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केतन को मारने के 34 मिनिट पहले सिया ने चेतन से कॉल पे जो कहा था, जानकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे।

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पुणे के रहने वाले नौजवान कारोबारी केतन अग्रवाल के के मामले में उसकी जो मंगेतर है सिया और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी इन दोनों ने मिलकर इतनी गहरी साजिश रची थी कि अब इस मामले की तफ्तीश कर रहे पुलिस वाले जैसे-जैसे इस मामले की गहराई में उतर रहे हैं, उन्हें साजिश का पता चल रहा है। दोनों ने मिलकर इस मर्डर को काफी पहले प्लान कर लिया था।

बल्कि सिया ने तो शायद उसी वक्त प्लान कर लिया था जब दोनों की शादी तय हुई थी और इसके बाद जब सगाई हुई तो सिया निश्चित हो गई कि अगर इस मामले में से पीछा छुड़ाना है और अगर केतन अग्रवाल से शादी करने से बचना है तो उसे केतन की जान ही लेनी होगी। तफतीश में यह सामने आया है कि चेतन ने सिया से यह कहा था कि कत्ल करने की जरूरत नहीं है। जान लेने की जरूरत नहीं है। चलो कहीं भाग चलते हैं।

अलग से शादी कर लेते हैं। लेकिन सिया ने यह कहा कि उसके लिए शायद अपने घर वालों को धोखा देकर कहीं भाग जाना ज्यादा मुश्किल है बजाय इस चीज के कि वो केतन की हत्या ही कर दे। यह अपने आप में यह बात सुनने में बड़ी अजीब लगती है। लेकिन तफ्तीश में अब जिस तरह के तथ्य उभर कर सामने आ रहे हैं, जिस तरह की बातें सामने आ रही है, उससे पता चलता है कि हमारे और आपके लिए बेशक इस थॉट पर यकीन करना मुश्किल हो, लेकिन सिया के लिए यही काम करना ज्यादा आसान था।

सिया ने चेतन के साथ इस कत्ल की प्लानिंग बहुत सीरियसली तब करने की शुरुआत कर दी थी जब फरवरी 2026 यानी इसी साल के फरवरी महीने में केतन के साथ सिया की सगाई तय हुई। इसके बाद सिया किसी भी तरह से इस रिश्ते से बाहर निकलना चाहती थी और सिया मर्डर करने के तौर तरीके जानना चाहती थी, एक्सप्लोर कर रही थी। उसने इस आईडिया को लेकर अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी से भी बातचीत की थी।

लेकिन चेतन चौधरी इस आईडिया पर बहुत ज्यादा कन्विंस्ड नहीं था। वो नहीं चाहता था कि केतन की हत्या की जाए। लेकिनकि सिया बार-बार इस बात पर जोर दे रही थी कि अगर उसे केतन से शादी करने से बचना है तो केतन को मरना होगा। वरना उसका इस शादी से पीछे हट पाना बहुत मुश्किल है। तो फिर चेतन ने इस बात के लिए हामी भर ली कि वो दोनों मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या करेंगे। लेकिन इसके लिए प्लानिंग तो करनी थी। कत्ल के तौर तरीके के बारे में जानकारी जुटानी थी। तो दोनों ने फिर Google सर्च करना शुरू किया।

यह देखना यह समझना शुरू किया कि आखिर कैसे किसी इंसान की जान ली जाए कि उसकी मौत भी हो जाए और जान लेने वालों पर कोई शक भी ना करे। बहुत तरह के आइडियाज जो है इन लोगों ने इंटरनेट पर सर्च किए। लेकिन किसी भी एक आईडिया पर यह पूरी तरह से कन्विंस्ड नहीं हो पाए कि यह काम करने से वो बच निकलेंगे। इसी बीच किस्मत का खेल देखिए कि केतन अग्रवाल ने 31 मई को खुद जो है पहली बार सिया को लोहगढ़ किले चलने के लिए कहा।

केतन खुद एक फन लविंग लड़का था। जितना होनहार था, जितना टैलेंटेड था, उतना ही उसे अलग-अलग एडवेंचर स्पोर्ट्स में भी इंटरेस्ट था। खासकर वो ट्रैकिंग करना बहुत पसंद करता था और इसी इरादे से वो लोग फोर्ट पहले भी जा चुका था और इस बार उसने अपनी मंगेतर सिया को वहां घुमाने ले जाने का फैसला किया। सिया भी उसके साथ जाने के लिए तैयार हो गई क्योंकि मना करती पीछे हट जाती तो जाहिर है उस पर शक होता और सिया ऐसा चाहती नहीं थी।

