क्या आप यकीन करेंगे कि एक ऐसा समय था बॉलीवुड के दो बड़े सितारे जितेंद्र और रेखा के बीच विवाद हुआ। फिल्म इंडस्ट्री में महीनों तक इसकी चर्चा होती रही। क्या सचमुच रेखा ने जितेंद्र को सबके सामने खरी-खोटी सुनाई थी या फिर यह सिर्फ एक फिल्मी गलियारों में फैली हुई अफवाह थी। आज के इस वीडियो में हम तमाम तथ्यों के बारे में जानेंगे। आखिर दोनों के रिश्ते में कैसे शुरुआत हुई? किस वजह से फिल्मों में साथ काम किया। विवाद के बाद कैसे फैली खबरें और इन दावों की सच्चाई क्या है?
वीडियो को अंत तक जरूर देखिए। क्यों आखिर में हम बताएंगे कि पूरे विवाद के बारे में क्या प्रमाण मौजूद है और क्या सिर्फ यह सिर्फ एक गसिप ही है या इसके पीछे भी कोई बड़ी वजह है। 70 और 80 के दशक में जितेंद्र और रेखा दोनों बॉलीवुड के सबसे व्यस्त सितारों में गिने जाते थे। दोनों ने कई फिल्मों में एक साथ काम किया और उनकी ऑन स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब ज्यादा पसंद किया। निर्माता निर्देशक भी इस जोड़ी को बार-बार कास्ट करना चाहते थे क्योंकि उनकी फिल्में अच्छा कारोबार करती थी
लेकिन जहां सफलता होती है वहां अफवाहें भी जन्म लगने लगती हैं। समय के साथ फिल्मी पत्रिकाओं में ऐसीऐसी खबरें छपने लगे कि दोनों के बीच किसी फिल्म की शूटिंग के दौरान मतभेद हो गए। कुछ रिपोर्टरों में दावा किया कि दोनों के बीच बहस हुई है। कुछ ने यह तक दावा किया कि दोनों की काफी जबरदस्त लड़ाई हुई है। हालांकि इन दावों के समर्थन में कोई विश्वसनीय वीडियो सामने नहीं आया ना ही आधिकारिक बयान उपलब्ध है। यही कारण है कि इन घटनाओं को तथ्य रूप में देखना बल्कि उस दौर की मीडिया रिपोर्ट और गसिप्स के रूप में देखा ही जा सकता है। सबसे बड़ा सवाल यही है। क्या जितेंद्र और रेखा के बीच सार्वजनिक रूप से कोई बड़ी लड़ाई हुई थी?
आज तक कोई प्रमाणित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। जिससे यह साबित हो कि दोनों के बीच किसी कार्यक्रम या शूटिंग पर बड़ा झगड़ा हुआ हो। हां, कई फिल्मी मैगजीनों में इस दौर में मतभेदों की खबरें प्रकाशित हुई। लेकिन दोनों कलाकारों ने कभी खुलकर इस तरह की किसी बड़ी लड़ाई का जिक्र ही नहीं किया। अगर दोनों के बीच वास्तव में गहरी दुश्मनी होती तो संभवत वह आगे एक साथ काम नहीं करते। लेकिन दोनों ने समय-समय पर पेशेवर तरीके से एक साथ काम जारी रखा। यह बात इस बात का संकेत माना जाता है
कि यदि मतभेद रहे भी होते तो व्यक्तिगत दुश्मनी से नहीं बदले। उस दौर में सोशल मीडिया नहीं थी। फिल्मी पत्रिकाएं ही मनोरंजन की खबरों का सबसे बड़ा स्त्रोत थी। कई बार किसी छोटी बड़ी बहस या असहमति को बढ़ा चढ़ाकर सनसनीखेज अंदाज में पेश किया जाता था ताकि पत्रिकाओं की बिक्री बढ़ सके। इसलिए उस समय की हर खबर को अंतिम सत्य मानना गलत होगा। जहां तक जितेंद्र और लगातार हिट फिल्में दे रहे थे। रेखा भी अपने अभिनय में नई-नई ऊंचाइयां छू रही थी। दोनों अपने करियर में अलग पहचान बनाने में लगे थे। उनकी पैसे स्थितियां काफी अच्छी थी। तो क्या जी