वाले अवतार ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया था। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा था कि मुझे दीवार ऑफर हुई थी। लेकिन मैं नहीं कर पाया था। उन्होंने इसे एक मानवीय भूल बताया था। साथ ही यह भी कहा था कि वह खुश हैं कि उन्होंने मना किया तो यह फिल्म मेरे अजीज दोस्त अमिताभ बच्चन ने की। शत्रुघ्घन सिन्हा ने यह बताकर हैरान कर दिया था कि उन्होंने आज तक शोले और दीवार नहीं देखी क्योंकि उन्हें फिल्म रिजेक्ट करने का आज भी पछतावा है। एक पुराने इंटरव्यू में
शत्रुघ्न सिन्हा ने अमिताभ बच्चन और उनकी दोस्ती को लेकर कई बड़ी बातें कही थी। वीडियो में वह यह कहते दिख रहे हैं, कि कैसे अमिताभ बच्चन के बढ़ते स्टारडम और बॉलीवुड में कास्टिंग पॉलिटिक्स के शुरू होने के साथ ही उनकी दोस्ती धीरे-धीरे खत्म हो गई। शत्रुघ्घन सिन्हा ने उस इंटरव्यू में मूवी निर्माताओं द्वारा उन्हें दरकिनार किए जाने और अमिताभ के उनके साथ ना काम करने तक कई बड़े दावे किए। शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने इस इंटरव्यू में अमिताभ बच्चन और उनके करियर को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कही। उन्होंने बताया कि शुरू में अमिताभ की फिल्में ज्यादा नहीं चली। फिर किस्मत ने उनका साथ दिया और वह आगे बढ़ने लगे और स्टार और फिर सुपरस्टार बन गए। मैं अपने तरीके से अच्छा कर रहा था। उन्होंने कहा कि कुछ चीजें ऐसी हैं जिनके बारे में लोग नहीं जानते। उन्होंने कहा कि रमेश सिप्पी की 16 में अमिताभ बच्चन की भूमिका पहले मुझे ऑफर हुई थी, लेकिन मैं उन दिनों बतौर हीरो के तौर पर उभर रहा था। मैं ऐसी भूमिका नहीं निभाना चाहता था। बकौल शत्रुघ्न सिन्हा, सलीम खान और जावेद अख्तर की दीवार मूल रूप से उनके लिए ही रखी गई थी। यह लंबे समय तक उनके डायरेक्टर के पास पड़ी रही। फिर डायरेक्टर और सलीम खान के बीच कुछ मतभेद हो गए और उन्होंने साइनिंग अमाउंट वापस ले लिया।
फिर फिल्म यश चोपड़ा को दे दी गई। उन्होंने कहा कि अमिताभ अपने करियर में आगे बढ़ गए। हम कम मिलते जुलते रहे। लेकिन हमने नसीब और शान जैसी कुछ फिल्में साथ में की। यहां शत्रुघ्न सिन्हा ने एक महत्वपूर्ण बात यह कही कि अमिताभ बच्चन नहीं चाहते थे कि मैं उनकी फिल्में करूं। शत्रुघ्घन सिन्हा के अनुसार उनके पेशे ने उनकी और अमिताभ बच्चन के बीच की व्यक्तिगत दूरी को बढ़ा दिया। काला पत्थर वो मूवी थी जिसने हमारे बीच के संबंध को एक महत्वपूर्ण मोड़ दिया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि काला पत्थर हमारी दोस्ती के ताबूत में आखिरी कील थी। अमिताभ मेरे साथ फिल्म करने के बहुत खिलाफ थे। मैं उनकी इच्छा के विरुद्ध इसमें था। हम एक समय बहुत अच्छे दोस्त हुआ करते थे। लेकिन फिल्म की शूटिंग के दौरान वो और मैं शायद ही कभी बात करते थे। मैंने काला पत्थर और फिर दोस्ताना के लिए बहुत प्रशंसा पाई। हालांकि उन्होंने यह दावा किया कि इसके बाद अमिताभ ने यह फैसला किया कि वह मेरे साथ काम नहीं करेंगे। तो दोस्तों, आज का वीडियो यहीं समाप्त करते हैं। मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में। तब तक के लिए आप सभी को टाटा बाय-ब टेक केयर।