लेकिन सिया जब लोढ़ के फोर्ट पर केतन के साथ पहुंची तो उन जगहों पर गई जो जगह बिल्कुल आइसोलेटेड और सुनसान से थे। जिनकी ऊंचाई बहुत ज्यादा थी और जहां पर कोई सेफ्टी फेंसिंग या दीवार जैसी चीज नहीं थी और वहीं जाने के बाद 31 तारीख को 31 मई को पहली बार सिया को यह आईडिया आया कि केतन को यहां से धक्का देकर नीचे गिराया जा सकता है और केतन की मौत हो सकती है। ऐसे में कोई उस पर शक भी नहीं करेगा। वहां से वो लौट कर आई। लेकिन इस आईडिया पर वो लगातार काम करने लगी। इसके बाद उसने चेतन से भी इसके बारे में बातचीत की जो उसका बॉयफ्रेंड है चेतन चौधरी और दोनों इस पर एक राय हो गए कि हां लोहगढ़ किले के ऊपर से उसे धक्का दिया जाएगा और जैसा कि आप जानते हैं 14 जून को जब यह फिर से लोहगढ़ के किले पर गए तब सिया ने केतन को धक्का देने की कोशिश भी की थी बल्कि धक्का दे भी दिया था। लेकिन केतन एक पेड़ की टहनी को पकड़ कर नीचे गिरने से बच गया और तब सिया ने यह कहकर बहाना बनाया था कि एक सांप था जिससे बचाने के लिए मैंने तुम्हें किनारे हटाने की कोशिश की और तुम गिरतेगिरते बचे। असल में मैं तुम्हारी जिंदगी बचाना चाहती थी।

केतन ने भी उसकी बात पर यकीन कर ली कर लिया। हालांकि उसे थोड़ा शक जरूर हुआ जिसका जिक्र उसने अपने पिता विशाल अग्रवाल से 14 जून को वहां से लौट कर आने के बाद किया था। एग्जैक्टली इस घटनाक्रम के बारे में नहीं जिक्र किया था। वह बात हो सकता है उसने अपने मन में ही रखी थी लेकिन उसने अपने पिता से यह जरूर कहा था कि क्या आपने सिया के बारे में सारी जानकारी पता कर ली है कि वह शादी में एग्री है या नहीं आगे बढ़ना चाहती है या नहीं तब विशाल अग्रवाल ने अपने बेटे से कहा था कि रिश्ते नाते के बीच में यह बातचीत हो रही है गोयल परिवार को हम सब जानते हैं तो इसीलिए तुम इस रिलेशन को लेकर निश्चिंत रह सकते हो। इस बात का जिक्र खुद केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में भी किया है।

तो यह तो एक अलग पहलू है। लेकिन अब इन दोनों के कत्ल की तैयारी की अगर बात करें तो इन दोनों ने पहले तो सर्चिंग की। सर्च करने के बाद फिर लोहगढ़ किले पहुंचे। वहां जाकर मन बना लिया कि यहीं से धक्का देकर गिराएंगे। एक कोशिश नाकाम हुई। उसके बाद अगली कोशिश के लिए फिर से 18 जून की तारीख इन लोगों ने तय की। पकड़ी ना जाए। इसलिए यह जितनी भी बातें करते थे खासकर मर्डर प्लान से रिलेटेड उन सारे चैट्स को यह दोनों चेतन और सिया ये दोनों अपने-अपने मोबाइल फोन से डिलीट कर दिया करते थे। लेकिन 18 तारीख का दिन सबसे क्रूशियल था क्योंकि इसी दिन इस घटना को अंजाम देना था।

सिया निकल चुकी थी केतन को लेकर। पीछे-पीछे चेतन को आना था। एक तरह से सिया को इस काम में मदद करने के लिए और उसको कवर देने के लिए। और आपको जानकर हैरानी होगी कि 90 कि.मी. की दूरी चेतन चौधरी ने स्कूटी में नाप दी। स्कूटी पर बैठकर स्कूटी चलाता हुआ वो अपने घर से निकला और सीधे लोहगढ़ के किले पर पहुंचा। इसका जो गैप है, जो डिस्टेंस है वो 90 कि.मी. का है। आमतौर पर इतनी ज्यादा दूर या तो इंसान कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट लेता है, कैब वगैरह करता है या फिर फोर व्हीलर से ट्रेवल करता है। लेकिन चेतन ने जानबूझकर ऐसा इसलिए किया ताकि टोल गेट पर टोल नाकों पर कोई कार जिस तरह से टोल चुकाने पर वो इंटरसेप्ट होती है, पकड़ी जाती है या सीसीटीवी कैमरे मेंकि एक बड़ी चीज है कार तो उसकी तस्वीरें साफ-साफ कैद होती है।

तो वो स्कूटी के सहारे कहीं से वो स्नीक करना चाहता था, निकल जाना चाहता था। इस इरादे से वो स्कूटी लेकर लोहगढ़ किले की तरफ बढ़ा था और वो प्लान के मुताबिक लोढ़ किले के पास पहुंच भी गया था। उन लोगों ने पहले सेकि तैयारी कर ली थी तो सारे वो सीसीटीवी कैमरों को भी उन्होंने देखा था कि किन कैमरे के पास में उन्हें किस अटायर में रहना है। कहां हुडी पहननी है, कहां मास्क पहननी है, कहां टीशर्ट चेंज करनी है। ये सारी तैयारी उन्होंने कर रखी थी।

और सबसे क्रूशियल और इंपॉर्टेंट बात इन दोनों के बीच में केतन अग्रवाल के नीचे गिराए जाने से या केतन अग्रवाल की हत्या किए जाने से 34 मिनट पहले हुई थी। 34 मिनट्स। 34 मिनट पहले सिया और चेतन की एक दूसरे से बातचीत हुई थी। हालांकि तब केतन जो है वो सिया के साथ मौजूद था। लेकिन सिया किसी बहाने से उससे थोड़ी दूर हट गई थी और उसने अपने बॉयफ्रेंड से फोन पर बात की थी। यह समझा जाता है कि यह दोनों के बीच में कत्ल के इस मामले को एग्जीक्यूट करने के लिए एक फाइनल डिस्कशन था। जिसके बाद सिया ने यह मन बना लिया कि अब केतन अग्रवाल को मरना ही होगा और उसकी मौत निश्चित है।

34 मिनट पहले सिया और चेतन के बीच में यह जो आखिरी बातचीत हुई थी, इस बातचीत को और कुछ चैट्स भी हुए थे। इसको किसी भी इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी या घर वालों की निगाहों से छुपाने या बचाने के लिए इन्होंने इस बातचीत के इस कन्वर्सेशन के तुरंत बाद डिलीट कर दिया था। लेकिन जब दोनों के मोबाइल फोन पुलिस ने जब्त किए और मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच शुरू हुई। दोनों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड जब पुलिस ने निकाले तो यह पता चला कि केतन अग्रवाल की हत्या के ठीक 34 मिनट पहले दोनों ने आखिरी बार बातचीत भी की थी। वो एक सीक्रेट कन्वर्सेशन थी जो इस कत्ल को एग्जीक्यूट करने से पहले किया गया था और इससे बचने के लिए उन्होंने जो कन्वर्सेशन है उस कॉल लॉग को भी डिलीट कर दिया था और साथ ही जो चैट है उसे भी डिलीट कर दिया था। लेकिन एक्सपर्ट्स ने अब उन चीजों को रिट्रीव कर लिया है जिससे यह क्लियर हो गया है कि दोनों के बीच में आखिरी बार केतन की हत्या के 34 मिनट पहले बातचीत हुई थी।

तो ये एक बहुत इंपॉर्टेंट एविडेंस के तौर पर यह जानकारी पुलिस के हाथ लगी है। इसके अलावा जो कुछ और तथ्य सामने आए हैं उसमें वो एक करोड़ वाला फैक्ट भी शामिल है। एनडीt ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है कि ₹1 करोड़ केतन अग्रवाल से सिया गोयल ने लिए थे शादी की तैयारियों की बात कहते हुए और केतन ने यह रुपए दिए क्योंकि सिया उसकी मंगेतर थी और सिया कहती थी कि शादी की तैयारी करनी है। लेकिन खेल देखिए कि सिया ने ये पैसे सीधे अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी को ट्रांसफर कर दिए क्योंकि चेतन चौधरी आर्थिक रूप से केतन अग्रवाल या अग्रवाल फैमिली की तरह एफ्लुएंट नहीं था और उसने अपने आप को बिजनेस में इस्टैब्लिश करने के लिए कम से कम तीन सालों का वक्त मांगा था और सिया इसके लिए तैयार थी। प्लानिंग तो यहां तक दोनों ने कर रखी थी कि केतन की हत्या कर देने के बाद भी सब कुछ अगर नॉर्मल रहा कोई शक नहीं हुआ वो पकड़े नहीं गए तो ऐसा करने के बाद भी कम से कम 3 साल तक वो एक दूसरे के साथ मतलब शादी नहीं करेंगे मिलनेजुलने की बात तो खैर अलग है.

लेकिन शादी नहीं करेंगे ये उन्होंने पहले से प्लान कर रखा था और इस घटना को अंजाम देने के बाद उन्होंने ना सिर्फ एक दूसरे के साथ बातचीत के सारे रिकॉर्ड्स मिटा दिए थे बल्कि ये भी तय किया था कि अब कुछ दिनों तक वो वो एक दूसरे से ना तो मिलेंगे और ना ही बातचीत करेंगे ताकि यह मामला ठंडा हो जाए और किसी को भी उन पर शक ना हो। लेकिन इतनी तैयारी करने के बावजूद जब तफ्तीश आगे बढ़ी तो एक-एक करके इस मामले के सारे सिरे खुलते चले गए और एक से बढ़कर एक सबूत पुलिस के हाथ लगे। अभी जो सबसे इंपॉर्टेंट सबूत और लेटेस्ट सबूत पुलिस के हाथ लगा है। उसमें वो एक ₹1 करोड़ का ट्रांजैक्शन तो है ही।

लेकिन साथ ही जो 34 मिनट पहले सिया की और चेतन चौधरी की केतन की हत्या से पहले जो सीक्रेट बातचीत हुई थी कन्वर्सेशन हुआ था वो कन्वर्सेशन भी उसका कॉल लॉक भी पुलिस के हाथ लगा है और ये इन दोनों के खिलाफ एक अहम सबूत आने वाले दिनों में साबित हो सकता है।

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